Bengal Chunav 2021: विधाननगर में भाजपा-तृणमूल में हो सकती है कांटे की टक्कर, सुजीत बोस से भिड़ेंगे सब्यसाची दत्त

Bengal Chunav 2021: सब्यसाची दत्ता के भाजपा में शामिल के बाद से ही भगवा दल की जमीन यहां मजबूत हुई है. ऐसे में इस सीट पर मंत्री के लिए चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाना लोहे के चने चबाने जैसा है. मंत्री की जीत की राह में पूर्व मेयर रोड़ा बनते दिख रहे हैं. वहीं, माकपा-कांग्रेस गठबंधन भी जीत के लिए चुनावी मैदान में पूरी जोर लगा रहा है.
कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में चर्चित सीटों में विधाननगर सीट भी शामिल है. यहां इस बार कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है. इस बार चुनावी मैदान में इस सीट से दो बार से लगातार जीत रहे राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस को तृणमूल ने उम्मीदवार बनाया है, तो भाजपा ने विधाननगर के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता को मैदान में उतार दिया है.
सब्यसाची दत्ता के भाजपा में शामिल के बाद से ही भगवा दल की जमीन यहां मजबूत हुई है. ऐसे में इस सीट पर मंत्री के लिए चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाना लोहे के चने चबाने जैसा है. मंत्री की जीत की राह में पूर्व मेयर रोड़ा बनते दिख रहे हैं. वहीं, माकपा-कांग्रेस गठबंधन भी जीत के लिए चुनावी मैदान में पूरी जोर लगा रहा है.
भाजपा ने इस सीट पर मंत्री को टक्कर देने के लिए सब्यसाची दत्ता को मैदान में उतारा है, तो कांग्रेस-लेफ्ट-आइएसएफ गठबंधन (संयुक्त मोर्चा) ने कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी को टिकट दिया है. विधाननगर विधानसभा के अंतर्गत विधाननगर नगर निगम के क्षेत्र के अलावा दक्षिण दमदम नगरपालिका के 19, 20 और 28 से लेकर 35 नंबर वार्ड तक के क्षेत्र शामिल हैं.
गौरतलब है कि सब्यसाची दत्त और सुजीत बोस के बीच विवाद पुराना है. एक ही पार्टी में रहने के दौरान भी दोनों गुटों में कई बार विवाद हो चुका है. हालांकि, विवद खुलकर सामने नहीं आये थे. मेयर रहने के दौरान भी श्री दत्ता के समर्थकों के साथ मंत्री की तू-तू मैं-मैं होती रही. लेकिन विधानसभा चुनाव में यह शीत युद्ध (कोल्ड वार) अब खुलकर सामने आ गया है.
सब्यसाची दत्ता वर्ष 2015 में चुनाव जीतने के बाद विधाननगर के मेयर बने थे. सुजीत बोस, कृष्णा चक्रवर्ती को कड़ी टक्कर देने के बाद सब्यसाची मेयर बने थे. इसके बाद से ही तृणमूल में सुजीत बोस और सब्यसाची दत्त के समर्थकों में खींचतान बढ़ने लगी थी.
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लड़ाई इतनी बढ़ गयी कि गत लोकसभा चुनाव के बाद से सब्यसाची दत्ता की तृणमूल से दूरियां और भाजपा नेता मुकुल राय से नजदीकियां बढ़ने लगीं. इसकी भनक तृणमूल को लगी, तो सब्यसाची को मेयर पद से हटाने की तैयारी शुरू कर दी गयी. सब्यसाची ने अक्टूबर, 2019 में मेयर के पद से इस्तीफा देकर भाजपा का झंडा थाम लिया.
लोकसभा चुनाव 2019 में हुए मतदान के आंकड़ों पर गौर करें, तो विधाननगर केंद्र से भाजपा ने अच्छा वोट हासिल किया. इस क्षेत्र में भाजपा का वोट तृणमूल से काफी अधिक था. बारासात लोकसभा सीट से तृणमूल ने जीत दर्ज की थी, लेकिन विधानसभा में मिले वोटों का हिसाब करें, तो पायेंगे कि विधाननगर विधानसभा सीट पर तृणमूल को मात्र 58,956 वोट मिले थे. भाजपा को यहां से 77,872 वोट मिले थे.
Posted By : Mithilesh Jha
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