ताइवान के पास फिर दिखी चीन की सैन्य गतिविधि, सीमा के आसपास PLA के विमान और नौसेना के जहाज तैनात

Author Alok Pathak|Edited by Rajneesh Anand
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ताइवान की सीमा के आसपास पीएलए

ताइवान पर चीन का दावा एक बार फिर चर्चा में है. ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि चीन के विमान और नौसेना जहाज इसकी सीमा के करीब देखे गए. जिसके जवाब में ताइवान ने कार्रवाई भी की.

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China Taiwan Tension : ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ताइवान की सीमा के आसपास पीपल्स लिबरेशन आर्मी के दो विमान, और पीएलए नौसेना के पांच जहाज देखे जाने की पुष्टि की गई है. ताइवान मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. एएनआई ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और जवाबी कार्रवाई की.

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चाइनीज विमान का ताइवान के ADIZ में प्रवेश

यह घटना सप्ताह के आरंभ में हुई कई दिनों तक चली सैन्य घुसपैठ की घटनाओं के बाद घटी है. मंगलवार को, स्थानीय समयानुसार सुबह 6:00 बजे तक, रक्षा मंत्रालय ने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के आसपास चीनी विमानों की चार उड़ानें, नौ नौसैनिक पोत और तीन सरकारी जहाजों का पता लगाया था. पता लगाए गए चार विमानों में से तीन ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया.

इससे पहले 3 जुलाई को चीन ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि अमेरिका ताइवान से जुड़े मुद्दों को अधिक सावधानी के साथ संभालेगा. चेतावनी देते हुए चीन ने कहा था, इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं.

चीनी राजदूत की अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत

भारत में चीनी राजदूत जू फीहोंग ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत की. जिसमें टकराव को दूर करने, बाधाओं को पार करने और सही रास्ते पर बने रहने की आवश्यकता पर जोर दिया गया.

बीजिंग का दावा- ताइवान चीन का अभिन्न अंग

ताइवान पर चीन का दावा एक जटिल मुद्दा है जिसकी जड़ें ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों में समाई हैं. बीजिंग का दावा है कि ताइवान चीन का अभिन्न अंग है, यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय नीति के केंद्र में है.

ताइवान पर चीन के दावे का इतिहास

हालांकि, ताइवान अपनी एक अलग पहचान बनाए रखता है और अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था के साथ स्वतंत्र रूप से कार्य करता है. यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के अनुसार, ताइवान की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बहस का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है. ताइवान पर चीन का दावा 1683 में मिंग राजवंश के वफादार कोक्सिंगा को हराने के बाद किंग राजवंश द्वारा द्वीप पर कब्जा करने से उत्पन्न हुआ है.


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