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दुखी धनखड़ बोले- आखिर कहां जा रहे हैं हमलोग ?

Updated at : 29 Jan 2020 3:25 AM (IST)
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दुखी धनखड़ बोले- आखिर कहां जा रहे हैं हमलोग ?

कुलाधिपति की गैरमौजूदगी में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी को प्रदान की गयी डी लिट की उपाधि कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) के दीक्षांत समारोह में मंच पर जाने से रोके जाने पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा : कानून व्यवस्था बनाये रखने में राज्य प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा. व्यवधान सुनियोजित था. यह […]

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कुलाधिपति की गैरमौजूदगी में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी को प्रदान की गयी डी लिट की उपाधि

कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) के दीक्षांत समारोह में मंच पर जाने से रोके जाने पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा : कानून व्यवस्था बनाये रखने में राज्य प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा. व्यवधान सुनियोजित था. यह राज्य के संवैधानिक प्रधान के साथ हुआ. आखिर हम लोग कहां जा रहे हैं?
राज्यपाल मंगलवार को नजरूल मंच में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सालाना दीक्षांत समारोह में हाजिर तो हुए, लेकिन मंच तक नहीं पहुंच सके. उनके मंच पर पहुंचने से पहले ही ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों के एक बड़े समूह ने ‘गो बैक’ के नारे के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके चलते ऑडिटोरियम में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गयी.
राज्यपाल लगभग 30 मिनट तक समारोह स्थल पर रहे लेकिन मंच के पीछे बने ‘ग्रीन रूम’ में ही बैठे रहे. इस ग्रीन रूम में नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी से उन्होंने मुलाकात की और वहीं श्री बनर्जी को दिये जाने वाले डॉक्टोरेट की उपाधि (मानद) पर हस्ताक्षर किया. राज्यपाल जगदीप धनखड़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं. उन्होंने कहा : जिन लोगों ने संस्कृति और शिष्टाचार से समझौता किया है, उन्हें विचारशील होने की जरूरत है. दीक्षांत समारोह शुरू होने की प्रक्रिया के बाद अभिजीत विनायक बनर्जी को डॉक्टोरेट की उपाधि (मानद) वाइस चांसलर सोनाली बनर्जी चक्रवर्ती ने प्रदान की गयी. आमंत्रित किये जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी नहीं आये.
वाइस चांसलर सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी ने छात्रों से विनती की कि वे श्री बनर्जी को सम्मानित करने की प्रक्रिया पूरी करने दें. राज्यपाल मंच पर नहीं आयेंगे. यूनिवर्सिटी के चांसलर के रूप में जगदीप धनखड़ को समारोह की अध्यक्षता करनी थी लेकिन उनको मंच पर पहुंचने से रोक दिया गया. बाद में उन्होंने ट्वीट किया कि एक चांसलर के रूप में वह कलकत्ता यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे. अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी को मानद उपाधि दिये जाने की खुशी है. उनको सम्मानित करने का फैसला उचित है. उनके व कलकत्ता यूनिवर्सिटी की गरिमा व सम्मान को देखते हुए वे मंच पर हाजिर नहीं हुए.
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