सिर्फ नाम का बैन! धड़ल्ले से बिक रहे हैं गुटखा व पान मसाले

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Nov 2019 2:08 AM

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लोगों ने कहा, सख्ती से हो बैन, नहीं तो कोई फायदा नहीं कहीं चोरी-छिपे, तो कहीं खुलेआम हो रही है बिक्री कोलकाता : साल भर के लिए गुटखा और पान मसाले की बिक्री से लेकर बनाने पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने के बावजूद सभी बाजारों और दुकानों में खुलेआम गुटखा व पान मसाले दिख […]

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लोगों ने कहा, सख्ती से हो बैन, नहीं तो कोई फायदा नहीं

कहीं चोरी-छिपे, तो कहीं खुलेआम हो रही है बिक्री
कोलकाता : साल भर के लिए गुटखा और पान मसाले की बिक्री से लेकर बनाने पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने के बावजूद सभी बाजारों और दुकानों में खुलेआम गुटखा व पान मसाले दिख रहे हैं. पहले की तरह ही महानगर समेत आसपास के जिलों में धड़ल्ले से दुकानों पर गुटखा व पान मसालों की बिक्री हो रही है.
धर्मतला के कुछ स्थानों पर चोरी-छिपे दुकानदार बिक्री करते दिखे, तो कुछ जगहों पर खुलेआम बेच रहे थे. एक-दो दुकानदारों ने गुटखा और पान मसाले बेचना बंद कर दिया है. धर्मतला में एक दुकानदार सलीम ने बताया कि गुरुवार से ही गुटखा व पान मसाले पर प्रतिबंध के बाद उसने अपने दुकान में गुटखा व पान मसाले की बिक्री बंद कर दी है.
वहीं, कुछ दुकानदारों ने सरकार के इस फैसले को सराहनीय बताते हुए उनके हित पर भी ध्यान देने की बात कही. वहीं, आम लोगों का कहना है कि बैन सिर्फ आदेश में ही नहीं रह जाये, इसे जमीनी तौर पर हमेशा के लिए बैन करना जरूरी है. बैन हो, तो सख्ती से. नहीं तो कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि जिस तरह से बाजारों में ये उत्पाद हावी हो गये हैं, उन्हें बैन करने के लिए कड़ा कदम उठाना जरूरी है.
क्या कहते हैं दुकानदार
गुटखा व पान मसाला विक्रेता दुकानदार मोहम्मद जावेद का कहना है कि सरकार ने अच्छा किया. हम जैसे दुकानदारों के पास जो स्टॉक में है, वही बिक्री कर रहे हैं. खत्म होते ही पूरी तरह से बंद कर देंगे. मार्केट में दुकानदारों को सप्लाई बंद हो जायेगी, तो खुद ही यह बंद हो जायेगा. लेकिन सप्लाई अभी बंद नहीं हुई है, इसलिए कई जगहों पर दुकानदार अभी बिक्री कर रहे हैं. दुकानदार गुलशन साव का कहना है कि सरकार ने जनता के हित में बेहतर काम किया है.
एक साल बाद अगर फिर शुरू हो जायेगी, तो फिर दिक्कतें होगी. अगर बंद हो रहा है, तो पूरी तरह से ही बंद होना चाहिए, क्योंकि गुटखा और पान मसाले स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक हैं. वहीं, जय दे नामक दुकानदार ने कहा कि कोई भी चीज ज्यादा मात्रा में हानिकारक है. गुटखा और पान मसाले भी लोग सीमा से अधिक खा रहे हैं. बैन होना अच्छी बात है. धीरे-धीरे बंद हो जायेगा, लेकिन जो ग्राहक इसकी गिरफ्त में आ गये हैं, वे किसी भी हालत में कहीं से भी खोजकर खायेंगे. इस पर पूरी तरह से बैन लगाना असंभव है.
छोटे दुकानदारों पर सिर्फ बैन का असर दिखेगा, लेकिन जो बड़े डीलर, सप्लायर और बनानेवाले हैं, उनपर कोई असर नहीं होगा. नशा कभी बंद नहीं हो पाया है और नहीं हो पायेगा. दुकानदार जोगिंदर साव का कहना है कि गुटखा व पान मसाले से लोगों को नुकसान होता है, यह बंद होना ही चाहिए. लेकिन हम जैसे दुकानदारों को नुकसान होगा.
दुकानदार रामचंद्र राय का कहना है कि यह सही कदम उठाया गया है. लेकिन सरकार को हमलोगों के लिए समय देना चाहिए, क्योंकि ऐसे अचानक बैन लगा देने से लाखों दुकानदार सड़क पर आ जायेंगे. हमारा व्यवसाय और दुकान प्रभावित होगा. दुकानों पर निर्भर परिवार के सामने विकट समस्या खड़ी हो जायेगी.
क्या कहते हैं आम लोग
इधर, शंकर जायसवाल का कहना है कि सरकार को शुरू में ही इन उत्पादों पर रोक लगाना चाहिए था. अब नशे की गिरफ्त में आये लोगों को बैन लगाकर उन्हें रोका नहीं जा सकता है. राजेश कुमार का कहना है कि बंद पूरी तरह से हो जाये, तो ठीक है सिर्फ एक साल के लिए बंद करेंगे और फिर धीरे-धीरे इसकी डिमांड बढ़ जायेगी और फिर मार्केट में अधिक दाम पर बिक्री होने लगेगी. यह ठीक नहीं है.
आलोक मंडल का कहना है कि सरकार ने बैन लगाकर अच्छा किया है, लेकिन जो इसके आदी हैं, वे छोड़ नहीं पा रहे हैं. मैं खुद गुटखा जैसे पान मसाले का आदी हो गया हूं और इसे छोड़ नहीं पा रहा हूं. मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि यह सब सिर्फ नाम का बैन है. बैन लगाने से कुछ होनेवाला नहीं है. सरकार को जो भी करना है, कार्रवाई करे.
लेकिन जो इसके आदी हो गये हैं, वे किसी भी तरह से नहीं छोड़ेंगे. रवींद्र रजक का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से बहुत अच्छा कदम उठाया गया है. यह होना बहुत जरूरी था. ऐसे सारे चीजों पर ही प्रतिबंध लगा देना चाहिए, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर अधिक असर पड़ रहा है. जो शरीर के लिए नुकसानदायक हैं.
हेमंत मंडल का कहना है कि सरकार ने अच्छा किया है. यह कदम पहले ही उठाना चाहिए था. गुटखा-पान मसालों की बिक्री नहीं होगी, तो धीरे-धीरे लोग खाना भी बंद कर देंगे. मैं भी गुटखा खाता हूं लेकिन बंद होने के बाद नहीं मिलेंगे, तो धीरे-धीरे खुद मेरी आदत छूट जायेगी. अखिलेश यादव का कहना है कि समाज हित में सरकार ने सही कदम उठाया है. सरकार को और पहले ही बैन लगाना चाहिए. मार्केट में सख्ती से बैन होना जरूरी है. सिर्फ नाम मात्र बैन होने से कोई फायदा नहीं है. गुटखा और पान मसाले बैन होने से कई की जाने हर साल बच जायेगी.
बापी रथ का कहना है कि यह अच्छा काम किया गया है, लेकिन यह पूरी तरह से बंद हो, तब इसे अच्छा कहा जा सकता है, क्योेंकि नियम सिर्फ नियम बन कर ही रह जाते हैं.
राज्य सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से गत 25 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर सात नवंबर 2019 से एक साल तक गुटखा व पान मसाला के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गयी. अधिसूचना के अनुसार तंबाकू व निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाले के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है.
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