ePaper

उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर रूस-चीन ने चिंता जतायी, कहा-यह उकसावेवाला कदम

Updated at : 29 Nov 2017 7:39 PM (IST)
विज्ञापन
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर रूस-चीन ने चिंता जतायी, कहा-यह उकसावेवाला कदम

मॉस्को/बीजिंग : रूस के सत्ता केंद्र क्रेमलिन और चीन ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा बुधवार को किया गया ताजा मिसाइल परीक्षण उकसावेवाला कदम है जो तनाव को और बढ़ायेगा. जहां क्रेमलिन ने सभी पक्षों से शांति की अपील की है,वहीं, चीन ने उत्तर कोरिया से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ानेवाले कदमों को रोकने के […]

विज्ञापन

मॉस्को/बीजिंग : रूस के सत्ता केंद्र क्रेमलिन और चीन ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा बुधवार को किया गया ताजा मिसाइल परीक्षण उकसावेवाला कदम है जो तनाव को और बढ़ायेगा. जहां क्रेमलिन ने सभी पक्षों से शांति की अपील की है,वहीं, चीन ने उत्तर कोरिया से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ानेवाले कदमों को रोकने के लिए कहा. बीजिंग ने उयह भी कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक के प्रयोग पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का कड़ाई से पालन किया जाये.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, नि:स्संदेह, एक और मिसाइल परीक्षण उकसावेवाला कदम है तथा यह तनाव को और बढ़ाता है. उन्होंने कहा, हम इस परीक्षण की निंदा करते हैं और आशा करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष शांत रहें, जो कोरिया प्रायद्वीप में स्थिति को खराब होने से बचाने के लिए जरूरी है. उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने कहा कि प्योंगयांग द्वारा बुधवार को किये गये अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण ने दो महीने से परीक्षण पर जारी रोक को खत्म कर दिया. नया परीक्षण पिछलेवालों से ज्यादा अत्याधुनिक है.

वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, चीन इन परीक्षण गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताता है और इसका विरोध करता है. चीन पुरजोर तरीके से उससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का पालन करने और कोरिया प्रायद्वीप में तनाव बढ़ानेवाले कदम रोकने का अनुरोध करता है. गेंग ने कहा कि उत्तर कोरियाई नेतृत्व को प्योंगयांग द्वारा उसका परमाणु कार्यक्रम जारी रखने के संबंध में बीजिंग के रुख की पूरी जानकारी है.

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया जिसकी अमेरिका तक मारक क्षमता है. उसका दावा है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइल है. दूसरी तरफ अमेरिकाके रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने आशंका जतायी कि उत्तर कोरिया संभवत: ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो दुनिया में कहीं भी मार करने में सक्षम होंगी. मैटिस के अनुसार दो महीने की शांति के बाद प्योंगयांग ने एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का प्रक्षेपण किया, जिसने उसके द्वारा दागी गयी पहले की सभी मिसाइलों से कहीं अधिक ऊंची उड़ान भरी. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे ने कहा कि यह ताजा मिसाइल प्रक्षेपण एक हिंसक कृत्य है जिसे बर्दाशत नहीं किया जा सकता. साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक तत्काल बुलाने की मांग की.

व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उस समय उत्तर कोरिया की स्थिति के बारे में जानकारी दी गयी जब मिसाइल हवा में ही थी. उन्होंने स्थिति से निपटने का आश्वासन दिलाया है. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, उत्तर कोरिया की ओर से थोड़ी देर पहले मिसाइल दागी गयी है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम स्थिति पर काबू पा लेंगे. हमने जनरल मैटिस से इस पर लंबी चर्चा की है. हम इस स्थिति से निपट लेंगे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola