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अलीगढ़ को टीबी से मिलेगी मुक्ति,इलाज के लिए 1000 रोगियों को दी गई पोषण पोटली

Updated at : 23 Jun 2023 6:13 PM (IST)
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अलीगढ़ को टीबी से मिलेगी मुक्ति,इलाज के लिए 1000 रोगियों को दी गई पोषण पोटली

अलीगढ़ में कृष्णांजलि सभागार में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 1000 रोगियों को पोषण सामग्री वितरण किया गया. कमिश्नर नवदीप रिणवा ने कहा कि जेके सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा गत दिवस क्रमशः 1400-1400 क्षय रोगियों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गोद लिया गया था.

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Aligarh : अलीगढ़ में कृष्णांजलि सभागार में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 1000 रोगियों को पोषण सामग्री वितरण किया गया. कमिश्नर नवदीप रिणवा ने पोषण वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जेके सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा गत दिवस क्रमशः 1400, 1400 क्षय रोगियों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गोद लिया गया था. जिस क्रम में गत 21 जून को 500 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण इनके सौजन्य से किया गया. इसी क्रम में शुक्रवार को 1000 मरीजों को पोषण पोटली का वितरण वृहद स्तर पर किया जा रहा है.

औद्योगिक घराने टीबी रोगियों को गोद ले रहे

कमिश्नर ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह से क्षय रोगियों की मदद के लिए सामाजिक संस्थाएं, औद्योगिक घराने सामने आये हैं उससे निश्चित ही प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए लक्ष्य वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के क्रम मे अलीगढ़ समेत पूरा मंडल और देश टीबी मुक्त हो सकेगा. उन्होंने कहा कि निक्षय मित्रों के कारण क्षय रोगी को जो पोषण सामग्री मिलती है.

उससे क्षय रोगियों के ठीक होने की उम्मीद पहले से अधिक बढ़ जाती है, पोषण सामग्री और दवा द्वारा एक साथ काम करने से रोगी समय से ठीक हो जाता है. उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक घरानों व सामाजिक लोगों से आव्हान किया कि बाकी क्षय रोगियों को भी बढ़ चढ़ कर गोद लें और अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें जिससे क्षय उन्मूलन में उनके योगदान को याद रखा जा सके.

नियमित दवा से दूर होती है बीमारी

प्रभारी जिलाधिकारी एवं सीडीओ आकांक्षा राना ने कहा कि प्रधानमंत्री निक्षय योजना के तहत हम सभी टीबी के खिलाफ एक बड़ी जंग लड़ रहे हैं. प्राचीन समय में इस बीमारी को श्राप समझा जाता था, फिर हमारे वैज्ञानिकों द्वारा खोज की गई कि इसका बैक्टीरिया होता है. दवाई का भी पता लगाया गया. समय से टीवी की पहचान और नियमित दवा के सेवन से यह बीमारी दूर भाग जाती है.

बच्चों को लगवाये बीसीजी का टीका

मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीरज त्यागी ने बताया कि नवजात बच्चे को डेढ़ माह के अंदर बीसीजी का टीका अवश्य लगवाएं. इससे टीवी बीमारी की संभावना कम से कमतर हो जाती है. 2 सप्ताह या अधिक समय से खांसी होना या बुखार आना, वजन में कमी आना, भूख ना लगना, बलगम में खून आना टीबी के लक्षण हैं. ऐसे में संक्रमित को तुरन्त चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए. मंडलायुक्त ने कार्यक्रम में पोषण किट प्रदान किया.

रिपोर्ट- आलोक, अलीगढ़

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