UP मंत्रिमंडल में इस बार किसी की नहीं होगी छुट्टी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे के बाद विस्तार

Yogi Adityanath Cabinet Expansion: यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन-दिनों सियासी उठापटक जारी है. सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का प्रदेश दौरा ख्तम होते ही चार मनोनीत विधान परिषद सदस्यों के नाम की सूची जारी होने के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख भी तय हो जाएगी.
Yogi Adityanath Cabinet Expansion: यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन-दिनों सियासी उठापटक जारी है. सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का प्रदेश दौरा ख्तम होते ही चार मनोनीत विधान परिषद सदस्यों के नाम की सूची जारी होने के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख भी तय हो जाएगी.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार अपने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सियासी और जातीय समीकरण साधने की कवायद में है. यही नहीं चुनाव को लेकर भाजपा इस वक्त किसी को भी नाराज करने की स्थिति में नहीं है. लिहाजा भाजपा हाईकमान ने किसी भी मंत्री को बाहर नहीं करने का निर्देश जारी किया है.
योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में अभी सात मंत्रियों की जगह खाली है. सूत्रों की मानें तो योगी सरकार के कैबिनेट में 6 से 7 नए मंत्री को शामिल किया जाएगा, जिसके लिए नाम भी तय कर लिए गए हैं. संभावित मंत्रियों की सूची में हाल ही में बीजेपी में शामिल होने वाले जितिन प्रसाद का नाम शामिल हैं. इसके अलावा बीजेपी के नेताओं में पलटू राम, कृष्णा पासी, तेजपाल नागर और छत्रपाल गंगवार को मंत्री बनाया जा सकता है.
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बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच पिछले सप्ताह बैठक हो चुकी है. उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद गंभीर भाजपा हाईकमान ने किसी भी मंत्री को बाहर नहीं करने का निर्देश भी दिया है. 2022 के चुनाव को देखते हुए भाजपा नए मंत्रियों को शामिल तो करेगी, लेकिन पुराने किसी भी मंत्री की मंत्रिमंडल से छुट्टी नहीं होगी.
मंत्रिमंडल विस्तार में संभावित मंत्रियों में जिन नेताओं के नाम है, उन्हें देखते हुए साफ जाहिर है कि बीजेपी ने अपना सियासी समीकरण दुरुस्त करने का दांव चला है. ब्राह्मण समुदाय से जितिन प्रसाद को शामिल किया जा रहा है, जिनके जरिए ब्राह्मणों के साथ-साथ रुहेलखंड को साधने की रणनीति है. दलित वोटरों को साधने के लिए पलटू राम और कृष्णा पासवान को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.
वहीं ओबीसी समुदाय से योगी की कैबिनेट में तेजपाल नागर और छत्रपाल गंगवार को मंत्री के तौर पर शामिल किया जा सकता है. तेजपाल नागर गुर्जर समुदाय से आते हैं जबकि छत्रपाल गंगवार कुर्मी समाज से हैं. यूपी की सियासत में ओबीसी में यह दोनों ही वोट काफी अहम हैं.
मंत्रिमंडल में फिलहाल गुर्जर समाज से अशोक कटरिया इकलौते मंत्री हैं. तेजपाल नागर को मंत्री बनाया जा सकता है. भाजपा पश्चिम यूपी में गुर्जर समुदाय को बड़ा सियासी संदेश देने की रणनीति बना रही है. बरेली से आने वाले छत्रपाल गंगवार को कैबिनेट में शामिल करने को कुर्मी समुदाय को साधने का दांव माना जा रहा है.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार में अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कुल 53 मंत्री हैं. इनमें 23 कैबिनेट, नौ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्यमंत्री हैं. ऐसे में नियम के मुताबिक अधिकतम साठ मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए सात और मंत्री बनाए जाने की गुंजाइश है. यूपी में विधानसभा चुनाव में कुछ माह ही बचे हैं. योगी सरकार और बीजेपी संगठन, दोनों ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की नीति-रणनीति पर काम कर रहे हैं.
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Posted By Ashish Lata
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