सारधा घोटाला : मदन मित्र ने खुद को बताया निर्दोष, जमानत खारिज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jan 2015 5:40 AM
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कहा : विधायक होने के कारण हर कंपनी की तरह सारधा को भी दिया था मदद का आश्वासन सारधा के अकाउंट से मदन के पास काफी रुपये भेजे जाने का सीबीआइ का आरोप सीबीआइ ने कहा : मंत्री के लिए जेल प्रबंधन तोड़ रहे नियम कोलकाता : सारधा घोटाला मामले में सीबीआइ के हाथों गिरफ्तार […]
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कहा : विधायक होने के कारण हर कंपनी की तरह सारधा को भी दिया था मदद का आश्वासन
सारधा के अकाउंट से मदन के पास काफी रुपये भेजे जाने का सीबीआइ का आरोप
सीबीआइ ने कहा : मंत्री के लिए जेल प्रबंधन तोड़ रहे नियम
कोलकाता : सारधा घोटाला मामले में सीबीआइ के हाथों गिरफ्तार राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्र ने फिर से अदालत में न्यायाधीश के सामने खुद को बेकसूर बताया. हालांकि कोर्ट ने उन्हें फिर से 14 दिनों के लिए जेल हिरासत में भेज दिया है.
परिवहन मंत्री मदन मित्र ने अदालत में कहा कि सारधा के रुपये मेरे अकाउंट में या मेरे पास आने का आरोप मुझ पर लगाया गया है, जबकि मैं कहता हूं कि बेकसूर हूं. अदालत में यह अगर साबित होता है कि सारधा के अकाउंट से एक भी रुपये मैंने लिया है, तो मैं फांसी की सजा स्वीकार कर लूंगा. अदालत में मंत्री ने कहा कि स्थानीय विधायक होने के कारण अन्य कंपनियों की तरह इस कंपनी को भी व्यापार में मैंने मदद करने का भरोसा दिया था. जिस तरह किसी भी उद्योग के व्यापार के लिए कंपनियों को सरकार मदद करती है, उसी तरह मैंने भी सिर्फ इस कंपनी को मदद करने का भरोसा दिया था. मेरी इस छोटी-सी बात को तील का ताड़ बनाया जा रहा है. मेरे कहने का मतलब यह बिलकुल भी नहीं था कि मैं किसी कंपनी को लोगों से धोखाधड़ी करने में मदद करूं.
अदालत में मंत्री ने कहा : मैंने सारधा से कोई रुपये नहीं लिया है, इसके कारण मुझ पर लगाये आरोप साबित नहीं किये जा सकते. अगर यह साबित होता है, तो फांसी के लिए तैयार हूं. कोई भी सजा अदालत मुङो देती है, तो वह भी मैं स्वीकार करूंगा. इस दिन अदालत में मदन मित्र के वकील ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आवेदन किया.
विशेष सुविधाओं पर उठे सवाल
दूसरी तरफ सीबीआइ ने कहा कि मंत्री को अगर जमानत मिल गयी, तो वह बाहर आकर सबूत व गवाह को नष्ट कर सकते हैं. जेल में भी उन्हें विशेष सुविधा प्रदान करने को लेकर अदालत में सीबीआइ ने विरोध जताया. इसके बाद अदालत ने मंत्री को 14 दिनों के लिए जेल हिरासत में भेजने का निर्देश दे दिया. अब उनकी अगली पेशी 16 जनवरी को होगी.
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