कल्याणी के आइआइएसइआर में बनेगा एंटी-रैगिंग प्रकोष्ठ

Published by : SUBODH KUMAR SINGH Updated At : 12 Aug 2025 12:28 AM

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कल्याणी स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइआइएसइआर) ने अपने एक पीएचडी छात्र की मौत के बाद मौजूदा ‘एंटी-रैगिंग’ प्रकोष्ठ को भंग कर इसे नया रूप देने का फैसला किया है.

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आइआइएसइआर में हाल में हुई कथित रैगिंग के आरोप के बाद छात्र की हुई थी मौत

संवाददाता, कोलकाता.

नदिया जिले के कल्याणी स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइआइएसइआर) ने अपने एक पीएचडी छात्र की मौत के बाद मौजूदा ‘एंटी-रैगिंग’ प्रकोष्ठ को भंग कर इसे नया रूप देने का फैसला किया है. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

नदिया जिले में इस स्वायत्त संस्थान के हरिनघाटा परिसर में जीवन विज्ञान पर अनुसंधान कर रहे अनामित्रा रॉय (24) की शुक्रवार सुबह कल्याणी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मृत्यु हो गयी. वह परिसर में बीमार पड़ गये थे. पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के हवाले से बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि अधिक मात्रा में नशीली दवाओं का सेवन करने से रॉय की मौत हुई.

आइआइएसइआर के अधिकारी ने बताया, ‘‘छात्रों के उत्पीड़न की शिकायतों के समाधान के लिए गठित मौजूदा रैगिंग-रोधी प्रकोष्ठ को भंग किया जा रहा है और छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ एक नया प्रकोष्ठ बनाया जायेगा.’’

उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान ने पीएचडी छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए पहले ही एक तथ्यान्वेषी समिति गठित कर दी है, जबकि आंतरिक जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कई संकाय सदस्यों वाली एक विशेष जांच टीम (एसआइटी) भी गठित की जा रही है. संस्थान के एक सूत्र ने बताया कि छात्र डीन अयन बनर्जी ने रविवार को बिना कोई कारण बताए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस बीच, अनामित्रा रॉय की स्मृति में छात्रों ने प्रार्थना सभा का आयोजन किया.

अनामित्रा रॉय के कुछ मित्रों ने दावा किया कि बृहस्पतिवार रात को अस्पताल ले जाने से कुछ घंटे पहले संस्थान की प्रयोगशाला में एक शोधार्थी के साथ उसकी तीखी बहस हुई थी.

आइआइएसइआर के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं. हम पुलिस के साथ सहयोग करेंगे, लेकिन जांच जारी रहने के मद्देनजर अभी और कुछ नहीं बताया जा सकता.’’ मृतक के रिश्तेदार हृषिकेश रॉय ने आरोप लगाया कि उनके भाई को संस्थान में उनकी शोध टीम के दो व्यक्तियों द्वारा परेशान किया जा रहा था और वह अत्यधिक मानसिक तनाव में था.

एसएफआइ के महासचिव देबांजन डे ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘हम मामले की पूर्ण और गहन जांच चाहते हैं.’’ अनामित्रा रॉय द्वारा सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट के आधार पर परिवार ने हरिनघाटा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें उनकी मौत के लिए एक गाइड और एक बैचमेट को जिम्मेदार ठहराते हुए नामजद किया गया. रॉय ने पोस्ट में मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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