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बांग्लादेशी के अग्न्याशय ट्यूमर की सर्जरी

Updated at : 05 May 2025 1:26 AM (IST)
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बांग्लादेशी के अग्न्याशय ट्यूमर की सर्जरी

वह अग्न्याशय में ट्यूमर को लेकर जूझ रही थी.

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इस तरह का ट्यूमर काफी दुर्लभ, एक करोड़ लोगों में से एक को होती है इस तरह की समस्या कोलकाता. बांग्लादेश की एक 18 वर्षीय युवती का टेक्नो इंडिया दमा अस्पताल में सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया गया है. मरीज का नाम मेहरून है. वह अग्न्याशय में ट्यूमर को लेकर जूझ रही थी. अग्न्याशय में ट्यूमर का होना एक दुर्लभ घटना है, यब समस्या जितनी जटिल है, इसकी सर्जरी उतनी ही कठिन है. ट्यूमर की स्थिति के प्रारंभिक निदान के बाद डॉक्टरों ने सॉलिड स्यूडोपैपिलरी एपिथेलियल नियोप्लासिया (एसपीईएन) के रूप में चिह्नित किया, जो उसके लगभग पूरे अग्न्याशय को अपने कब्जे में ले रखा था. शुरुआत में मरीज ने भारतीय मेडिकल वीज़ा के लिए आवेदन की थी. लेकिन सीमा पार अशांति के कारण उसकी अपील खारिज कर दी गयी थी. इस बीच, उसने कई अन्य देशों का दौरा भी किया और प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञों से परामर्श किया. उनके सुझावों के अनुसार, इस विशिष्ट ट्यूमर का सफल ऑपरेशन करना काफी जटिल था. यह भी कहा गया था इस सर्जरी के लिए मेहरून कई अंगों को भी निकालना पड़ सकता है. जिसके लिए वह तैयार नहीं थी. क्योंकि इससे भविष्य में उसे शारीरिक रूप से नुकसान हो सकता था. काफी जतन के बाद उसने टेक्नो इंडिया दमा अस्पताल में जीआई-एचपीबी कोलोरेक्टल और कैंसर सर्जरी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ सुधासत्व सेन से संपर्क किया. मेडिकल परमिट की मंजूरी में लगभग आठ महीने लग गये, जो काफी लंबी अवधि थी, जिसके कारण उसके अग्न्याशय में ट्यूमर बढ़ गया था. ट्यूमर का आकार 15/10 सेमी तक बढ़ गया, जिससे यह भारी और जोखिम भरा लग रहा था. टेक्नो इंडिया दमा अस्पताल ने सभी जरूरी कदम उठाए और मेहरून के मेडिकल वीजा की मंजूरी से लेकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने तक उसके साथ खड़ा रहा. टेक्नो इंडिया अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट चीफ जीआइ एचपीबी कोलोरेक्टल एंड आंको सर्जन डॉ सुधासत्व सेन ने कहा, सॉलिड स्यूडोपैपिलरी एपिथेलियल नियोप्लासिया (एसपीईएन) एक बहुत ही असामान्य बीमारी है. आम तौर पर एक करोड़ में से एक व्यक्ति इस विशेष बीमारी से पीड़ित होता है. मेहरून के मामले में ट्यूमर का आकार बड़ा था, जो उसके सिर, गर्दन और शरीर में फैल गया था. जीवन जोखिम से भरा हुआ था. लेकिन ऑपरेशन सफल रही. मरीज वर्तमान में पूरी तरह से स्वस्थ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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