अलीगढ़: श्रीमद्भागवत कथा में चल रहा था गोवर्धन लीला का वर्णन, फिर हकीकत में आयी आंधी-बारिश और गिर गया पंडाल

Updated:
विज्ञापन

श्रीमद्भागवत कथा में गोवर्धन लीला का वर्णन हो रहा था. जिस तरह से इन्द्र देवता कुपित हो कर आंधी बारिश का मंचन हो रहा था, उसी समय आंधी बारिश हकीकत में आ गई और पंडाल गिर गया.

विज्ञापन

अलीगढ़ . यूपी के अलीगढ़ में खेरेश्वर धाम हरिदासपुर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के दौरान आंधी और बारिश शुरू हो गयी. आंधी के चलते आरती के समय 108 कुंडिया यज्ञ के ऊपर लगा पंडाल भरभरा कर गिर गया. हालांकि पूजा पंडाल में किसी के दबने की सूचना नहीं है. बताया जा रहा है कि कथा में गोवर्धन लीला हो रहा था. जिस तरह से इन्द्र देवता कुपित हो कर आंधी बारिश का मंचन हो रहा था, उसी समय आंधी बारिश हकीकत में आ गई और पंडाल गिर गया.

पांडाल पूरी तरह से बनाया गया था वाटरप्रूफ

हरिदासपुर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा का नजारा वृंदावन धाम जैसा बनाया गया था. यहां साक्षात देवी देवताओं का सुंदर चित्रण किया गया था. इतना ही नहीं पूरी तरीके से धार्मिक आश्रम बनाया गया था. हरदासपुर का महत्व भी स्वामी हरिदास की जन्मस्थली से माना जाता है. यहां भागवत कथा और 108 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन 6 जून से शुरू हुआ था और 13 जून तक होना था. यहां सुबह 7 बजे से ही कथा व महायज्ञ का आयोजन हो रहा था. कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का लोक श्रवण करा रहे थे. भक्तों की संख्या भी यहां आई हुई थी. पांडाल में एंट्री के चार गेट बनाए गए थे. हालांकि कहा गया था कि भागवत कथा का पांडाल पूरी तरह से वाटरप्रूफ बनाया गया.

Also Read: UP Breaking Live: कौशांबी में कुएं से किशोरी का शव बरामद, मामले की जांच में जुटी पुलिस
भागवत कथा के दौरान गिरा पंडाल

लेकिन 10 मिनट की आंधी भी नहीं झेल पाया और भरभरा कर पंडाल ताश के पत्तों की तरह गिर गया. इस कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आने की भी बात कही गई थी. कार्यक्रम में आई भक्त डॉ राधा भारद्वाज ने बताया कि हरदासपुर में तेज हवा चल रही थी. इस दौरान भागवद कथा चल रहा था. इसमे गोवर्धन लीला का वर्णन किया जा रहा था . जो वास्तव में सार्थक हुआ. इन्द्र देवता के कुपित होने की बात चली, तभी आंधी – तूफान आ गया और यज्ञ शाला की पंडाल गिर गया. डॉ राधा भारद्वाज ने बताया कि इंद्र देवता का कोप है. लेकिन भगवान की कृपा से किसी को कोई चोट नहीं आई. केवल पूजा का पंडाल ही गिरा है.

रिपोर्ट- आलोक सिंह, अलीगढ़

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola