बांग्लादेश, नेपाल और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हैं बंगाल के 50 विधानसभा क्षेत्र

Updated at : 09 Mar 2021 7:41 PM (IST)
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बांग्लादेश, नेपाल और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हैं बंगाल के 50 विधानसभा क्षेत्र

बांग्लादेश सीमा से सटे 41 विधानसभा क्षेत्रों में 21 आरक्षित सीटें हैं. 18 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं, तो 3 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए. भूटान से सटे 5 विधानसभा सीटों में 4 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं. इसी तरह नेपाल से सटे 4 क्षेत्रों में एक एससी के लिए आरक्षित है, तो दूसरा एसटी के लिए.

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. इनमें से 41 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जो बांग्लादेश की सीमा से सटे हैं. नेपाल और भूटान से भी बंगाल के विधानसभा क्षेत्रों की समाएं लगती हैं. ऐसे क्षेत्रों की संख्या 9 है. भूटान से सटे 5 विधानसभा क्षेत्र हैं, तो नेपाल की सीमा से सटे 4 क्षेत्र.

बांग्लादेश सीमा से सटे 41 विधानसभा क्षेत्रों में 21 आरक्षित सीटें हैं. 18 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं, तो 3 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए. भूटान से सटे 5 विधानसभा सीटों में 4 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं. इसी तरह नेपाल से सटे 4 क्षेत्रों में एक एससी के लिए आरक्षित है, तो दूसरा एसटी के लिए.

देश में चार राज्यों की सीमाओं के आसपास बंगाल के विधानसभा क्षेत्र हैं. सबसे ज्यादा 29 सीटें झारखंड की सीमा से सटी हैं, तो सबसे कम 3 विधानसभा क्षेत्र असम की सीमा से सटे हैं. ओड़िशा सीमा के पास बंगाल के 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. बिहार और बंगाल की सीमा पर कुल 10 विधानसभा क्षेत्र हैं.

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कुछ विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जो एक ही राज्य के कई जिलों की सीमाओं के पास स्थित हैं. पुरुलिया जिला का बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र झारखंड के तीन जिलों से सटा है. राजधानी रांची के अलावा यह विधानसभा रामगढ़ और सरायकेला-खरसावां से भी सटता है.

फरक्का विधानसभा सीट झारखंड के पाकुड़ और साहिबगंज दोनों जिलों की सीमा से सटी है. सूरी विधानसभा सीट दुमका के साथ-साथ जामताड़ा सीमा से भी सटी है. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सूरी विधानसभा सीट धनबाद सीमा के अलावा बोकारो से भी सटा है.

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तीन-तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा और चार राज्यों की सीमा से सटे होने की वजह से बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती होती है. यही वजह है आयोग ने पिछले कुछ चुनावों से राज्य में कई चरणों में मतदान कराये जा रहे हैं. इस बार बंगाल में 8 चरणों में मतदान हो रहा है, जो 27 मार्च से शुरू होकर 29 अप्रैल तक चलेगा. 2 मई को मतगणना होगी.

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Posted By : Mithilesh Jha

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