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नोटबंदी में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा व पत्नी के बैंक खातों में जमा राशि जांच के दायरे में

Updated at : 17 Sep 2025 10:13 PM (IST)
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नोटबंदी में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा व पत्नी के बैंक खातों में जमा राशि जांच के दायरे में

सूत्रों की मानें, तो ईडी की जांच के दायरे में मंत्री सिन्हा और उनकी पत्नी के बैंक खातों में हुई जमा राशि भी है. बताया जा रहा है कि ईडी को जांच में पता चला है कि नोटबंदी के दौरान सिन्हा और उनकी पत्नी के बैंक खातों में अच्छी-खासी रकम जमा हुई थी. आशंका जतायी जा रही है कि यह रकम नियुक्ति घोटाले से संबंधित हो सकती है.

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कोलकाता.

राज्य के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम और कपड़ा मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा प्राथमिक स्कूलों में हुईं नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा अदालत में दायर चार्जशीट में भी उनका नाम शामिल किया गया है. सूत्रों की मानें, तो ईडी की जांच के दायरे में मंत्री सिन्हा और उनकी पत्नी के बैंक खातों में हुई जमा राशि भी है. बताया जा रहा है कि ईडी को जांच में पता चला है कि नोटबंदी के दौरान सिन्हा और उनकी पत्नी के बैंक खातों में अच्छी-खासी रकम जमा हुई थी. आशंका जतायी जा रही है कि यह रकम नियुक्ति घोटाले से संबंधित हो सकती है. हालांकि, यह अभी भी जांच का विषय है और ईडी के अधिकारियों ने तफ्तीश के बाबत कुछ भी कहने से फिलहाल इनकार किया है.

सूत्रों के अनुसार, ईडी को जांच में पता चला है कि सिन्हा और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 27 दिसंबर 2016 को एक ही दिन में तीन बार रकम जमा हुई. पहली दफा करीब 3.5 लाख रुपये, दूसरी बार भी लगभग साढ़े तीन लाख और फिर तीन लाख रुपये. ईडी को आशंका है कि यह राशि नियुक्ति घोटाले में मिली नकदी की है, जिसे नोटबंदी के बाद बैंक में जमा किया गया. ईडी के अनुसार, नियुक्ति घोटाले में कई एजेंट और सब-एजेंट जुड़े थे और इस गोरखधंधे में सिन्हा भी जांच के दायरे में हैं. इसी महीने सिन्हा ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था और बाद में सशर्त जमानत पा ली थी. अदालत ने कहा था कि वह कोलकाता और अपने विधानसभा क्षेत्र बोलपुर से बाहर नहीं जा सकते और जांच में सहयोग करना होगा.

पार्थ व अन्य के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया कल से

एसएससी के जरिये राज्य के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले में इसी सप्ताह से मामले के आरोपी व पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी व अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो रही है. शुक्रवार से अलीपुर स्थित स्पेशल सीबीआइ कोर्ट में चटर्जी व अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगी. इससे पहले नौवीं-दसवीं, 11वीं व 12वीं के लिए शिक्षक नियुक्ति और ग्रुप-सी नियुक्ति घोटाले में चटर्जी के खिलाफ चार्जशीट पेश की जा चुकी है. इन तीनों मामलों में अब गवाहों के बयान लेने की प्रक्रिया के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. 19, 20 और 22 सितंबर को तीनों मामलों में गवाह अदालत में उपस्थित होंगे. गत मंगलवार को ही इन मामलों के जांच अधिकारी ने गवाहों की आठ सदस्यीय सूची अदालत में पेश की. इन आठ गवाहों में एसएससी के दो पूर्व अध्यक्ष, एसएससी के तत्कालीन डेटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य लोग शामिल हैं. चटर्जी के अलावा, परेश अधिकारी, अंकिता अधिकारी, एसपी सिन्हा, सुबिरेश भट्टाचार्य, अशोक साहा, कल्याणमय गांगुली सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट के बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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