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National Sports Day 2020 : हॉकी ओलंपिक में देश को पहला सोना दिलाने वाले जयपाल सिंह मुंडा के खूंटी ने दिए हैं कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

Updated at : 29 Aug 2020 4:00 PM (IST)
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National Sports Day 2020 : हॉकी ओलंपिक में देश को पहला सोना दिलाने वाले जयपाल सिंह मुंडा के खूंटी ने दिए हैं कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

National Sports Day 2020, Rashtriya khel diwas : खूंटी (चंदन कुमार) : खूंटी जिले को खिलाड़ियों की जननी कहा जाता है. जिले ने कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों को जन्म दिया है. खूंटी के टकरा में जन्मे जयपाल सिंह मुंडा ने हॉकी ओलंपिक में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था. तब से लेकर अब तक हॉकी के क्षेत्र में खूंटी जिले का इतिहास स्वर्णिम रहा है.

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National Sports Day 2020, Rashtriya khel diwas : खूंटी (चंदन कुमार) : खूंटी जिले को खिलाड़ियों की जननी कहा जाता है. जिले ने कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों को जन्म दिया है. खूंटी के टकरा में जन्मे जयपाल सिंह मुंडा ने हॉकी ओलंपिक में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था. तब से लेकर अब तक हॉकी के क्षेत्र में खूंटी जिले का इतिहास स्वर्णिम रहा है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाले हॉकी खिलाड़ियों में गोपाल भेंगरा, सुशील तोपनो, सावित्री पूर्ति, अरूणा गुड़िया, पुष्पा प्रधान, विश्वासी पूर्ति, गुड्डी कुमारी, अनिमा सोरेंग, दयामनी सोय, फुलमनी सोय, सलोमी पूर्ति, विश्वासी भेंगरा, हेलेन सोय, बिगन सोय आदि शामिल हैं. मनोहर तोपनो और निक्की प्रधान ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले चुके हैं.

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खूंटी के हॉकी कोच दशरथ महतो ने देश को चार अंतरराष्ट्रीय और 37 राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिये हैं. वे राजकीय मध्य विद्यालय, पेलौल में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे. इस दौरान वे युवक-युवतियों को हॉकी का प्रशिक्षण भी दिया करते थे. वे खुद भी राज्यस्तरीय हॉकी खिलाड़ी रह चुके हैं. 2016 में रियो ओलंपिक की हिस्सा रही निक्की प्रधान भी उनकी ही शिष्या रही है. उन्होंने कहा कि पहले के खिलाड़ी काफी मेहनती हुआ करते थे. संसाधनों की कमी के बावजूद अपने खेल को निखारते थे और आगे बढ़ते थे. आज संसाधन होने के बाद भी खिलाड़ी मेहनत नहीं करना चाहता है. इस कारण अब उनके अंदर वो जज्बा नहीं दिखायी पड़ता है.

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खिलाड़ियों को संवारने में कोच की अहम भूमिका होती है. दशरथ महतो के साथ-साथ कई अन्य कोच भी जिले में खिलाड़ियों को तराशने में लगे हुए हैं. उनमें प्रमुख रूप से सुरेन बड़ाइक, करूणा पूर्ति, सुशांति हेरेंज, बेनेदिक सोय, सुरेश महतो, जोसेफ हेमरोम, नामजन मुरूम, बेंजामिन होरो, सोमरा भेंगरा एवं ज्योति आदि शामिल हैं.

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खूंटी जिले के एसएस हाईस्कूल प्लस टू स्कूल परिसर में बने स्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम की स्थिति अब धीरे-धीरे खराब होने लगी है. स्टेडियम बने 20 वर्ष से अधिक हो गये, लेकिन किसी प्रकार की बड़ी हॉकी प्रतियोगिता यहां आयोजित नहीं की गयी. स्टेडियम में अब तक अंतरजिला स्तर की ही प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी हैं. धीरे-धीरे स्टेडियम में बिछायी गयी स्ट्रोटर्फ अब खराब होने लगी है. पानी की उचित व्यवस्था नहीं है. किसी तरह से मरम्मत कर इसका उपयोग किया जा रहा है. स्टेडियम का उपयोग मात्र खिलाड़ियों की प्रैक्टिस करने के लिए रह गया है. कोरोना महामारी के कारण पिछले पांच माह से हॉकी स्टेडियम बंद है.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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