काम बंद कर आंदोलन पर उतरे जूनियर डॉक्टर, एमएसवीपी का किया घेराव
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 29 Sep 2024 1:36 AM
कमरहट्टी स्थित सागर दत्त मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में तोड़फोड़ एवं डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले की घटना से एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है.
कहा- जूनियर डॉक्टरों व नर्सों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक जारी रहेगी हड़ताल
संवाददाता, कमरहट्टी
कमरहट्टी स्थित सागर दत्त मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में तोड़फोड़ एवं डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले की घटना से एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है. जूनियर डॉक्टरों ने सुरक्षा समेत 10 मांगों को लेकर शनिवार सुबह से ही काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि कॉलेज की काउंसिल की बैठक के बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा. उधर, घटना के बाद शुक्रवार रात में ही वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट का एक प्रतिनिधिदल अस्पताल गया था. किंजल नंदा ने इस घटना की निंदा की. अनिकेत महतो ने कहा कि हमने पहले भी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी थी. जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठायेगी, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी.
वहीं, घटना से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ ने शनिवार को मेडिकल सुपरिटेंडेंट कम वाइस प्रिंसिपल (एमएसवीपी) का घेराव किया. जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि बाहरी लोगों ने अस्पताल में घुसकर हमला किया. महिला जूनियर डॉक्टरों और स्टॉफ को धमकाया गया कि उनके साथ भी आरजी कर जैसी घटना हो सकती है. जूनियर डॉक्टर आकाश राय ने कहा कि अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी है. लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी. एक सितंबर को भी कुछ बाहरी लोगों ने अस्पताल में घुसकर धमकिया दी थीं. जब तक जूनियर डॉक्टरों और नर्सों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, हड़ताल जारी रहेगी. मेडिकल सुपरिटेंडेंट सुजॉय मिस्त्री ने भी इस घटना की निंदा की. उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकियों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात करने की मांग की.
क्या है जूनियर डॉक्टरों की मांगें
अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने 10 मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है. इनकी मागें हैं- लिखित में बतायें कि घटना को क्यों नहीं रोका जा सका, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों सहित अन्य सुरक्षाकर्मियों को शोकॉज करना होगा, अस्पताल में महिला वार्ड व महिला वार्ड के बाहर ऑनकल रूम के पास क्यों पर्याप्त सीसीटीवी नहीं है, सीसीटीवी फुटेज देखने वाले कर्मी घटना के वक्त क्यों अनुपस्थित थे, अस्पताल में इससे पहले हुई तोड़फोड़ की घटना में शामिल इंटर्न को सस्पेंड करना होगा, अस्पताल के एक डॉक्टर पर छात्रों के यौन शोषण के आरोप के बावजूद आंतरिक कमेटी ने अब तक जांच क्यों नहीं शुरू की, सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टरों का संगठन बनाने की तत्काल अनुमति देनी होगी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अस्पताल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या-क्या कदम उठाये गये हैं
राज्य के स्वास्थ्य सचिव व सीपी ने अस्पताल का किया दौरा
शनिवार दोपहर को राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायणस्वरूप निगम सागरदत्त मेडिकल कॉलेज पहुंचे. उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों के साथ बैठक की. वहीं, शनिवार को बैरकपुर के पुलिस आयुक्त आलोक राजोरिया ने भी अस्पताल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
गिरफ्तार चारों आरोपियों को पुलिस हिरासत : एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से कमरहट्टी थाने में घटना की शिकायत दर्ज करायी गयी है. वहीं, मृत मरीज के परिजनों ने भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करायी है. अस्पताल में तोड़फोड़ व मारपीट के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इन्हें शनिवार को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया. जज ने सभी आरोपियों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. अस्पताल परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गयी. पुलिस गश्ती दल अस्पताल के मुख्य द्वार पर निगरानी रख रहा है.
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