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सरायकेला में पुलिस हिरासत में नाबालिग की मौत मामले में 6 दिन बाद शव का हुआ अंतिम संस्कार, मिला मुआवजा

Updated at : 08 Nov 2022 5:19 PM (IST)
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सरायकेला में पुलिस हिरासत में नाबालिग की मौत मामले में 6 दिन बाद शव का हुआ अंतिम संस्कार, मिला मुआवजा

सरायकेला थाना में एक नाबालिग की मौत मामले में आखिरकार छह दिन बाद अंतिम संस्कार मंगलवार को हुआ. मृतक के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया था. पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद नाबालिग का अंतिम संस्कार हुआ. व

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Jharkhand Crime News: सरायकेला पुलिस थाना की हिरासत में गत दो नवंबर को नाबालिग मोहन मुर्मू की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के छह दिन बाद उससे मुक्ति मिली. मंगलवार को जिला प्रशासन एवं परिजनों के समझौता के बाद मृतक के परिजनों में पिता दुबाई मुर्मू एवं माता सपरा मुर्मू को जहां तीन लाख की सहायता राशि सरायकेला जिला प्रशासन द्वारा दिया गया, वहीं प्रशासन के आश्वासन पर परिजन शव के अंतिम संस्कार करने को राजी हो गये और एमजीएम से शव लेकर स्वर्णरेखा बर्निग घाट में उसका अंतिम किया गया.

मृतक के परिजनों को मिला तीन लाख की सहायता राशि

जिला परिषद सदस्य देवायानी मुर्मू, मुखिया संघ के निताय मुंडा, जिला परिषद सदस्य सुभाष सिंह सहित अन्य लोगों संग परिजन मंगलवार को सरायकेला पहुंचे जहां डीसी अरवा राजकमल, एसपी आनंद प्रकाश, एसडीपीओ हरविंदर सिंह ने परिजनों से बात कर शव का अंतिम संस्कार करने का आग्रह करते हुए दो लाख का चेक और एक लाख नगद सहायता राशि दिया गया. परिजनों संग आये मुखिया संघ के निताई मुंडा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक लाख और सहायता राशि देने का आश्वासन दिया गया है.

अब तक पांच लाख का मिला मुआवजा

उन्होंने बताया कि दो दिन पहले दो लाख का मुआवजा एसडीपीओ के माध्यम से परिजनों को दिया गया था. अब तक पांच लाख का मुआवजा मिल चुका है. मुआवजा मिलने के बाद शव को स्वर्णरेखा बर्निग घाट में ले कर आंतिम संस्कार कराया गया.

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स्पीड़ी ट्रायल के तहत दोषियों को दिलायी जाएगी सजा

डीसी अरवा राजकमल और एसपी आनंद प्रकाश ने बताया कि मामले का स्पीडी ट्रायल के तहत जांच करायी जाएगी.  साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों को सजा दिलाई जाएगी. डीसी ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन से परिजनों को हर संभव सरकारी सहायता जैसे पेंशन, आवास का लाभ दिलाने का आग्रह भी किया जाएगा. साथ ही निजी स्तर पर परिजनों को नौकरी के लिए पहल भी किया जाएगा.

क्या था मामला

विगत दो नवंबर को पूर्वी सिंहभूम जिला के घाटशिला स्थित मुंडाकाटी निवासी नाबालिग युवक का पुलिस हिरासत में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी थी. मामले की सूचना के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इंकार कर दिया था. शव को पुलिस प्रशासन द्वारा एमजीएम, जमशेदपुर के शीत गृह में रख दिया गया था. परिजन मुआवजा सहित दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर रहे थे. मामले पर एसपी ने सरायकेला थाना प्रभारी मनोहर कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था. इसके बाद सरायकेला पहुंचे परिजनों ने थाना प्रभारी एवं अनुसंधानकर्त्ता के खिलाफ हत्या करने, साक्ष्य को छुपाने, मारपीट करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए सरायकेला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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