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राज्यपाल के पहुंचने पर नदारद रहे सीयू के सभी प्रशासनिक अधिकारी

Updated at : 05 Dec 2019 2:23 AM (IST)
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राज्यपाल के पहुंचने पर नदारद रहे सीयू के सभी प्रशासनिक अधिकारी

राज्यपाल के स्वागत में विश्वविद्यालय कैंपस में एक भी अधिकारी नहीं दिखा काॅन्फ्रेंस रूम के बाहर खुले परिसर में संवाददाताओं को श्री धनखड़ ने संबोधित किया गुरुवार को सुबह 10.30 बजे विधानसभा पहुंचेंगे राज्यपाल जगदीप धनखड़ कोलकाता : बुधवार को कलकत्ता विश्वविद्यालय परिसर में सीनेट की बैठक में शामिल होने आये राज्यपाल जगदीप धनखड़ का […]

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राज्यपाल के स्वागत में विश्वविद्यालय कैंपस में एक भी अधिकारी नहीं दिखा

काॅन्फ्रेंस रूम के बाहर खुले परिसर में संवाददाताओं को श्री धनखड़ ने संबोधित किया
गुरुवार को सुबह 10.30 बजे विधानसभा पहुंचेंगे राज्यपाल जगदीप धनखड़
कोलकाता : बुधवार को कलकत्ता विश्वविद्यालय परिसर में सीनेट की बैठक में शामिल होने आये राज्यपाल जगदीप धनखड़ का स्वागत करने के लिए वाइस चांसलर, प्रो वाइस चांसलर से लेकर एक भी प्रशासनिक अधिकारी नजर नहीं आया. सभी अधिकारियों के कक्ष बंद नजर आये. हालांकि बुधवार को कोई अवकाश नहीं था, लेकिन सभी महत्वपूर्ण कार्यालय खाली नजर आये. सुरक्षा कर्मचारियों संग उपस्थित हुए राज्यपाल जगदीप धनखड़ का अभिनंदन कलकत्ता यूनिवर्सिटी एंपलॉइज एसोसिएशन के सदस्यों ने किया.
यहां वाइस चांसलर तो सुबह से ही नदारद रहीं, लेकिन जो अन्य उच्च अधिकारी अपने कक्ष में बैठे थे, वे भी राज्यपाल के आने के साथ ही गायब हो गये. वाइस चांसलर सोनाली बनर्जी के कक्ष के बाहर खुले स्थान पर ही राज्यपाल ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा उनको 28 नवंबर को लिखित सूचना दी गयी थी कि 4 दिसंबर को होने वाली 102 सदस्यों की सीनेट की बैठक में वे आकर अध्यक्षता करें.
इस प्रस्ताव को उन्होंने स्वीकार कर लिया. इसके एक दिन बाद ही सीनेट के सभी सदस्यों के हवाले से इस बैठक को रद्द करने की सूचना दी गयी. इसके बाद उनके कार्यालय की ओर से वाइस चांसलर को फिर से सूचित किया गया कि वे चार दिसंबर को ही कैम्पस में आकर कलकत्ता यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी का जायजा लेने आयेंगे. इसके बावजूद यहां वीसी व अन्य कोई अधिकारी यहां मौजूद नहीं है. वाइस चांसलर के कक्ष में ताला लगा हुआ है.
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि देश के किसी भी उच्च शिक्षा के संस्थान में इस तरह की अवमानना कहीं नहीं हुई है. कोई शिक्षा संस्थान ऐसा राज्य की मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही कर सकता है. यूनिवर्सिटी के चांसलर के रूप में मुझे अधिकार है कि मैं वाइस चांसलर के विरुद्ध डिसिप्लीनरी कार्रवाई करूं, लेकिन मैंने यह शपथ ली है कि मैं संवैधानिक नियमों की गरिमा व पद की प्रतिष्ठा बनाये रखूंगा.
मैं यहां पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करने आया हूं. हाल ही में कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने विश्व में उच्च एकेडमिक का दर्जा हासिल किया है, ऐसा करने से पूरी दुनिया में बंगाल के इस संस्थान का गलत प्रभाव पड़ेगा. मैंने पहले भी मुख्यमंत्री से अपील की थी कि विश्वविद्यालयों को राजनीति के कुचक्र से दूर रखें.
एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि वे कोई रबड़ स्टैम्प या पोस्ट ऑफिस नहीं हैं. वे आंख बंद कर कोई फैसला नहीं ले सकते हैं. विधानसभा की बिल्डिंग, वहा की सुविधाओं व लाइब्रेरी का जायजा लेने के लिए वे गुरुवार को विधानसभा में 10.30 बजे जायेंगे. विमान बनर्जी को सुबह ही इसकी लिखित सूचना दी गयी है. इस दौरे से उनको विधानसभा के समृद्ध इतिहास के बारे में जानने का मौका मिलेगा.
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष विमान बनर्जी ने मंगलवार को दो दिन के लिए विधानसभा निरस्त करने की घोषणा की थी. उन्होंने यह कहा था कि विधानसभा में जो विधेयक पेश होने थे, उन्हे अब तक राज्यपाल से मंजूरी नहीं मिली है. इसी का जवाब देते हुए राज्यपाल ने कहा, ‘राज्यपाल के तौर पर मैं हमेशा संविधान का पालन करता हूं और एक अधिवक्ता होने के नाते मुझे कानून की भी अच्छी जानकारी है. मैं आंख बंद कर कोई फैसला नहीं ले सकता.
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