पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर सियासी घमासान
Updated at : 03 Jan 2026 10:00 PM (IST)
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उत्तर 24 परगना के संदेशखाली इलाके में मत्स्य पालन के लिए जल निकायों और भूमि पर कथित अवैध कब्जे के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किये जाने के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गये. इस घटना को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गयी हैं.
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कोलकाता.
उत्तर 24 परगना के संदेशखाली इलाके में मत्स्य पालन के लिए जल निकायों और भूमि पर कथित अवैध कब्जे के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किये जाने के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गये. इस घटना को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गयी हैं.भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि यह हमला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं की हताशा व दुस्साहस को दर्शाता है. उन्होंने कहा : पहले केंद्रीय एजेंसियों पर हमले हुए और अब राज्य पुलिस पर हमले हो रहे हैं. तृणमूल ने इस घटना से खुद को अलग करने की कोशिश की.पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने हमले को निंदनीय बताया और कहा कि पार्टी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करती है. उन्होंने कहा : पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है और वे जो भी कार्रवाई करेंगे, हमारा समर्थन होगा.
इससे पहले, पांच जनवरी 2024 को राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में तृणमूल के प्रभावशाली स्थानीय नेता और जिला परिषद के सदस्य शेख शाहजहां के आवास पर छापेमारी करने पहुंची प्रवर्तन निदेशालय (इडी) टीम पर भी इसी तरह हमला हुआ था. शाहजहां को बाद में सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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