AI का भविष्य चिप्स नहीं, कनेक्टिविटी तय करेगी! Nvidia CEO ने बताया क्यों

एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग / सिम्बॉलिक पिक एआई से बनी
कंप्यूटेक्स 2026 में एनवीडिया सीईओ जेंसन हुआंग ने मार्वेल टेक्नोलॉजी को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा खिलाड़ी बताया. ऑप्टिकल नेटवर्किंग और डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी के दम पर कंपनी को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग का एक बयान सुर्खियों में आ गया है. हुआंग ने ताइवान में आयोजित कंप्यूटेक्स 2026 के मंच से कहा कि सेमीकंडक्टर और नेटवर्किंग टेक्नोलॉजी कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी भविष्य में 1000 अरब डॉलर मूल्य वाली कंपनी बन सकती है. उनके इस बयान ने निवेशकों और टेक इंडस्ट्री दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में कनेक्टिविटी की बढ़ती अहमियत
कंप्यूटेक्स 2026 के दौरान मार्वेल टेक्नोलॉजी के सीईओ मैट मर्फी के साथ मंच साझा करते हुए जेंसन हुआंग ने कहा कि आने वाले समय में एआई सिस्टम को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए हाई-स्पीड कनेक्टिविटी सबसे अहम भूमिका निभाएगी. उनके मुताबिक केवल शक्तिशाली चिप्स ही काफी नहीं होंगे, बल्कि डेटा सेंटरों के बीच तेज और भरोसेमंद कनेक्शन भी जरूरी होंगे.
हुआंग का मानना है कि एआई मॉडल जितने बड़े होते जाएंगे, उतनी ही ज्यादा जरूरत डेटा ट्रांसफर और इंटरकनेक्ट टेक्नोलॉजी की होगी. इसी क्षेत्र में मार्वेल की विशेषज्ञता उसे भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में शामिल कर सकती है.
जेंसन हुआंग के बयान से शेयरों में उछाल
मंच से जेंसन हुआंग ने जब मार्वेल को संभावित “अगली हजार अरब डॉलर की कंपनी” बताया, तो वहां मौजूद लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया. इस बयान का असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बयान के बाद मार्वेल टेक्नोलॉजी के शेयरों में 30 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई.
विशेषज्ञ मानते हैं कि एआई सेक्टर में एनवीडिया की मजबूत स्थिति को देखते हुए हुआंग के विचारों को निवेशक गंभीरता से लेते हैं. यही वजह रही कि उनके बयान ने बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया.
एनवीडिया और मार्वेल की साझेदारी क्यों है खास?
इस साल की शुरुआत में एनवीडिया ने मार्वेल टेक्नोलॉजी में करीब 2 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया था. इस कदम को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ी रणनीतिक साझेदारी माना गया.
मार्वेल ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप करती है जो बड़े डेटा सेंटरों को आपस में जोड़ने और तेज डेटा ट्रांसफर को संभव बनाने में मदद करती है. एआई के बढ़ते उपयोग के साथ यह क्षेत्र लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है.
तांबे की केबल की सीमाएं, ऑप्टिकल नेटवर्क का भविष्य
मार्वेल के सीईओ मैट मर्फी ने कहा कि पारंपरिक तांबा आधारित कनेक्टिविटी अब अपनी तकनीकी सीमाओं तक पहुंच रही है. जैसे-जैसे डेटा स्पीड टेराबिट स्तर तक पहुंच रही है, तांबे के तारों में सिग्नल लॉस, अधिक बिजली खपत और अत्यधिक गर्मी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं.
उन्होंने बताया कि भविष्य में डेटा सेंटरों के भीतर भी ऑप्टिकल कनेक्टिविटी का इस्तेमाल बढ़ेगा. ऑप्टिकल सिस्टम ज्यादा तेज, ऊर्जा-कुशल और बड़े एआई वर्कलोड को संभालने में सक्षम होंगे. मर्फी के अनुसार आने वाले वर्षों में एआई डेटा सेंटर पूरी तरह ऑप्टिकल नेटवर्क पर आधारित हो सकते हैं.
भारत भी बन रहा है एआई रिसर्च का बड़ा केंद्र
मार्वेल ने कैलिफोर्निया मुख्यालय के बाहर अपना सबसे बड़ा वैश्विक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भारत में स्थापित किया है. यह कदम दिखाता है कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन रहा है.
एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ते निवेश के बीच भारत की भूमिका आने वाले वर्षों में और मजबूत होने की उम्मीद है.
एआई बूम में कनेक्टिविटी कंपनियों का बढ़ेगा दबदबा
अब तक एआई की चर्चा मुख्य रूप से चिप्स और मॉडल्स के इर्द-गिर्द होती रही है, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगली बड़ी लड़ाई कनेक्टिविटी और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी. यही वजह है कि मार्वेल जैसी कंपनियां निवेशकों और टेक कंपनियों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रही हैं. यदि एआई का विस्तार इसी गति से जारी रहा, तो नेटवर्किंग और इंटरकनेक्ट टेक्नोलॉजी आने वाले दशक के सबसे बड़े बिजनेस अवसरों में शामिल हो सकती है.
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By राजीव कुमार
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