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इडी की अर्जी खारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने दिया हलफनामा

Updated at : 03 Feb 2026 2:57 AM (IST)
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इडी की अर्जी खारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने दिया हलफनामा

चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी आइ-पैक के निदेशक और कंपनी कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचे घमासान के बीच राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है.

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संवाददाता, कोलकाता

चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी आइ-पैक के निदेशक और कंपनी कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचे घमासान के बीच राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. राज्य सरकार ने इडी द्वारा दायर याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए कहा है कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में तर्क दिया है कि जब इसी तरह का मामला कलकत्ता हाइकोर्ट में पहले से लंबित है, तो सुप्रीम कोर्ट में समानांतर कार्रवाई नहीं की जा सकती. तृणमूल कांग्रेस सरकार का कहना है कि इडी की याचिका में मेंटेनेबिलिटी का गंभीर सवाल उठता है.

गौरतलब है कि हाल ही में इडी द्वारा आइ-पैक के निदेशक और कार्यालय पर की गयी छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंच गयी थीं और उन्होंने वहां से कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे. इडी ने इसे जांच में बाधा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. हलफनामे में राज्य सरकार ने कहा है कि इडी के पास सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है.

इसके साथ ही सरकार ने दावा किया कि इडी को औचक छापेमारी और दस्तावेजों की जब्ती (सीजर) का अधिकार नहीं है. राज्य सरकार का यह भी कहना है कि आइ-पैक कार्यालय में छापेमारी से पहले कोई प्रभावी नोटिस नहीं दिया गया, जो कानूनन आवश्यक था. इसके अलावा, राज्य ने इडी पर प्रिविलेज्ड कम्युनिकेशन के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है. इडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस ने आइपैक कार्यालय में छापेमारी के दौरान एजेंसी के काम में बाधा डाली. इसी आधार पर इडी ने मुख्यमंत्री और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की थी.

इसके जवाब में राज्य सरकार ने कहा है कि जब इस तरह की कार्रवाई पहले से हाइकोर्ट में विचाराधीन है, तो सुप्रीम कोर्ट में उसी विषय पर याचिका दायर करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है. सरकार ने हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई पर भी सवाल उठाये हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इडी की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान माना कि उनमें गंभीर संवैधानिक और कानूनी सवाल उठाये गये हैं.

अदालत ने कहा कि यदि ऐसे मुद्दों को अनसुलझा छोड़ा गया, तो इससे एक या एक से अधिक राज्यों में “अराजकता” की स्थिति पैदा हो सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया था. पीठ ने प्रतिवादियों को दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई तीन फरवरी को तय की है. अपने अंतरिम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक छापेमारी वाले परिसरों और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य स्टोरेज डिवाइस सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है. आज इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने की संभावना है.

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AKHILESH KUMAR SINGH

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