Hariyali Amavasya 2020: 47 साल बाद बन रहा ऐसा संयोग, जानें क्यों है इस बार का सोमवती अमावस्या बेहद खास...
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 20 Jul 2020 11:27 AM
Hariyali Amavasya 2020: आज श्रावणी अमावस्या है. श्रावणी अमावस्या 20 जुलाई दिन सोमवार को पड़ रहा है. सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है. सावन अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है. प्रत्येक अमावस्या की तरह श्रावणी अमावस्या पर भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान-धर्म करने का महत्व है. इस बार की अमावस्या तिथि पर बेहद खास संयोग बन रहा है...
महामृत्युंजय मंत्र से लाभ
-ग्रहों के सारे कुप्रभाव नष्ट हो जाते हैं.
– शोक, मृत्यु के संकट टल जाते हैं.
-लंबे समय से चल रहे रोगों से मुक्ति मिलती है.
-पुराने कर्ज से मुक्ति मिलती है.
महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं सः। ऊँ भूः भुवः स्वः ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। ऊँ स्वः भुवः भूः ऊँ। ऊँ सः जूं हौं।
रुद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
आज इन मंत्र का जरूर करें जाप
भगवान शिव की कृपा उनके मंत्र जाप से शीघ्र प्राप्त होती है. यहां कुछ मंत्र प्रस्तुत हैं जिनका जाप विशेषकर आज सोमवती और हरियाली अमावस्या के दिन रुद्राक्ष की माला से जाप करना चाहिए, इसके अलावा प्रतिदिन इन मंत्रों से निम्न मंत्रों का जाप अवश्य ही करना चाहिए. मंत्र जपने वाला इस बात का ध्यान रखें कि मंत्र जाप करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख होना चाहिए. जाप के पूर्व शिवजी को बिल्वपत्र अर्पित करना चाहिए. इस दौरान भगवान शिव को जलाभिषेक भी करना चाहिए.
भगवान शिव के 8 आसान और अचूक मंत्र
– ॐ नमः शिवाय।
– नमो नीलकण्ठाय।
– ॐ पार्वतीपतये नमः।
– ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
– ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
– ऊर्ध्व भू फट्।
– इं क्षं मं औं अं।
– प्रौं ह्रीं ठः।>
आज करें हनुमान चालीसा का पाठ
आज हरियाली और सोमवती अमावस्या है. ऐसा संयोग 47 साल बाद बना है. आज यदि आप अपनी परेशानियों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आज हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. साथ ही सिंदूर और चमेली का तेल चड़ाएं. ऐसा करने से आपकी कष्ट दूर होगी.
ईशान कोण में जालाएं घी का दीपक
सावन अमावस्या की शाम को मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए घर के ईशान कोण में घी का दीपक जालाएं. इस दिन ऐसा करने से दरिद्रता घर के कोसों दूर रहती है और धन आगमन के रास्ते खुलते हैं.
खीर का भोग लगाएं
आज सोमवती अमावस्या है. इस दिन शिव जी की विधिवत पूजा करें और उन्हें खीर का भोग लगाएं. ऐसा करने से आपकी मनोकामना शीघ्र ही पूरी होगी. और भोले नाथ की कृपा भी प्राप्त होगी.
अमावस्या पर पितर देवताओं की करें पूजा
अमावस्या तिथि पर घर के तर्पण, श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है. परिवार के मृत सदस्यों को ही पितर देवता कहा गया है. अमावस्या तिथि की दोपहर में पितरों के लिए धूप-ध्यान करना चाहिए. गाय के गोबर से बना कंडा जलाएं और उस पर पितरों का ध्यान करते हुए गुड़-घी अर्पित करें.
