ePaper

ब्रिटेन की अदालत ने बढ़ायी नीरव मोदी न्यायिक हिरासत की अवधि, प्रत्यर्पण मामले में 28 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

Updated at : 15 Apr 2020 10:30 PM (IST)
विज्ञापन
Nirav Modi

Nirav Modi

ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी का न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी है. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो अरब डॉलर के घोटाले और धनशोधन (मनी लांड्रिंग) के मामलों में भगोड़ा घोषित नीरव मोदी के भारत को प्रत्यर्पण के मुद्दे पर सुनवाई यहां की अदालत में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी.

विज्ञापन

लंदन : ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी का न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी है. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो अरब डॉलर के घोटाले और धनशोधन (मनी लांड्रिंग) के मामलों में भगोड़ा घोषित नीरव मोदी के भारत को प्रत्यर्पण के मुद्दे पर सुनवाई यहां की अदालत में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी. यह तथ्य भी सामने आया है कि नीरव मोदी पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दो अतिरिक्त आरोप लगाये हैं. ये आरोप सबूतों को गायब करने और गवाहों को प्रभावित करने के हैं.

ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने फरवरी में इन आरोपों को प्रमाणित किया है. नीरव मोदी (49) पिछले साल अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है. वह वीडियो लिंक के जरिये लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनॉट की अदालत में पेश हुआ. अदालत के अधिकारी ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी. नीरव मोदी को उस समय वीडियो लिंक के जरिये अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा.

Also Read: Nirav Modi की बढ़ी हिरासत अवधि, दो जनवरी को वीडियो लिंक के जरिये लंदन के कोर्ट में होगा पेश

कोराना वायरस महामारी की वजह से ब्रिटेन में ज्यादतर मामलों सुनवाई वीडियो लिंक या टेलीफोन विकल्प के जरिये हो रही है. ब्रिटेन के न्यायिक मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि 57 जेलों में 207 कैदियों का कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है. इसके अलावा, जेलों में 13 कोविड-19 से संबंधित संदिग्ध मौते हुई हैं. मोदी वैंड्सवर्थ जेल में बंद है. यह इंग्लैंड की कैदियों की भीड़ वाली जेल मानी जाती है.

पिछले महीने उसने हाईकोर्ट में पांचवीं बार जमानत पर बाहर आने का प्रयास किया है. अदालत ने उसकी जमानत की अर्जी को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उसके भागने की आशंका है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola