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Ahoi Ashtami 2021 LIVE Updates: अहोई अष्टमी पर कब निकलेंगे तारे और क्या है चांद देखने का समय

Updated at : 28 Oct 2021 5:06 PM (IST)
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Ahoi Ashtami 2021 LIVE Updates: अहोई अष्टमी पर कब निकलेंगे तारे और क्या है चांद देखने का समय

Ahoi Ashtami Puja Ka Shubh Muhurat, Katha: अहोई अष्टमी का यह व्रत संतान की लंबी आयु के लिए किया जाता है. इस दिन माता पार्वती के अहोई स्वरूप की अराधना की जाती है. यहां जानिये तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि से लेकर सब कुछ

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5:06 PM. 28 Oct 215:06 PM. 28 Oct

यह है व्रत की पूजा विधि

पूजा विधि: अहोई अष्टमी के दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके व्रत का संकल्प करती हैं. पूजा के लिए गेरू पर दीवार से अहोई माता का चित्र बनाएं, साथ ही सेही और उनके सात पुत्रों का चित्र भी बनाती हैं. चित्र बनाने की जगह मार्केट से खरीदे गए कैलेंडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सामग्री के लिए अहोई माता मूर्ति, माला, दीपक, करवा, अक्षत, पानी का कलश, पूजा रोली, दूब, कलावा, श्रृंगार का सामान, श्रीफल, सात्विक भोजन, बयाना, चावल की कोटरी, सिंघाड़े, मूली, फल, खीर, दूध व भात, वस्त्र, चौदह पूरी और आठ पुए जरूरी होते हैं.

5:06 PM. 28 Oct 215:06 PM. 28 Oct

शुभ मुहूर्त (Ahoi Ashtami Shubh Muhurat)

अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर 2021 को बृहस्पतिवार के दिन रखा जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त- 05:39 PM से 06:56 PM

अवधि- 01 घण्टा 17 मिनट

गोवर्धन राधा कुण्ड स्नान गुरुवार, अक्टूबर 28, 2021 को

तारों को देखने के लिए सांझ का समय- 06:03 PM

अहोई अष्टमी के दिन चन्द्रोदय समय-11:29 PM

4:01 PM. 28 Oct 214:01 PM. 28 Oct

अहोई माला पहनने का महत्व

अहोई अष्टमी के दिन स्याहु माला को संतान की लंबी आयु की कामना के साथ पहना जाता है. दिवाली तक इसे पहनना आवश्यक माना जाता है. मान्यता है कि इससे पुत्र की आयु लंबी होती है.

4:01 PM. 28 Oct 214:01 PM. 28 Oct

संध्या काल में पढ़ते हैं अहोई कथा

संध्या के समय अहोई माता की कथा सुनने के बाद तारे काे अर्घ्य देकर पूजा पूर्ण होती है. पूजा के बाद महिलाएं चांदी की बनी स्याहु की माला पहनती हैं.

4:01 PM. 28 Oct 214:01 PM. 28 Oct

अहोई पर पूजा का समय

दिन में अहोई अष्टमी कथा सुनने और पूजन के लिए दोपहर 12:30 से 2 बजे के बीच स्थिर लग्न और शुभ चौघड़िया मुहूर्त का समय श्रेष्ठ होगा. संध्याकाल में अहोई माता के पूजन के लिए शाम 6:30 से 8:30 के बीच स्थिर लग्न का शुभ मुहूर्त होगा.

4:01 PM. 28 Oct 214:01 PM. 28 Oct

अहोई व्रत में ना पहनें इन रंगों के कपड़े

अहोई अष्टमी के दिन महिलाएं को नीले और काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. जिन महिलाओं ने व्रत रखा हैं वे इन रंगों के कपड़े भूलकर भी धारण न करें.

1:05 PM. 28 Oct 211:05 PM. 28 Oct

अहोई अष्टमी का लाभ

ऐसी मान्यता है कि जिन महिलाओं की संतानें हमेशा बीमार रहती हैं उन्हें यह व्रत जरूर करने चाहिए. संतानें होते ही मर जाती हैं, उन्हें भी यह व्रत अवश्य करना चाहिए. संतानों की अच्छी और लंबी आयु के लिए महिलाओं को यह व्रत करना चाहिए. यह व्रत माता और पिता दोनों करें तो अधिक फल प्राप्त मिलता है.

11:26 AM. 28 Oct 2111:26 AM. 28 Oct

अहोई अष्टमी की सामग्री

अहोई माता मूर्ति या पोस्टर, माला, दीपक, करवा, अक्षत, पानी का कलश, पूजा रोली, दूब, कलावा, श्रृंगार के सामान, श्रीफल, सात्विक भोजन, बयाना, चावल की कोटरी, सिंघाड़े, मूली, फल, खीर, दूध व भात, वस्त्र, चौदह पूरी और आठ पुए आदि.

10:42 AM. 28 Oct 2110:42 AM. 28 Oct

अहोई अष्टमी मंत्र

अहोई अष्टमी से 45 दिनों तक ‘ॐ पार्वतीप्रियनंदनाय नमः’ का 11 माला जाप करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि संतान कामना की इच्छा रखने वाले लोगों की भी इच्छा पूरी हो जाती है.

9:20 AM. 28 Oct 219:20 AM. 28 Oct

अहोई अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त

इस साल अहोई अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त (Ahoi Ashtami Puja Shubh Muhurat) 28 अक्टूबर 2021, गुरुवार को शाम 05:39 से 06:56 तक है. वहीं तारों को देखने का समय शाम को करीब 06:03 बजे है.

9:20 AM. 28 Oct 219:20 AM. 28 Oct

अहोई अष्‍टमी की पूजा विधि

इस दिन अहोई माता (Ahoi Mata) की पूजा की जाती है. इसके लिए दीवार पर या कागज पर गेरू से अहोई माता का चित्र बनाएं और साथ ही सेई और उसके 7 पुत्रों का भी चित्र बनाएं. फिर अपने बच्‍चों के कल्‍याण और उनकी सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा शुरू करें. इसके लिए अहोई माता के चित्र के सामने एक चौकी रखकर उस पर जल से भरा कलश रखें. कलश पर स्वास्तिक बनाएं. फिर रोली-चावल से माता की पूजा करें. उन्‍हें मीठे पुए या आटे के हलवे का भोग लगाएं. इसके बाद हाथ में गेंहू के 7 दाने लेकर अहोई माता की कथा सुनें. आखिर में चंद्रमा और तारों को अर्घ्य दें.

8:46 AM. 28 Oct 218:46 AM. 28 Oct

महिलाएं न करें मिट्टी से जुड़ा कोई काम

अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) के व्रत के दिन महिलाओं को मिट्टी से जुड़ा कोई काम नहीं करना चाहिए. इसके अलावा भूलकर भी खुरपी का इस्तेमाल नहीं करें. अहोई अष्टमी के दिन ऐसा करना अशुभ होता है.

8:46 AM. 28 Oct 218:46 AM. 28 Oct

धारदार चीजों का नहीं करें इस्तेमाल

अहोई अष्टमी के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं किसी भी धारदार चीज का इस्तेमाल नहीं करें. कैंची, चाकू, सुई और ब्लेड आदि का इस्तेमाल नहीं करें. धारदार चीजों का इस्तेमाल अशुभ माना जाता है.

8:46 AM. 28 Oct 218:46 AM. 28 Oct

खाना बनाने में नहीं इस्तेमाल करें ये चीजें

अहोई अष्टमी के व्रत के दिन खाना बनाने में प्याज, लहसुन और तेल आदि का इस्तेमाल नहीं करें. जो महिलाएं अहोई अष्टमी का व्रत रखें वो दिन में सोने से परहेज करें. गलती से भी घर में किसी बड़े-बुजुर्ग का अनादर न करें.

8:46 AM. 28 Oct 218:46 AM. 28 Oct

अहोई अष्टमी व्रत मुहूर्त

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 28 अक्टूबर 2021 गुरुवार, 12:49PM से
अष्टमी तिथि समाप्ति: 29 अक्टूबर 2021 शुक्रवार, 2:09 PM तक
पूजा मुहूर्त समय: 05:39 PM से 06:56 तक

8:46 AM. 28 Oct 218:46 AM. 28 Oct

इन रंगों के कपड़े नहीं पहनें महिलाएं

वैसे तो हिंदू धर्म की हर पूजा में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा होती है लेकिन अहोई अष्टमी की पूजा शुरू करने से पहले गणेश जी की पूजा करना का विशेष महत्व है. अहोई अष्टमी पर अर्घ्य के लिए कांसे के लोटे का इस्तेमाल नहीं करें. इसके अलावा महिलाएं गहरे नीले या काले रंग के कपड़े नहीं पहनें.

6:41 AM. 28 Oct 216:41 AM. 28 Oct

अहोई व्रत में जरूर करें ये काम

1. अहोई व्रत रखने वाली महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुखदायी जीवन की कामना करें

2. व्रत से पहले की रात सादा भोजन करें। मांस, लहसुन, प्यार और मदिरा का सेवन न करें

3. अहोई अष्टमी के दिन निर्धन व्यक्ति को दान दें, इससे फल की प्राप्ति होती है

4. अहोई अष्टमी के लिए नए करवे का प्रयोग करें

Happy Ahoi Ashtami 2021 Wishes, Quotes, Images: माता के दरबार में . . .

6:41 AM. 28 Oct 216:41 AM. 28 Oct

व्रत के समय भूलकर भी न करें ये काम, नहीं प्राप्त होगा व्रत का पूरा फल

यदि आपने अहोई अष्टमी का व्रत रखा है तो आपको दिन के समय भूलकर भी सोना नहीं चाहिए, मान्यता है कि इससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है.

6:02 AM. 28 Oct 216:02 AM. 28 Oct

अहोई पहनने का सही तरीका

अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा करें और करवा में जल भरकर रखें. अहोई माता की कथा सुनें.स्याहु माता के लॉकेट की पूजा करें। उसके बाद संतान को पास में बैठाकर माला बनाएं. इस मौले को मौली के धागों की मदद से तैयार करें. माला बनाने के लिए किसी प्रकार की सूई या पिन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. संतान का तिलक करें और माला धारण करें.

6:02 AM. 28 Oct 216:02 AM. 28 Oct

पवित्र माह कार्तिक में आता है यह पवित्र त्‍योहार

कार्तिक मास की काफी महत्ता है और इसकी महिमा का बखान पद्मपुराण में भी किया गया है. कहा जाता है कि इस माह में प्रत्येक दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करने, ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने, गायत्री मंत्र का जप एवं सात्विक भोजन करने से महापाप का भी नाश होता है. इसलिए इस माह में आने वाले सभी व्रत का विशेष फल है.

6:02 AM. 28 Oct 216:02 AM. 28 Oct

अहोई अष्टमी पूजा सामग्री

अहोई माता मूर्ति, माला, दीपक, करवा, अक्षत, पानी का कलश, पूजा रोली, दूब, कलावा, श्रृंगार का सामान, श्रीफल, सात्विक भोजन, बयाना, चावल की कोटरी, सिंघाड़े, मूली, फल, खीर, दूध व भात, वस्त्र, चौदह पूरी और आठ पुए आदि.

5:42 PM. 27 Oct 215:42 PM. 27 Oct

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है अहोई अष्टमी

हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं संतान प्राप्ति और अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए निर्जल उपवास करती हैं. फिर शाम को तारों का दर्शन करने के बाद उन्हें अर्घ्य देकर व्रत पारण करती हैं.

4:51 PM. 27 Oct 214:51 PM. 27 Oct

अहोई अष्टमी पर बन रहा है गुरु-पुष्य योग (Ahoi Ashtami Guru Pushya Yog)

ज्योतिषियों के अनुसार अहोई अष्टमी व्रत (Ahoi Ashtami Vrat) के दिन गुरू पुष्य योग (Guru Pushya Yog) की उपस्थिति होने के कारण अहोई अष्टमी व्रत का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. इस बार अहोई अष्टमी पर यही योग बना रहा है, तो माताएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए ये व्रत अवश्य रखें. शाम के समय ही तारों को देखने के बाद माताएं उनकी पूजा करती हैं और अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करती हैं.

