वाह री झारखंड पुलिस! क्राइम कंट्रोल के नाम पर जुर्माना वसूली, मरे हुए अपराधी रिमांड पर

हमारी सुरक्षा में लगी पुलिस दिन रात काम करती है लेकिन कई बार पुलिस की रणनीति, कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं. आज एक ऐसा ही सवाल हमारे सामने है. जिलों में एंटी क्राइम चेकिंग के लिए पुलिस खड़ी रहती है. वाहनों की जांच कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सिर्फ जुर्माना वसूलती है.
हमारी सुरक्षा में लगी पुलिस दिन रात काम करती है लेकिन कई बार पुलिस की रणनीति, कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं. आज एक ऐसा ही सवाल हमारे सामने है. जिलों में एंटी क्राइम चेकिंग के लिए पुलिस खड़ी रहती है. वाहनों की जांच कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सिर्फ जुर्माना वसूलती है.
एंटी क्राइम चेकिंग को लेकर 24 जिलों के एसपी से वाहनों की जांच और कार्रवाई के संबंध में प्राप्त आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गयी है. इस अभियान का प्रत्यक्ष रूप से संबंध अपराध नियंत्रण से नहीं है. क्योंकि, यह कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस करती है. पुलिस मुख्यालय की ओर से यह निर्देश दिया जाता रहा है कि संबंधित जिला के एसपी अपराध नियंत्रण के दृष्टिकोण से स्थान और समय बदल-बदल कर वाहन चेकिंग कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें.
नौ फरवरी को पुलिस मुख्यालय आइजी अभियान ने सभी जिलों के एसपी को इससे संबंधित निर्देश दिया था. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों में क्राइम कंट्रोल के दृष्टिकोण से 19 जनवरी को अभियान चलाया था. अभियान शाम चार बजे से शाम छह बजे तक चला था. इस दौरान 20,492 दोपहिया व 9,773 चारपहिया वाहनों की जांच की गयी थी. इस दौरान 212 बाइक और तीन कार को जब्त किया गया था. हालांकि, किसी भी जिला में अभियान के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.
एंटी क्राइम चेकिंग के नाम पर जुर्माना वसूली
एंटी क्राइम चेकिंग के नाम पर जुर्माना वसूली के अलावा भी रांची पुलिस के एक और कारनामें की चर्चा है. शहर में क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस अब मृत अपराधियों को भी रिमांड पर लेगी. यह खुलासा रांची पुलिस की ओर से विभिन्न केसों में रिमांड के लिए 76 अपराधियों की बनायी गयी सूची में हुआ है. सूची में शामिल तीन अपराधी राकेश उर्फ बउआ साहू, अंशु शर्मा और लक्खी शर्मा की मौत पूर्व में ही हो चुकी है. इस तरह की सूची तैयार करना रांची पुलिस की सक्रियता व गंभीरता पर सवाल खड़े करते हैं.
रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने थाना से प्राप्त सूचना के आधार पर लिस्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि राकेश उर्फ बउआ साहू जेल में है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2000 में ही जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कोइरी मुहल्ला में उसकी हत्या हो चुकी है. इस मामले में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
वह पहले गेंदा सिंह गिरोह का शूटर था. बाद में जमीन के कारोबार में हुए विवाद के कारण उसकी हत्या हो गयी. इसी तरह सूची में बरियातू थाना क्षेत्र निवासी अंशु शर्मा का नाम शामिल है. पुलिस की सूची के अनुसार वह अभी जमानत पर है, जबकि सच्चाई यह है कि उसकी भी मौत पिछले साल बीमारी के कारण हो चुकी है.
इसकी मौत की पुष्टि पुलिस के सूत्रों ने भी की है. अपराधियों की सूची में शामिल लक्खी शर्मा की मौत भी कई वर्ष पहले हो चुकी है, जबकि पुलिस ने अपनी सूची में उसे जमानत पर दिखाया है. हालांकि पुलिस सूत्रों ने लक्की शर्मा के बारे अधिक जानकारी होने से इन्कार किया है.
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लेखक के बारे में
By PankajKumar Pathak
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