ePaper

Bhanu Saptami : आज मनाया जा रहा है भानु सप्तमी, जानें इस दिन का महत्व, सूर्य पूजा की विधि और लाभ

Updated at : 09 Jan 2022 6:24 AM (IST)
विज्ञापन
Bhanu Saptami : आज मनाया जा रहा है भानु सप्तमी, जानें इस दिन का महत्व, सूर्य पूजा की विधि और लाभ

भानु सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा से आरोग्य सुख का आशीर्वाद मिलता है. इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. भानु सप्तमी पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को पड़ता है.

विज्ञापन

भानु सप्तमी के दिन विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा करने वालों को धन, दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माना गया है कि भानु सप्तमी के दिन व्रत रखने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है और सभी प्रकार की बीमारियां दूर रहती हैं. भानु सप्तमी का व्रत 9 जनवरी, रविवार के दिन रखा जाएगा.

भानु सप्तमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. ऐसी मान्यता हैै कि भानु सप्तमी की पूर्व संध्या पर, सूर्य देवता ने सात घोड़ों के रथ पर अपनी पहली उपस्थिति दर्शायी थी. विभिन्न सप्तमी तीथों में, भानु सप्तमी बहुत शुभ मानी जाती है और पश्चिमी भारत और दक्षिणी भारत के क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाई जाती है. प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष पर जब रविवार पड़ती है तो उस दिन भानु सप्तमी मनाई जाती है. यह दिन 9 जनवरी रविवार को है.

भानु सप्तमी के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का जाप करें

भानु सप्तमी के दिन सूर्य स्तोत्रों और आदित्य हृदय स्तोत्रों का जाप करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं. इस दिन जाप के साथ महा-अभिषेक करके भगवान सूर्य की पूजा की जाती है. इस दिन गरीबों को फल, कपड़े आदि का दान करना भी शुभ होता है.

भानु सप्तमी का महत्व

भानु सप्तमी के दिन को उस दिन का संकेत माना जाता है जब भगवान सूर्य अपने रथ पर पृथ्वी पर आये थे. भगवान सूर्य के आगमन ने पृथ्वी पर जीवन ला दिया. धार्मिक मान्यता है कि भगवान सूर्य सभी प्राणियों के निर्माता हैं और जीवन शक्ति और स्वास्थ्य के स्वामी भी हैं. जो व्यक्ति भगवान सूर्य की पूजा करते हैं और भानु सप्तमी का व्रत रखते हैं उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

भानु सप्तमी पूजा विधि

भानु सप्तमी व्रत सुबह से शुरू होता है और व्रत का समापन सूर्यास्त के बाद किया जाता है.

  • सुबह जल्दी उठने और पवित्र नदी में स्नान करने करने की परंपरा है. ऐसा संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान करना चाहिए.

  • स्नान के दौरान अक्का और हल्दी के कुछ पत्तों को सिर पर रखा जाता है, जिस पर पानी डाला जाता है.

  • इसके बाद, जातक वेदी पर सूर्य यंत्र लगाते हैं.

  • उसके बाद भगवान सूर्य को फूल, प्रसाद और जल चढ़ाया जाता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola