नारद स्टिंग मामला : गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस के मंत्री, विधायक, पूर्व नेता की तबीयत बिगड़ी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 May 2021 11:20 AM
जो लोग अस्पताल में शिफ्ट किये गये हैं, उनमें मंत्री सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी शामिल हैं.
कोलकाता : नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री, विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर की तबीयत बिगड़ गयी. इसके बाद इन तीनों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जो लोग अस्पताल में शिफ्ट किये गये हैं, उनमें मंत्री सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी शामिल हैं.
सेहत संबंधी दिक्कतों के बाद मंगलवार को कोलकाता के एक अस्पताल में इन सभी को भर्ती कराया गया. उन्हें सीबीआई ने नारद स्टिंग मामले में गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के एक और मंत्री फिरहाद हकीम को सुबह बुखार आने के बाद प्रेसीडेंसी करेक्शनल होम के एक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है.
मदन मित्रा हाल ही में कोरोना से उबरे हैं और उन्हें मधुमेह समेत अन्य बीमारियां हैं. शोभन चटर्जी को फेफड़े संबंधी समस्या के साथ मधुमेह भी है. दोनों को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद मंगलवार तड़के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सुब्रत मुखर्जी को शुरुआत में मंगलवार सुबह अस्पताल ले जाया गया और जांच के बाद वापस सुधार गृह पहुंचा दिया गया.
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि सुब्रत मुखर्जी वहां भर्ती नहीं होना चाहते थे. 76 वर्षीय सुब्रत मुखर्जी को बाद में दोबारा अस्पताल ले जाया गया और भर्ती कराया गया. उन्होंने सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत की थी. सरकारी अस्पताल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
अधिकारी ने कहा कि शोभन चटर्जी और मदन मित्रा ने सुबह करीब तीन बजे सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया. दोनों को एसएसकेएम अस्पताल के वुडबर्न ब्लॉक में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है. वे अब स्थिर हैं.
उन्होंने बताया कि मदन मित्रा और शोभन चटर्जी की छाती के एक्स-रे किये गये, वहीं मुखर्जी को नेबुलाइजर पर रखा गया है. उनके आरटी-पीसीआर परीक्षण भी कराये गये हैं. नेताओं के भर्ती किये जाने के बाद अस्पताल के अधिकारियों ने उनकी सेहत पर नजर रखने के लिए एक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया.
उन्होंने कहा, ‘बोर्ड में चिकित्सा और छाती रोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर हैं. वे नेताओं पर चौबीसों घंटे नजर रखेंगे.’ अस्पताल में कोलकाता पुलिस के कर्मियों को तैनात किया गया है. तीनों गिरफ्तार नेताओं के परिजन उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे. चारों को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया था.
कलकत्ता हाइकोर्ट ने नारद स्टिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस के दो मंत्रियों, एक विधायक और पार्टी के एक पूर्व नेता को जमानत देने के सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले पर रोक लगा दी थी. हाइकोर्ट की पीठ ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगाना ही सही होगा.
Also Read: ममता बनर्जी के करीबियों की मुश्किलें जारी, CBI कोर्ट से राहत के बाद HC ने रोकी जमानत, TMC के साथ कांग्रेस
पीठ ने यह निर्देश भी दिया कि आरोपियों को अगले आदेश तक न्यायिक हिरासत में माना जायेगा. नारद टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने वर्ष 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर धन लेते नजर आये.
यह टेप पश्चिम बंगाल में वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सार्वजनिक हुआ था. कलकत्ता हाइकोर्ट ने स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में मार्च 2017 को सीबीआई जांच का आदेश दिया था.
Posted By: Mithilesh Jha
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










