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झारखंड: चौकीदार सदीक अंसारी हत्याकांड का खुलासा, देसी हथियार के साथ पूर्व नक्सली मनोज तुरी अरेस्ट

Updated at : 26 Nov 2023 11:04 PM (IST)
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झारखंड: चौकीदार सदीक अंसारी हत्याकांड का खुलासा, देसी हथियार के साथ पूर्व नक्सली मनोज तुरी अरेस्ट

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार मिश्रा बताया कि पूछताछ के क्रम में मनोज ने चौकीदार की हत्या में अपनी संलिप्ता स्वीकार की है. इस घटना में मनोज के साथ दो अन्य अपराधी भी साथ थे. जिसकी पहचान गुप्त रखते हुए पुलिस अग्रतर कार्रवाई कर रही है.

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चंदवा (लातेहार) सुमित: लातेहार के चंदवा थाने में कार्यरत चौकीदार सदीक अंसारी हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर लिया है. रविवार को स्थानीय थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार सात नवंबर की दोपहर बाद चंदवा-माल्हन- मैक्लुस्कीगंज पथ स्थित दुबी गांव के समीप गोली मारकर सदीक की हत्या कर दी गई थी. कांड संख्या 217/2023 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी थी. जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी जारी थी. इस क्रम में रविवार 26 नवंबर को चंदवा थाना अंतर्गत ढोंटी जंगल से एक अपराधी को गिरफ्तार किया गया. उसकी पहचान मनोज तुरी (पिता बिगलू तुरी पाहनटोला, ढोंटी) के रूप में की गई. उसके पास से एक लोडेड देसी कट्टा भी बरामद किया गया.

पूर्व नक्सली है मनोज तुरी

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार मिश्रा बताया कि पूछताछ के क्रम में मनोज ने चौकीदार की हत्या में अपनी संलिप्ता स्वीकार की है. इस घटना में मनोज के साथ दो अन्य अपराधी भी साथ थे. जिसकी पहचान गुप्त रखते हुए पुलिस अग्रतर कार्रवाई कर रही है. मनोज पूर्व में उग्रवादी संगठन जेएसजेएमएम व पीएलएफआई के लिए भी कार्य कर चुका है. पुलिस की मानें तो चौकीदार की हत्या का कोई विशेष कारण सामने नहीं आ पाया है. अपराधियों के कार्य में सदीक रोक-टोक कर रहा था. यही उसकी हत्या का मुख्य कारण हो सकता है. ज्ञात हो कि माल्हन क्षेत्र में तार व टावर कटिंग का धंधा चरम पर था. इसके कारण भी चौकीदार की हत्या से इनकार नहीं किया जा सकता था.

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गिरफ्तार मनोज तुरी का रहा है आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार मनोज तुरी का आपराधिक इतिहास रहा है. चंदवा थाने में उसके खिलाफ चार मामले दर्ज हैं. बालूमाथ थाना में एक व पिपरवार थाना में एक मामला दर्ज है. चंदवा थाना में कांड संख्या 129/2020, कांड संख्या 166/2020, कांड संख्या 183/2023 व कांड संख्या 217/2023 दर्ज है. बालूमाथ थाना में कांड संख्या 226/2020 व पिपरवार थाना में कांड संख्या 44/2020 के तहत मामला दर्ज है. पुलिस पिछले कई दिनों से उसकी तलाश में थी.

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छापामारी दल में थे शामिल

इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार मिश्रा कर रहे थे. उनके अलावे छापामारी दल में चंदवा थाना प्रभारी शुभम कुमार, मनिका थाना प्रभारी राणा भानु प्रताप सिंह, बारियातू थाना प्रभारी मुकेश चौधरी, बालूमाथ थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार महतो, हेरहंज थाना प्रभारी नीतीश कुमार के अलावे पुअनि जमील अंसारी, राजकुमार तिग्गा, नारायण यादव, दिव्य प्रकाश, दीपक नारायण सिंह, कुंदन कुमार के अलावे सैट-44 व रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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