हुगली : एसआइआर को लेकर घुमंतू आदिवासी परिवारों की बढ़ी चिंता

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हुगली : एसआइआर को लेकर घुमंतू आदिवासी परिवारों की बढ़ी चिंता

बलागढ़ ब्लॉक के जिराट स्थित खासेरचोर इलाके में रहने वाले करीब 20-22 आदिवासी परिवार इन दिनों एसआइआर प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता में हैं.

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हुगली. बलागढ़ ब्लॉक के जिराट स्थित खासेरचोर इलाके में रहने वाले करीब 20-22 आदिवासी परिवार इन दिनों एसआइआर प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता में हैं. ये परिवार मूल रूप से घुमंतू मजदूर रहे हैं. फूलमनी, ताला, कादरा सहित कई परिवार कभी झारखंड के दुमका तो कभी उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, हुगली और बर्दवान के खेतों में मौसम के अनुसार मजदूरी करते हुए जगह बदलते रहते थे. करीब 10–15 साल पहले ये परिवार खासेरचोर में स्थायी रूप से बस गये. बाम शासनकाल में इन्होंने आधार कार्ड बनवाये और बाद में सभी ने मतदाता पहचान पत्र भी हासिल किया.

वर्तमान में ये पूरी तरह कृषि मजदूरी और दिहाड़ी कार्य पर निर्भर हैं और स्वयं को इसी क्षेत्र का मूल निवासी बताते हैं. लेकिन एसआइआर प्रक्रिया शुरू होने की चर्चाओं ने इनमें भय पैदा कर दिया है. सबसे बड़ी आशंका यह है कि कहीं प्रक्रिया के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से हटा न दिए जायें. परिवारों का कहना है, “हम इस देश के आदिवासी हैं, जन्म से यहीं रहे हैं. कभी नहीं सोचा था कि अपनी पहचान साबित करने की नौबत आयेगी.”

वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि उनकी वैध पहचान और वर्षों से इस इलाके में बसे होने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सूची से बाहर न किया जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Sandip Tiwari

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