मॉनसून में AC चलाने का क्या है सही तरीका? जानें कौन सा मोड ऑन करें और कौन सा ऑफ

एसी मोड गाइड (Photo: AI Generated)
Monsoon AC Settings: बारिश के मौसम में AC को स्मार्ट तरीके से चलाना जरूरी है. अगर ऐसा न किया जाए तो कूलिंग सही नहीं मिलती और बिजली भी ज्यादा खर्च होती है. ड्राई मोड, ऑटो फैन, स्विंग और स्लीप जैसे फीचर्स हवा को कम्फर्टेबल बनाते हैं. आइए इसे डिटेल में समझते हैं.
भारत में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. इस दौरान गर्मी से थोड़ी राहत तो जरूर मिलती है, लेकिन नमी और चिपचिपाहट बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप अपने AC को उसी सेटिंग पर चलाते हैं जैसे गर्मियों में चलाते थे, तो न तो सही कूलिंग मिलेगी और बिजली का बिल भी बढ़ेगा. बारिश के दिनों में हवा में नमी ज्यादा होती है और टेम्परेचर भी कम रहता है. इसलिए AC का सही स्मार्ट तरीके से यूज करना जरूरी हो जाता है. कुछ खास मोड्स को सही समय पर यूज करके आप घर को कम्फर्टेबल भी रख सकते हैं और बिजली भी बचा सकते हैं. आइए इसे डिटेल में जानते हैं.
ड्राई मोड
बारिश के मौसम में हवा अक्सर भारी और चिपचिपी सी लगने लगती है. ऐसे में AC का ड्राई मोड काफी काम आता है. ये सिर्फ कमरे को ठंडा नहीं करता, बल्कि हवा में मौजूद एक्स्ट्रा नमी को भी निकाल देता है. नतीजा ये होता है कि घर का माहौल ज्यादा फ्रेश और कम्फर्टेबल फील होता है. साथ ही AC नॉर्मल कूलिंग मोड के मुकाबले कम बिजली भी खर्च करता है.
ऑटो फैन स्पीड
बारिश के मौसम में अपने AC में ‘ऑटो फैन स्पीड’ सेटिंग ऑन करना काफी काम की चीज है. इस मौसम में कभी नमी ज्यादा होती है तो कभी टेम्परेचर बदलता रहता है. ऐसे में जब फैन स्पीड ऑटो पर रहती है, तो AC खुद ही कमरे के हिसाब से हवा की स्पीड एडजस्ट कर लेता है. आपको बार-बार जाकर सेटिंग बदलने की झंझट नहीं रहती.
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स्विंग मोड
मानसून के दौरान कमरे में नमी वाली हवा हर जगह बराबर नहीं फैलती. कई बार घर के कुछ कोने ज्यादा गर्म या ज्यादा चिपचिपे महसूस होने लगते हैं. ऐसे में स्विंग मोड काम आता है. यह AC के वेंट्स को लगातार मूव करता रहता है. इससे ठंडी और सूखी हवा कमरे के हर कोने तक आसानी से पहुंच जाती है.
AC स्लीप मोड और टाइमर
मानसून की रातें गर्मियों की तुलना में ठंडी होती हैं. इसलिए पूरी रात AC चलाने की जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे में स्लीप मोड बहुत काम आता है. क्योंकि यह रात बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कूलिंग कम करता जाता है. वहीं टाइमर लगाने से AC फिक्स टाइम के बाद अपने आप बंद हो जाता है. अगर आप दोनों फीचर्स का सही यूज करें, तो न सिर्फ कमरे में नमी कंट्रोल में रहती है, बल्कि आपकी नींद भी कम्फर्टेबल बनी रहती है.
टर्बो और पावरफुल मोड
ये मोड खास तौर पर तब काम आता है जब गर्मी बहुत ज्यादा हो और आपको कमरे को जल्दी ठंडा करना हो. लेकिन बारिश के मौसम में इसकी जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे में इसे चालू रखने से सिर्फ बिजली की बर्बादी होती है. इसकी वजह से कमरा जरूरत से ज्यादा ठंडा भी हो सकता है. इसलिए मॉनसून में इस मोड का यूज करना बेहतर नहीं होता.
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By अंकित आनंद
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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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