Viral Video: शख्स का 13 महीने वाला लॉजिक देखकर हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

महिला कर्मचारी और शख्स के बीच फनी बातचीत
Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तहलका मचा रहा है, जिसमें एक शख्स टेलिकॉम कंपनी की पॉलिसी से इतना तंग आ चुका है कि सीधे ऑफिस पहुंच गया और वहां महिला कर्मचारी को ऐसा गणित पढ़ाया कि उसका दिमाग चकरघिन्नी बन गया. बात-बात में शख्स ने साबित कर दिया कि साल में 12 नहीं, 13 महीने होते हैं. तो आइये महिला कर्मचारी और शख्स के बीच जो कुछ हुआ आपको बताते हैं.
Viral Video: शख्स, जिसे टेलिकॉम कंपनी की 28 दिन वाली रिचार्ज पॉलिसी ने परेशान कर रखा था, गुस्से में ऑफिस पहुंचा. वहां एक महिला कर्मचारी से उसकी तीखी बहस शुरू हो गई. शख्स ने तपाक से सवाल दागा, “मैडम, साल के 13 महीने आप यही सब करती हैं क्या?” महिला कर्मचारी भड़क गईं, “दिमाग तो ठीक है न आपका? कोई अनपढ़ भी बता देगा, साल में 12 महीने होते हैं.” शख्स ने तुरंत पलटवार किया, “तो हम अनपढ़ हैं? आपको बता देते हैं, साल में 12 महीने ही होते हैं.” महिला कर्मचारी झुंझलाते हुए बोलीं, “ये मुझे क्यों बता रहे हैं? मुझे तो पहले से पता है.” शख्स ने फिर तंज कसा, “अगर आपको पता है, तो अपनी टेलिकॉम कंपनी को भी बताइए कि साल में 13 नहीं, 12 महीने होते हैं.” महिला कर्मचारी का पारा चढ़ गया, “ये क्या 12-13 क्या लगा रखा है? साफ-साफ बताइए, क्या चाहते हैं?” शख्स ने गुस्से में जवाब दिया, “साफ तो आप लोग हमारी जेब कर रहे हैं, मैडम. महीना 30 या 31 दिन का होता है, लेकिन आपने तो 28 दिन का कर दिया. पूरा पंचांग ही बदल डाला.”
Viral Video: गणित का ऐसा खेल, 12 बन गए 13
शख्स ने अब असली दिमागी खेल शुरू किया. उसने टेलिकॉम कंपनी की 28 दिन वाली रिचार्ज पॉलिसी को आधार बनाकर गणित का जादू दिखाया. बोला, “आपके रिचार्ज प्लान के हिसाब से महीना 28 दिन का हुआ, ठीक है? तो 28 गुणा 12 कितने हुए?” महिला कर्मचारी ने कैलकुलेटर निकाला और जवाब दिया, 336. शख्स ने तुरंत अगला सवाल दागा, “एक साल में कितने दिन होते हैं?” कर्मचारी बोलीं, 365. शख्स ने तपाक से पूछा, “365 में से 336 घटाइए, कितना बचा?” कर्मचारी ने हिसाब लगाया, 29. शख्स ने ताल ठोकते हुए कहा, “मुबारक हो, हो गए न 13 महीने. अब बताइए, साल में कितने महीने होते हैं, 12 या 13?” कर्मचारी के पास कोई जवाब नहीं था, और उसने हार मानते हुए कहा, 13.
Viral Video: इथियोपिया कनेक्शन और सैलरी का तड़का
शख्स ने फिर तंज कसा, “क्या आपकी कंपनी इथियोपिया से आई है?” कर्मचारी भड़क गईं, “ये इथियोपिया कहां से आ गया?” शख्स ने चटखारे लेते हुए जवाब दिया, “क्योंकि दुनिया में सिर्फ इथियोपिया ही ऐसा देश है, जहां साल में 13 महीने होते हैं.” यही नहीं, शख्स ने एक और पंच मारा. पूछा, “आपकी कंपनी अपने कर्मचारियों को कितने महीने की सैलरी देती है?” कर्मचारी बोलीं, 12. शख्स ने तुरंत कहा, 12 क्यों? 13 महीने की सैलरी क्यों नहीं देतीं? जब हमसे 13 महीने के पैसे लेती हैं.”
Viral Video: हंसी का धमाका
बात इतनी बढ़ गई कि कर्मचारी का धैर्य जवाब दे गया. उसने गुस्से में फोन उठाया और अपने बॉस को कॉल कर दिया. बोलीं, “सर, 13वें महीने की सैलरी नहीं मिली.” दूसरी तरफ से बॉस चिल्लाया, “दिमाग खराब है क्या?” कर्मचारी ने फिर उस शख्स की ओर देखा, जो तब तक जा चुका था, और पूछा, “साल में 13 महीने ही होते हैं न?”
Viral Video: सोशल मीडिया पर आ रहे मजेदार कमेंट्स
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर यूजर जमकर कमेंट कर रहे हैं. कुछ लोग बंदे के कैलकुलेशन को देखकर उसकी तारीफ कर रहे हैं. तो कुछ लोग मजे ले रहे हैं. 13 को बढ़ाकर 26 महीने कर देना चाहिए, और रिचार्ज प्लान 28 दिन से 14 दिन के लिए जल्दी कर देना चाहिए.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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