4:51 PM. 27 Oct 214:51 PM. 27 Oct

अहोई अष्टमी शुभ मुहूर्त (Ahoi Ashtami Shubh Muhurat)

अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर 2021 को बृहस्पतिवार के दिन रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त- 05:39 PM से 06:56 PM
अवधि- 01 घण्टा 17 मिनट
गोवर्धन राधा कुण्ड स्नान गुरुवार, अक्टूबर 28, 2021 को
तारों को देखने के लिए सांझ का समय- 06:03 PM
अहोई अष्टमी के दिन चन्द्रोदय समय-11:29 PM

3:11 PM. 27 Oct 213:11 PM. 27 Oct

अहोई से लेकर दिवाली तक पहनते हैं स्याहु की माला

अहोई अष्टमी की पूजा के लिए चांदी की अहोई बनाई जाती है, जिसे स्याहु भी कहते हैं. पूजा के समय इस माला कि रोली, अक्षत से इसकी पूजा की जाती है, इसके बाद एक कलावा लेकर उसमे स्याहु का लॉकेट और चांदी के दाने डालकर माला बनाई जाती है. व्रत करने वाली माताएं इस माला को अपने गले में अहोई से लेकर दिवाली तक धारण करती हैं.

3:11 PM. 27 Oct 213:11 PM. 27 Oct

अहोई पहनने का सही तरीका

अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा करें और करवा में जल भरकर रखें. अहोई माता की कथा सुनें. स्याहु माता के लॉकेट की पूजा करें, उसके बाद संतान को पास में बैठाकर माला बनाएं. इस मौले को मौली के धागों की मदद से तैयार करें. माला बनाने के लिए किसी प्रकार की सूई या पिन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. संतान का तिलक करें और माला धारण करें.

12:08 PM. 27 Oct 2112:08 PM. 27 Oct

अहोई अष्टमी पर स्याहु की माला पहनने का महत्व

अहोई अष्टमी की पूजा के लिए चांदी की अहोई बनाई जाती है, जिसे स्याहु भी कहते हैं. पूजा के समय इस माला कि रोली, अक्षत से इसकी पूजा की जाती है, इसके बाद एक कलावा लेकर उसमे स्याहु का लॉकेट और चांदी के दाने डालकर माला बनाई जाती है. व्रत करने वाली माताएं इस माला को अपने गले में अहोई से लेकर दिवाली तक धारण करती हैं.

12:08 PM. 27 Oct 2112:08 PM. 27 Oct

पूजा का मुहूर्त शाम को 01 घंटे 17 मिनट का है

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को संतान के सुखी और समृद्धि जीवन के लिए अहोई अष्टमी को व्रत रखा जाता है. 28 अक्तूबर को शाम 5:39 से शाम 6:56 बजे तक अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त है. अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा का मुहूर्त शाम को 01 घंटे 17 मिनट का है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत कर अहोई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं. इस व्रत में शाम को तारों को अर्घ्य दिया जाता है.

10:18 AM. 27 Oct 2110:18 AM. 27 Oct

अहोई अष्टमी पर बन रहे तीन शुभ योग

इस साल अहोई अष्टमी पर 3 विशेष योग बन रहे हैं. इसे अत्यधिक शुभ माना जा रहा है. इसमें सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और गुरु पुष्य योग एक साथ बन रहे हैं. इन योगों में पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना जाता है. बृहस्पतिवार को गुरु पुष्य नक्षत्र योग होने से अत्यधिक लाभ मिलता है. ऐसे में इस बार अहोई व्रत करने वाली माताओं को कई गुना ज्या फल मिलेगा.

9:36 AM. 27 Oct 219:36 AM. 27 Oct

अहोई अष्टमी शुभ मुहूर्त

इस साल अष्टमी तिथि 28 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 29 अक्टूबर की दोपहर 02 बजकर 09 मिनट तक रहेगी. इस दिन पूजन मुहूर्त 28 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 39 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक है.

8:47 AM. 27 Oct 218:47 AM. 27 Oct

अहोई अष्टमी महत्व

हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी का विशेष महत्व है। यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है. कहते हैं कि अहोई अष्टमी का व्रत कठिन व्रतों में से एक है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं. मान्यता है कि अहोई माता की विधि-विधान से पूजन करने से संतान को लंबी आयु प्राप्त होती है. इसके साथ ही संतान की कामना करने वाले दंपति के घर में खुशखबरी आती है.

