Mahashivratri 2022: महाशिवरात्रि संपूर्ण पूजा विधि, आरती, मंत्र, जलाभिषेक शुभ मुहूर्त यहां देखें
Mahashivratri 2022: इस बार महाशिवरात्रि पर विशेष पंचग्रही योग बन रहा है. इस शुभ संयोग में शिव जी की पूजा की जाए तो भगवान शिव मनोकामना पूरी करते हैं. मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से कई गुना ज्यादा फल की प्राप्ति होती है. महाशिवरात्रि पूजा शुभ मुहूर्त, आरती, मंत्र, शिव चालीसा, जलाभिषेक का समय जानें.
पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
महाशिवरात्रि के मौके पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए गरीबों को भोजन करवाएं. ऐसा करने से भक्तों के घर अन्न की कमी नहीं होती. साथ ही इससे पूर्वज प्रसन्न होंगे और उनकी आत्मा को शांति मिलेगी.
जानिए क्यों करते हैं शिवलिंग की पूजा
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के लिंग स्वरूप का पूजन किया जाता है. यह भगवान शिव का प्रतीक है. शिव का अर्थ है – कल्याणकारी और लिंग का अर्थ है सृजन. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव ने ही धरती पर सबसे पहले जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया था, इसीलिए भगवान शिव को आदिदेव भी कहा जाता है.
घर के सामने लगाएं भोलेनाथ की तस्वीर
शास्त्रों के अनुसार घर के उत्तर दिशा में यानी सामने ही भोलेनाथ की तस्वीर होनी चाहिए, जहां घर में आने जाने वाले सभी लोग भगवान शिव के दर्शन कर सकें.
इस मंत्र के बिना अधूरी है शिव-आराधना
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के ढेरों फायदे तो हैं ही, इसके अलावा इस मंत्र का जाप किए बिना शिव जी की पूजा को भी अधूरा माना जाता है. लिहाजा महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करते समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप जरूर करें.
महामृत्युंजय मंत्र –
ऊँ त्र्यंबकम् यजामहे सुगंधिम् पुष्टिवर्द्धनम्.
ऊर्वारुकमिव बंधनात, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्..
इस तरह पूजा करने से मिलता है फल
महाशिवरात्रि पर पूजा पाठ करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. इस दिन शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, गंगाजल, केसर, शहद और जल का मिश्रित घोल) चढ़ाना काफी शुभ होता है. कुछ लोग इस दिन शिवलिंग की चार पहर में पूजा करते हैं. पहले पहर में जल, दूसरे में दही, तीसरे में घी और चौथे पहर में शहद से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं.
144 साल बाद बना पंचभूत योग
फाल्गुन मास की चतुर्दशी के दिन शिवरात्रि मानी जाती है. आज 144 साल बाद विशेष योग बना है. पंच महाभूत योग एक ही राशि में मंगल, शनि, चंद्रमा, बुध और शुक्र एक ही राशि में आये हैं. इस वजह से ये विशेष योग आज बना. इसे सर्वार्थ सिद्धि योग, अभिजीत योग, अमृत सिद्धि योग बना है. आज शिव का अभिषेक जल से अलग-अलग सामग्रियों से करने से विशेष फल मिलता है. कामनाओ की सिद्धि के लिए और मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए आज का दिन ख़ास है. शिव पार्वती की पूजा से भोलेनाथ को प्रसन्न कर सभी फलों को प्राप्त कर सकते है और आज बन रहे विशेष योग के बीच सभी फलों को प्राप्त कर सकते हैं.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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