बंगाल : जादवपुर यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की बालकनी से गिरकर छात्र की मौत,परिजनों ने लगाया हत्या व रैगिंग का आरोप
Published by : Shinki Singh Updated At : 10 Aug 2023 2:04 PM
स्वप्नदीप ने अपने पिता और चाचा से कहा कि कक्षाएं करने के साथ ही उसे यहां अच्छा लग रहा है. फिर बुधवार की रात अचानक हुई इस घटना के बाद उसकी मौत पर रहस्य और गहरा गया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इसके पीछे कोई और वजह है या नहीं.
जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्र स्वप्नदीप कुंडू की अस्वाभाविक मौत का मामला रहस्य बन गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रावास के ‘ए’ ब्लॉक की तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरने से स्वप्नदीप मृत्यु हो गई. वह बंगाल विभाग का प्रथम वर्ष का छात्र था. स्वप्नदीप नदिया के हंसखाली के बोगुला इलाके का रहने वाला है. हॉस्टल के अन्य छात्रों ने दावा किया कि बुधवार रात करीब 11.45 बजे उन्होंने कुछ भारी आवाज सुनी. उन्होंने देखा कि स्वप्नदीप लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ है.उसे पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गुरुवार सुबह 4:30 बजे उसका निधन हो गया. इस खबर की जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी है. पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
स्वप्नदीप बांग्ला विभाग की प्रथम वर्ष की कक्षाएं बुधवार से ही शुरू हुई थी. उसने अपने पिता और चाचा से कहा कि कक्षाएं करने के साथ ही उसे यहां अच्छा लग रहा है. फिर बुधवार की रात अचानक हुई इस घटना के बाद उसकी मौत पर रहस्य और गहरा गया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्याें उसने हॉस्टल की बालकनी से छलांग लगाई या इसके पीछे कोई और वजह है.
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स्वप्नदीप ने बुधवार की रात अपनी मां को फोन किया था. उसने कहा था कि तबीयत ठीक नहीं है. मुझे यहां डर लग रहा है आपलोग आकर मुझे यहां से ले जाओ. यह बात उनके चाचा अरूप कुंडू ने गुरुवार को कही. उन्होंने अपने भतीजे की रहस्यमय मौत के पीछे रैगिंग की भी शिकायत की. अरूप ने जादवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. उन्होंने यूनिवर्सिटी से भी शिकायत की है. इस घटना की जांच के लिए अपनी एक कमेटी बनाई. वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई ने अधिकारियों पर उंगली उठाई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वप्नदीप की विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रावास के ‘ए’ ब्लॉक की तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरने के बाद मौत हो गई. इस बात पर भी संदेह जताया जा रहा है कि क्या जादवपुर विश्वविद्यालय के बांग्ला विभाग के प्रथम वर्ष के इस छात्र ने आत्महत्या की है या नहीं.
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बांग्ला विभाग के शिक्षक राजेश्वर सिन्हा ने कहा, यह मौत चौंकाने वाली है. यूनिवर्सिटी के इस मामले को रैगिंग मानते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज करानी चाहिए. स्वप्नदीप स्वयं प्रेम से बांग्ला पढ़ने आये. उसे पढ़ना पसंद था. उसने खुद अपने पिता को बताया. उसके बाद ऐसा कैसे हुआ? जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कुणाल चट्टोपाध्याय के बयान पर भी विवाद हुआ. उन्होंने दावा किया कि स्वप्नदीप की मौत रैगिंग के कारण हुई. फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, कुछ समय पहले फर्स्ट ईयर के एक छात्र की रैगिंग के कारण मौत हो गई थी.
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सूत्रों के मुताबिक यूनिवर्सिटी का माहौल अच्छा है, लेकिन स्वप्नदीप को हॉस्टल में कुछ दिक्कत हो रही थी. उसने अपने पिता को फोन किया था और उसे घर ले जाने के लिए कहा था. कुणाल चटर्जी की पोस्ट और राजेश्वर सिन्हा का बयान स्वप्नदीप की मौत पर रहस्य को और बढ़ा देता है. हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से इस मौत के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है. यूनिवर्सिटी के छात्रों की ओर से प्रदर्शन भी किया जा रहा है ताकि आगे इस तरह की घटना ना हो उसके लिये उचित व्यवस्था की जायें.
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गुरुवार सुबह छात्र महासंघ ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि रात में जादवपुर विश्वविद्यालय के बंगाली विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र ने आत्महत्या कर ली. इस घटना से हमें गहरा दुख हुआ है. जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में इससे पहले भी कई बार रैगिंग जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी छात्रों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने पहल क्यों नहीं की इसका जवाब यूनिवर्सिटी अधिकारियों को देना होगा. हॉस्टल सुपर की मौजूदगी के बावजूद ऐसा कैसे हुआ, हम इस घटना की पारदर्शी और त्वरित जांच की मांग करते हैं और सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएं. जब तक स्वप्नदीप की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के लिए उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा.
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By Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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