हरियाली अमावस्या पर किसी मंदिर में लगाएं पौधा
सावन माह की ये तिथि प्रकृति को समर्पित है. इस दिन प्रकृति को हरा बनाए रखने के लिए पौधा लगाना चाहिए. किसी मंदिर में या किसी सार्वजनिक स्थान पर छायादार या फलदार पौधे लगाएं. साथ ही, इस पौधे का बड़े होने तक ध्यान रखने का संकल्प भी लें.
आज रात को कैसे करें पूजा
हरियाली अमावस्या की रात को घर में पूजा करते समय पूजा की थाली में स्वास्तिक या ऊँ बनाकर और उसपर महालक्ष्मी यंत्र रखें फिर विधिवत पूजा अर्चना करें, ऐसा करने से घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होगा और आपको सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी.
आज चिटियों को आज या चीन खिलाएं
आज सोमवती अमावस्या है. इस दिन मछलियों या चिटियों को आटा या चीनी खिलाने की मान्यताएं है. ऐसा करने से आपके घर में सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है.
हरियाली अमावस्या का महत्व
सावन मास में वर्षा के कारण चारों ओर हरियाली छा जाती है. श्रावण अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन मिलता है और इनकी वजह से ही मानव जीवन सुरक्षित रहता है, इसलिए प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी हरियाली अमावस्या का बहुत बड़ा महत्व है. आज पौधरोपण करने पर विशेष लाभ मिलता है.
शिव के मंत्र
– ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
-ॐ शिवाय नम:
– ॐ सर्वात्मने नम:
– ॐ त्रिनेत्राय नम:
– ॐ हराय नम:
परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय
आज सोमवती अमावस्या है. इस दिन शिव का जलाभिषक का विशेष महत्व है. वहीं अपनी परेशानियों से छुटकारा पाना है तो सावन की अमावस्या यानि आज हनुमान चालीसा का पाठ करें. साथ ही हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं. अमावस्या की शाम को मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं.
आज का दिन है बहुत खास
सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव, पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय की पूजा की जाती है. इस दिन जलाभिषेक करने पर सभी कष्ट दूर हो जाता है. इस दिन व्रत भी रखा जाता हैं. अमावस्या को महिलाएं तुलसी या पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा भी करती हैं. कई जगह अमावस्या पर पितर देवताओं की पूजा और श्राद्ध करने की भी परंपरा है. मान्यता है कि इस दिन पौधारोपण करने से ग्रह दोष शांत होते हैं.
सोमवती और हरियाली अमावस्या पूजा विधि
आज सोमवती और हरियाली अमावस्या है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ हो जाना चाहिए. इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें. पितरों के निमित्त तर्पण करें. इस दिन कई जगह उपवास भी रखा जाता है. जरूरतमंद लोगों को दान-दक्षिणा दें. पीपल के वृक्ष की पूजा करें. हो सके तो इस दिन पीपल, बरगद, केला, नींबू या तुलसी के पेड़ का पौधरोपण जरूर करें. हरियाली अमावस्या के दिन नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां खिलाने की भी परंपरा है. इस तिथि को तर्पण, स्नान, दान आदि के लिये बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है.
अमावस्या तिथि का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि प्रारम्भ – 20 जुलाई रात 12 बजकर 10 मिनट पर
अमावस्या तिथि समाप्त – 20 जुलाई रात 11 बजकर 02 मिनट पर
सावन अमावस्या पर 47 साल बाद बन रहा है ये संयोग
सावन महीने में सोमवार के दिन अमावस्या पड़ रही है तो पूर्णिमा भी सोमवार के दिन है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सोमवती अमावस्या और सोमवती पूर्णिमा का संयोग 47 साल बाद बना है. वहीं 20 साल बाद सावन सोमवार को सोमवती और हरियाली अमावस्या का संयोग बनेगा. इससे पहले साल 2000 में सोमवती और हरियाली अमावस्या एक साथ पड़ी थीं. चन्द्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ग्रह भी अपनी राशि में रहेंगे. इस दिन भगवान शिव की पूजन फलदायी रहेगा.
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