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झारखंड, छत्तीसगढ़ में लो प्रेशर एरिया, ओडिशा के 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

Updated at : 02 Oct 2023 6:58 PM (IST)
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झारखंड, छत्तीसगढ़ में लो प्रेशर एरिया, ओडिशा के 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है. कहा है कि मंगलवार सुबह तक भारी बारिश जारी रहेगी. कम से कम छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट है.

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Odisha Weather Update: झारखंड और छत्तीसगढ़ में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय है. इसके असर से ओडिशा के कम से कम छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है. भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) ने कहा है कि ओडिशा में दो अक्टूबर को भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है. वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों से अपील की है कि मौसम संबंधित सावधानियां बरतें. लोग जल भराव, कच्चे रास्तों एवं भारी यातायात वाले क्षेत्रों में जाने से बचें. मौसम अपडेट में आईएमडी ने कहा है कि दो अक्टूबर को ओडिशा में 115.6 मिलीमीटर से 204.4 मिलीमीटर वर्षा होने की संभावना है. इसलिए लोगों को सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है. विभाग ने कहा है कि जिन जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां बाढ़ भी आ सकती है. इसलिए लोगों को सुरक्षा के तमाम उपाय कर लेने चाहिए. इसमें पानी वाले इलाकों में जाने से बचना और कमजोर पुल-पुलिया से दूर रहना शामिल है.

मंगलवार सुबह तक ओडिशा के लिए ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, केंदुझार, देबगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, कटक और झारसुगुड़ा में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं, बरगढ़, जाजपुर, खुर्दा, बालेश्वर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र ने सोमवार को जारी अपने बुलेटिन में कहा, ‘निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम झारखंड और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ पर सक्रिय है.’ आईएमडी ने मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए कहा कि झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, सोनपुर, देवगढ़ और अंगुल जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.

इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

इसके अलावा बलांगीर, बौध, कटक, ढेंकनाल, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, क्योंझर और सुंदरगढ़ जिलों के लिए भारी बारिश (7 से 11 सेमी) का ‘येलो अलर्ट’ (अद्यतन) जारी किया गया है. मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे से बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक के पूर्वानुमान में आईएमडी ने बरगढ़, सोनपुर, बलांगीर, झारसुगुडा, सुंदरगढ़, संबलपुर, अंगुल, देवगढ़, मयूरभंज, क्योंझर, ढेंकनाल और जाजपुर जिलों के लिए भारी वर्षा (7 से 20 सेमी) का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है.

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ओडिशा में कहां हुई सबसे ज्यादा वर्षा

पिछले 24 घंटों के दौरान बरगढ़, रायगड़ा, ढेंकनाल, सोनपुर, बौध, संबलपुर, भद्रक, जाजपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में व्यापक स्तर पर बारिश हुई. राज्य में औसतन 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. आईएमडी ने बताया कि कम से कम चार स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक वर्षा (114 मिमी) बरगढ़ जिले के पदमपुर और रायगड़ा जिले के पद्मपुर में दर्ज की गई.

पदमपुर में 24 घंटे में 110 मिलीमीटर वर्षा

आईएमडी के मुताबिक, 24 घंटे के दौरान देश में जिन पांच जगहों पर सबसे अधिक वर्षा हुई है, उसमें ओडिशा का पदमपुर भी शामिल है. पदमपुर में 11 सेंटीमीटर वर्षा हुई है. हालांकि, सबसे अधिक वर्षा झारखंड के गढ़वा जिले के भवनाथपुर में हुई है. यहां 190 मिलमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है. दूसरे नंबर पर कोंकण का संगमेश्वर देवरुख है, जहां 160 मिलीमीटर, छत्तीसगढ़ के कुसमी में 130 मिलीमीटर, ओडिशा के पदमपुर में 110 मिलीमीटर और बिहार के हिसुआ में 100 मिलीमीटर वर्षा हुई है.

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बारिश के दौरान वज्रपात से कैसे बचें?

मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान वज्रपात की भी आशंका रहती है. ऐसे में लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है, ताकि उसके असर को कम किया जा सके. आप भी जान लें, कौन से हैं वो उपाय.

  • किसी भी सूरत में किसी पेड़ के नीचे शरण न लें.

  • अगर तालाब, झील या कहीं पानी में स्नान कर रहे हैं या उसके आसपास हैं, तो तत्काल वहां से बाहर निकलें. अगर धान की रोपाई कर रहे हैं, तो भी खेत से बाहर निकल जाएं.

  • किसी सुरक्षित पक्के छत के नीचे चले जाएं. बिजली कड़कने की आवाज के आधे घंटे बाद तक किसी सुरक्षित छत के नीचे ही रहें.

  • अगर आसपास कोई पक्का मकान या छत नहीं है, तो तत्काल वज्रपात से बचने के उपाय करें. पैर और सिर को मोड़कर आपस में मिला दें. खुद को गेंद के आकार का बना लें. दोनों हाथों से दोनों कानों को बंद कर लें, ताकि आपका शरीर जमीन के संपर्क में कम से कम रहे.

  • अगर यात्रा कर रहे हैं, तो अपनी कार, बस या ट्रेन में ही बने रहें. उससे बाहर न निकलें.

  • अगर बिजली कड़कती है, तो उस वक्त विद्युत उपकरणों का बिल्कुल इस्तेमाल न करें. मोबाइल फोन का भी नहीं.

  • अगर किसी इलाके में बिजली का तार नीचे गिरा है, तो उस इलाके में बिल्कुल न जाएं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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