Ebola: बेहद संक्रामक और जानलेवा है इबोला, युगांडा में तेजी से बढ़ रहे मरीज, जानें क्या है लक्षण और उपचार

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Ebola: बेहद संक्रामक और जानलेवा है इबोला, युगांडा में तेजी से बढ़ रहे मरीज, जानें क्या है लक्षण और उपचार

युगांडा की राजधानी में इबोला के 11 और मामले दर्ज किए हैं. कंपाला महानगरीय क्षेत्र में 9 और लोग रविवार को इबोला वायरस से संक्रमित पाए गए. जबकि शुक्रवार को दो अन्य लोग संक्रमित पाए गए थे. यह जानकारी वहां के स्वास्थ्य मंत्री जेन रूथ एकेंग ने दी है.

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कोरोना के खौफ से अभी दुनिया पूरी तरह से बाहर भी नहीं निकल पाया है और दूसरी ओर एक और बीमारी ने दस्तक दे दी है. युगांडा में इबोला के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. जिससे युगांडा सहित पूरी दुनिया में चिंता की स्थिति बन गयी है.

युगांडा में अबतक इबोला के 75 मामले सामने आये

युगांडा की राजधानी में इबोला के 11 और मामले दर्ज किए हैं. कंपाला महानगरीय क्षेत्र में 9 और लोग रविवार को इबोला वायरस से संक्रमित पाए गए. जबकि शुक्रवार को दो अन्य लोग संक्रमित पाए गए थे. यह जानकारी वहां के स्वास्थ्य मंत्री जेन रूथ एकेंग ने दी है.

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बढ़ रहा है युगांडा में इबोला का प्रकोप

युगांडा में इबोला का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. युगांडा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 20 सितंबर से अब तक इबोला के 75 मामलों की पुष्टि की है, जिसमें 28 मौतें शामिल हैं और 19 इस समय अस्पताल में भर्ती हैं. बताया जा रहा है युगांडा में फैल रहे इबोला के सूडान स्वरूप के लिए कोई प्रमाणित टीका नहीं है. अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, युगांडा के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार तक इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए 1,800 से अधिक व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि की थी, इनमें से 747 मरीज ठीक हो चुके हैं और 21 दिन बाद अस्पताल से घर लौट चुके हैं.

क्या है इबोला

इबोला एक विषाणु जनित रोग है. जिसमें नसों से खून आना शुरू हो जाता है. यह वायरस इतना खतरनाक है कि इसमें 90 प्रतिशित रोगियों की मौत हो जाती है.

कब और कहां हुई थी इबोला की शुरुआत

सबसे पहले इबोला की शुरुआत 1976 में इबोला नदी के करीब एक गांव से हुई थी. यही कारण है कि इसे इबोला नाम दिया गया. इसमें रोगियों के संपर्क में आने से तेजी से यह रोग फैलता है.

कैसे फैलता है इबोला

इबोला पसीने और लार से फैलता है. संक्रमित रक्त और मल के संपर्क में भी आने से यह फैलता है. बताया जाता है कि यौन संबंध से भी यह रोग फैलता है.

क्या है इबोला के लक्षण

इबोला वायरस के लक्षण हैं कि इसके मरीजों को उल्टी, दस्त, बुखार, तेज सिरदर्द, आंखें लाल और कफ की शिकायत होना. लक्षण दिखाई देने में सप्ताह भर का समय लग जाता है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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