टीएमसी के बैंक अकाउंट में जमा 440 करोड़ फ्रीज ही रहेंगे, कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला

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ममता बनर्जी की टीएमसी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत.

ममता बनर्जी की टीएमसी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों को फ्रीज करने के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इन खातों में 440 करोड़ रुपए जमा हैं, जिनका इस्तेमाल अब संगठनात्मक या चुनावी खर्चों के लिए नहीं किया जा सकेगा.

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तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को सोमवार (20 जुलाई) को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्टी के उन 3 बैंक खातों के संचालन की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फ्रीज (जब्त) कर रखा है. अब ममता बनर्जी गुट इन खातों से संगठनात्मक या चुनावी खर्च के लिए पैसे निकाल नहीं पायेगा. इन तीन बैंक अकाउंट्स में 440 करोड़ रुपए जमा हैं.

प्राथमिकी के बाद फंड को किया गया था ब्लॉक

ईडी की यह कार्रवाई राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गयी एक प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू हुई वित्तीय जांच के बाद की गयी थी. प्राथमिकी में बेईमानी से वित्तीय लेन-देन करने, गैर-कानूनी तरीके से भारी धन जुटाने और पार्टी के बैंक खातों का उपयोग करके संदिग्ध कोष की हेराफेरी (मनी लॉन्ड्रिंग) करने के गंभीर आरोप लगाये गये हैं.

13 जुलाई को अदालत ने सुरक्षित रखा था आदेश

इस मामले में दोनों पक्षों (ममता गुट और ईडी) की विस्तृत दलीलें पूरी होने के बाद, कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने 13 जुलाई को अपना अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया था. आदेश सोमवार को सुनाया गया.

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एविएशन कंपनी को 160 करोड़ का संदिग्ध ट्रांसफर

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआती जांच में बेहद चौंकाने वाले वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है. अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से ‘केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ और उससे जुड़ी एक अन्य सहयोगी कंपनी को लगभग 160 करोड़ रुपए ट्रांसफर किये गये थे. आरोपों के मुताबिक, इसी अवधि (2023 और 2026) के दौरान उस एविएशन कंपनी ने भी 82.96 करोड़ रुपए एक नयी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी. जांच में पता चला कि इस नयी कंपनी को दी गयी रकम ‘काफी बड़ी’ और संदेहास्पद थी.

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वीआईपी विमान और अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर की खरीद

ईडी की जांच में इस संदिग्ध फंड के इस्तेमाल को लेकर जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, वह विमानों की खरीद से जुड़ा है. अधिकारियों ने बताया कि खातों से ट्रांसफर की गयी रकम में से 112 करोड़ रुपए का उपयोग बेहद महंगे और आलीशान विमान खरीदने के लिए किया गया था. इस फंड से एक एम्ब्रेयर लीगेसी 600 (Embraer Legacy 600) वाणिज्यिक विमान और एक अगस्तावेस्टलैंड 109एसपी (AgustaWestland 109SP) हेलीकॉप्टर खरीदा गया था.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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