8:47 AM. 27 Oct 218:47 AM. 27 Oct

Ahoi Ashtami 2021: व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार दिवाली के मौके पर घर को लीपने के लिए एक साहुकार की सात बहुएं मिट्टी लाने जंगल में गई तो उनकी ननद भी उनके साथ चली आई. साहुकार की बेटी जिस जगह मिट्टी खोद रही थी. उसी जगह स्याहु अपने बच्चों के साथ रहती थी. मिट्टी खोदते वक्त लड़की की खुरपी से स्याहू का एक बच्चा मर गया. इसलिए जब भी साहुकार की बेटी को बच्चे होते थे, वो सात दिन के भीतर मर जाते थे. एक-एक कर सात बच्चों की मौत के बाद लड़की ने जब पंडित को बुलाया और इसका कारण पूछा तो उसे पता चला कि अनजाने में उससे जो पाप हुआ, उसका ये नतीजा है. पंडित ने लड़की से अहोई माता की पूजा करने को कहा, इसके बाद कार्तिक कृष्ण की अष्टमी तिथि के दिन उसने माता का व्रत रखा और पूजा की. बाद में माता अहोई ने सभी मृत संतानों को जीवित कर दिया. इस तरह से संतान की लंबी आयु और प्राप्ति के लिए इस व्रत को किया जाने लगा.

8:47 AM. 27 Oct 218:47 AM. 27 Oct

अहोई अष्टमी पूजा का मुहूर्त

अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर 2021 को बृहस्पतिवार के दिन किया जाएगा

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त – 05:39 PM से 06:56 PM

अवधि – 01 घण्टा 17 मिनट

गोवर्धन राधा कुण्ड स्नान बृहस्पतिवार, अक्टूबर 28, 2021 को

तारों को देखने के लिए सांझ का समय – 06:03 PM

अहोई अष्टमी के दिन चन्द्रोदय समय – 11:29 PM

8:47 AM. 27 Oct 218:47 AM. 27 Oct

अहोई अष्टमी का महत्व (Ahoi Ashtami Importance)

अहोई अष्टमी व्रत माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए रखती हैं. इस व्रत को बहुत श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और कार्तिकेय की माता पार्वती की उपासना की जाती है. कहते हैं कि जो माताएं इस दिन व्रत रखती है उनकी संतानों की दीर्घायु होती है. उन्हें यश, कीर्ति, वैभव, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. बताया जाता है कि जिनकी माताएं इस दिन व्रत रखती हैं उनके बच्चों की रक्षा स्वयं माता पार्वती करती हैं.

8:17 AM. 27 Oct 218:17 AM. 27 Oct

अहोई अष्टमी व्रत विधि (Ahoi Ashtami Vrat Vidhi)

अहोई अष्टमी के दिन माताएं सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें

फिर अहोई अष्टमी व्रत रखने का संकल्प लें

अहोई माता की पूजा के लिए दीवार पर गेरू से माता अहोई का चित्र बनाएं

साथ ही सेह और उनके सात पुत्रों का चित्र बनाएं। आप चाहें तो उनका रेडिमेड चित्र या प्रतिमा भी लगा सकते हैं

अब इस पर जल से भरा हुआ कलश रखें

रोली-चावल से अहोई माता की पूजा करें

अब अहोई माता को मीठे पुए या आटे के हलवे का भोग लगाएं

कलश पर स्वास्तिक बनाकर हाथ में गेंहू के सात दाने लें

10:43 AM. 26 Oct 2110:43 AM. 26 Oct

अहोई अष्टमी 2021 पूजा मुहूर्त

अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा का मुहूर्त शाम को 01 घंटे 17 मिनट का है. 28 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 39 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त है.

10:43 AM. 26 Oct 2110:43 AM. 26 Oct

कब है अहोई अष्टमी का व्रत

अहोई अष्टमी तिथि गुरुवार, 28 अक्टूबर 2021 दोपहर 12 बजकर 51 मिनट से प्रारंभ होकर शुक्रवार, 29 अक्टूबर सुबह 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगी.

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