झारखंड के राज्यपाल CP राधाकृष्णन ने ‘यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन’ के गठन पर दिया जोर, बताया- क्या होगा फायदा?

Updated at : 28 Mar 2023 3:19 AM (IST)
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झारखंड के राज्यपाल CP राधाकृष्णन ने ‘यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन’ के गठन पर दिया जोर, बताया- क्या होगा फायदा?

राज्यपाल श्री राधाकृष्णन ने कहा कि विश्वविद्यालय यदि समाज को अच्छा विद्यार्थी नहीं दे पाता है, तो हम विकास नहीं कर पायेंगे. सभी कुलपति विश्वविद्यालय के लंबित पुराने मामलों को ईमानदारी पूर्वक निष्पादित करें

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प्रथम ‘कुलपति सम्मेलन’ हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्थित विवेकानंद सभागार में सोमवार को हुआ. सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि झारखंड में ‘यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन’ का गठन शीघ्र होना चाहिए. इससे सभी विश्वविद्यालयों में पिछले 15 वर्षों से लंबित नियुक्ति और प्रोन्नति मामले का शीघ्र समाधान हो पायेगा.

उन्होंने कहा कि सभी कुलपतियों ने विश्वविद्यालय से संबंधित समस्याएं बतायी हैं, जिसका शीघ्र समाधान करूंगा. विश्वविद्यालय का संचालन कुलपति एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार करें. इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.

राज्यपाल श्री राधाकृष्णन ने कहा कि विश्वविद्यालय यदि समाज को अच्छा विद्यार्थी नहीं दे पाता है, तो हम विकास नहीं कर पायेंगे. सभी कुलपति विश्वविद्यालय के लंबित पुराने मामलों को ईमानदारी पूर्वक निष्पादित करें . विश्वविद्यालय की सफलता झारखंड सरकार के मानव संसाधन विभाग और राजभवन पर निर्भर नहीं करता है. यह इस पर निर्भर करता है कि कुलपति विद्यार्थियों से कितना शोध कार्य करवाते हैं.

शोध कार्यों को कराने के लिए सभी कुलपति स्वतंत्र हैं. छात्र संघों के गठन पर ईमानदारी से विचार होना चाहिए. शिक्षक और छात्रों की बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाये. विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय खिलाड़ी सामने आयें, इसके लिए खेलकूद के वातावरण और संसाधन को बेहतर बनायें. राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-20 विश्वविद्यालयों में झारखंड के 12 विश्वविद्यालयों को लाना हमारा लक्ष्य है.

शिक्षकों की नियुक्ति और प्रोन्नति के बाद ही अमल में आ सकती है नयी शिक्षा नीति : राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (निपा) नयी दिल्ली के कुलपति डॉ सुधांशु भूषण ने कहा कि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति और प्रोन्नति कार्य को पूरा करने के बाद ही नयी शिक्षा नीति अमल में आ सकती है.

विभावि के कुलपति प्रो मुकुल नारायण देव ने स्वागत भाषण दिया. कहा कि विश्वविद्यालय में इस सम्मेलन का आयोजित होना और इसमें महामहिम राज्यपाल, सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति और झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के शामिल होने से हम सभी गौरवान्वित हैं. धन्यवाद ज्ञापन उच्च शिक्षा निदेशक गरिमा सिंह ने किया. सम्मेलन में 11 विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपायुक्त नैंसी सहाय और कई शिक्षाविद शामिल हुए.

तीन हजार शिक्षक के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जायेगा

राज्य के उच्च शिक्षा सचिव राहुल पुरवार ने कहा कि झारखंड के विश्वविद्यालयों में 3000 शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जायेगा. इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को झारखंड के विश्वविद्यालयों में पूर्ण रूप से लागू करना है. राज्य सरकार और विश्वविद्यालय टीम वर्क के साथ काम करेगी.

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