बरेली के बवाल से UP की सियासत में भूचाल, SSP प्रभाकर चौधरी को हटाने पर विपक्ष ने घेरा, फायरिंग का वीडियो वायरल
Published by : अनुज शर्मा Updated At : 31 Jul 2023 7:15 PM
बरेली के आम लोग और विपक्षी पार्टियों के नेता लाेग सोमवार सुबह से आईपीएस प्रभाकर चौधरी को लेकर लगातार ट्वीट कर उनका समर्थन कर रहे हैं.
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा में कांवड़ियों के फायरिंग करने के बाद लाठीचार्ज, और एसएसपी प्रभाकर चौधरी को हटाए जाने के बाद यूपी की सियासत में भूचाल आ गया है. सोमवार सुबह से विपक्षी पार्टियों के साथ ही ट्विटर पर आईपीएस प्रभाकर चौधरी को लेकर लगातार ट्वीट कर लोग उनका समर्थन कर रहे हैं. सबसे पहले सपा ने ट्विटर पर यूपी में कावड़ियों पर पुष्प वर्षा के साथ ही लाठी बरसाने का ट्वीट किया था. मगर, इसके बाद आईपीएस प्रभाकर चौधरी को हटाने को लेकर ट्विटर पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेरने में जुट गए. आईपीएस प्रभाकर चौधरी की गिनती ईमानदार अफसरों में होती है. उन्होंने मेरठ के सोतीगंज में वर्षों से संचालित अवैध वाहनों का कबाड़ बाजार को बंद कराया था. उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी ने उनकी तारीफ की थी. इसके साथ ही बुलंदशहर में हिंदू संगठनों के इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या के बाद उन्होंने ही तनावपूर्ण स्थिति को शांत किया था.
बरेली में भी 15 दिन से बार-बार दंगा भड़काने की कोशिश की जा रही थी. मगर, आइपीएस प्रभाकर चौधरी काफी मुश्किल से स्थिति को संभाले थे.एक दिन पूर्व रविवार को नवादा में कावड़ियों पर उपद्रव करने के साथ ही अवैध हथियारों से फायरिंग करने का आरोप है.जिसके चलते पुलिस को मजबूरी में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा.इसके बाद दंगा टल गया, लेकिन एसएसपी प्रभाकर चौधरी को बरेली से हटा दिया गया था.ट्विटर पर लोगों के सरकार को घेरने के बाद यूपी सरकार ने आईपीएस को हटाने के पीछे उनके लिखकर देने की बात कही है.इसमें कहा गया है कि वह खुद हटना चाहते थे.इसलिए हटाया गया है.
बारादरी के इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज भी सस्पेंड यूपी के ईमानदार, और पुलिस के भ्रष्टाचार के खिलाफ डंका बजाने वाले एसएसपी प्रभाकर चौधरी के बरेली से हटाए जाने के बाद एडीजी पीसी मीणा, और आईजी डॉ राकेश सिंह ने इंस्पेक्टर बारादरी अभिषेक सिंह और चौकी इंचार्ज अमित कुमार को सस्पेंड कर दिया है.इसके साथ ही कई अन्य पुलिस कर्मियों पर भी गाज गिर सकती हैं. शहर के जोगी नवादा में मस्जिद के पास से कांवड़ निकलने के दौरान उपद्रवियों ने कई राउंड फायरिंग की थी. इसकी वजह से वहां बवाल और बढ़ गया था.इसके बाद ही कांवड़ियों पर लाठीचार्ज की गई.कांवड़ के दौरान फायरिंग करने वाले उपद्रवियों का सीसीटीवी वीडियो वायरल हो गया है. पुलिस फायरिंग करने वाले आरोपियों की जांच पड़ताल में जुटी है.
रविवार को हुए बवाल के बाद सोमवार को यूपी के वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल और महापौर उमेश गौतम, भाजपा के महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा, डॉ. अनिल सक्सेना और अमरीश कठेरिया समेत कई लोगों के साथ जोगी नवादा पहुंचे. यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे कहा कि डंडे चलवाने एसएसपी को हटवा दिया गया है. तीनों जनप्रतिनिधियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि पुलिस उनके खिलाफ किसी भी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं करेगी. जनप्रतिनिधियों ने बवाल के दौरान घायल हुई गीता श्रीवास्तव के अस्पताल का सारा खर्च उठाने का भी आश्वासन दिया.स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस के डंडे लगने से गीता का तीन जगह से हाथ फैक्चर हुआ है. उसे निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है.
कांवड़ की शुरुआत से ही बरेली में चिंगारी भड़क रही थी.बरेली के सिरौली अलीगंज आंवला के मनोना में कई दिन तक बवाल रहा. इसके बाद जिले का सबसे संवेदनशील खैलम में बवाल हुआ.जोगी नवादा में एक सप्ताह में दो बार बवाल हो गया. पुलिस कांवड़ियों को निकालने की कोशिश में थी.मगर, बार बार बवाल हो गया.फायरिंग के बाद बाद पुलिस को मजबूरी में आंसू गैस के गोले, और लाठीचार्ज करना पड़ा.
बरेली के नए एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने चार्ज संभाल लिया है.वह सीतापुर में एसपी थे.उन्होंने जिम्मेदारी लेने के बाद हालात की जानकारी ली.
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