शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकी संगठन किया घोषित, हथियार-ड्रग्स से सोशल मीडिया तक फैला था इसका जाल?

Updated:
विज्ञापन

शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकी संगठन किया घोषित (सांकेतिक तस्वीर)

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया गया. जानें हथियार, ड्रग्स और विस्फोटकों की तस्करी से लेकर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने तक इसका नेटवर्क कैसे काम करता था.

विज्ञापन

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवाद की ओर धकेलने की गतिविधियों में शामिल रहा है. नेटवर्क पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को निशाना बनाने वाले नफरत भरे डिजिटल कंटेंट फैलाने का भी आरोप है.

विज्ञापन

इस कार्रवाई को अगस्त में हुई उस बड़ी कार्रवाई के बाद का अहम कदम माना जा रहा है, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान चलाया था. सरकार के मुताबिक, 200 से ज्यादा ऑपरेटिव गिरफ्तार किए गए थे और 80 से अधिक FIR दर्ज हुई थीं.

हथियार, विस्फोटक और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ा नेटवर्क

शहजाद भट्टी नेटवर्क की गतिविधियां सिर्फ एक तरह के अपराध तक सीमित नहीं बताई गई हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था. सरकारी जानकारी के मुताबिक, इस नेटवर्क का संबंध ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ-साथ लक्षित हत्याओं से भी जोड़ा गया है.

अगस्त में हुई कार्रवाई के दौरान एजेंसियों ने IED, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे. अधिकारियों के मुताबिक कुछ जगहों से निगरानी और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे भी मिले थे. जिसे एजेंसियों ने नेटवर्क के सीमा पार संपर्कों से जोड़ा था.

ये भी पढ़ें: 5,00,000 Gmail ID से बम की झूठी धमकी, दूसरे देशों में भी बेचा अकाउंट, 2 गिरफ्तार, अब Google से होगी पूछताछ

सोशल मीडिया बना युवाओं तक पहुंचने का जरिया

इस नेटवर्क की एक अहम कड़ी इसका ऑनलाइन नेटवर्क भी बताई गई है. NDTV की एक विस्तृत जांच के मुताबिक, भट्टी से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट सामान्य दिखने वाले वीडियो, लोकप्रिय पंजाबी गानों, बॉलीवुड संवादों और भारतीय न्यूज चैनलों की क्लिप का इस्तेमाल करते थे. जांच में ऐसे डिजिटल नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया, जिसके जरिए युवाओं को धीरे-धीरे आतंकवादी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जाती थी.

यानी नेटवर्क का तरीका केवल हथियार पहुंचाने तक सीमित नहीं था. एजेंसियों के मुताबिक, ऑफलाइन अपराध और तस्करी के नेटवर्क के साथ ऑनलाइन संपर्क और भर्ती का तंत्र भी चलाया जा रहा था.

इसी खतरे को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने भी हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. पुलिस के मुताबिक, भट्टी और उसके सहयोगियों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही है.

ये भी पढ़ें: स्पेश में हथियार तैनात कर रखा है अमेरिका, चीन ने इसे स्पेश में वॉर की तैयारी कहा

14 राज्यों में कार्रवाई से सामने आया नेटवर्क का फैलाव

अगस्त में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई केवल एक राज्य तक सीमित नहीं थी. सरकार के अनुसार 14 राज्यों में समन्वित अभियान चलाया गया और 200 से ज्यादा ऑपरेटिव गिरफ्तार किए गए. इस दौरान हथियार और विस्फोटक बरामद होने के साथ नेटवर्क से जुड़े कई मामलों की जांच भी आगे बढ़ाई गई.

अब UAPA के तहत संगठन को आतंकी घोषित किए जाने के बाद इस नेटवर्क की गतिविधियों, इसके सदस्यों और सीमा पार संपर्कों से जुड़े मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई का दायरा और स्पष्ट होगा.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola