गर्मियों में उगायी जा रहीं जाड़े की सब्जियां

Updated at : 13 May 2019 5:51 AM (IST)
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गर्मियों में उगायी जा रहीं जाड़े की सब्जियां

मालदा : जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो रही है. कम से कम यह बात कालियाचक दो नंबर ब्लॉक इलाके के लिये जरूर लागू होती है. यहां के किसान कृषि विभाग के मार्गदर्शन से गर्मियों में जाड़े के मौसम की सब्जियां उगा रहे हैं. इससे उन्हें महंगी बिकने वाली सब्जियों पर […]

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मालदा : जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो रही है. कम से कम यह बात कालियाचक दो नंबर ब्लॉक इलाके के लिये जरूर लागू होती है. यहां के किसान कृषि विभाग के मार्गदर्शन से गर्मियों में जाड़े के मौसम की सब्जियां उगा रहे हैं. इससे उन्हें महंगी बिकने वाली सब्जियों पर दुगुना से तिगुना मुनाफा हो रहा है.

ये किसान मनरेगा योजना के तहत छोटे छोटे स्वनिर्भर दल गठित कर फूलगोभी और बंधागोभी उगा रहे हैं. इससे इन किसानों के साथ ग्राम पंचायतों को भी लाभ हो रहा है. साथ ही इलाके से अन्य राज्यों में जाकर मजदूरी करने वालों की संख्या में हाल में कमी आयी है. यह इसी योजना के बदौलत है.
बागवानी विभाग मालदा के सहायक अधिकारी राहुल चक्रवर्ती ने बताया कि राज्य सरकार के संबंधित विभाग से किसानों को गर्मी के मौसम में फूलगोभी और बंधागोभी उगाने में हरसंभव मदद और सलाह दी जा रही है. जिला प्रशासन और बागवानी विभाग की पहल पर यह नया प्रयोग किया गया है जो बेहद सफल रहा है. भविष्य में अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की खेती को प्रोत्साहित किया जायेगा.
कालियाचक दो नंबर ब्लॉक के किसान एमादुल शेख, नसीरुद्दीन मियां, अमजद शेख ने बताया कि हम लोग जाड़े में फूलगोभी और बंधागोभी की खेती करते थे. उसके बाद साल के छह माह हमारे खेत यों ही खाली रहते थे.
लेकिन गर्मियों में भी इन सब्जियों की खेती हो सकती है यह उन्हें मालूम नहीं था. उन्होंने बताया कि इस अनूठी खेती के लिये जमीन को अच्छी तरह चारों ओर से घेर लिया जाता है ताकि फसलों तक तेज गर्मी का असर नहीं पहुंचे. उसके बाद जमीन पर पालीथिन, चटाई और शंठी की मदद से छज्जा तैयार की जाती है.
इन छज्जों को पानी से भींगो कर रखा जाता है ताकि सब्जियों को धूप से बचाया जा सके. इनके अलावा स्प्रे के जरिये भी फसल को शीतल रखा जाता है. इस तकनीक से गर्मियों में भी जाड़े के मौसम की सब्जियां हम लोग उगा रहे हैं. हम लोगों ने इन सब्जियों को बाजार में बेचना भी शुरु कर दिया है. इससे काफी मुनाफा भी मिल रहा है.
मोथाबाड़ी गांव के किसान तुहिन मंडल और हामिदुर शेख ने बताया कि जाड़े में फूलगोभी प्रति किलो 10 रुपये की दर से बिकती है. वही गर्मियों में यह 70-80 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है.
हालांकि सब्जियों की खेती में एक ही तरह का खर्च है. केवल हिफाजत करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि एक बीघा जमीन में गोभी की खेती करने में तीन से पांच हजार रुपये की लागत आती है. लेकिन इसकी तुलना में मुनाफा काफी अधिक है.
कालियाचक दो नंबर ब्लॉक प्रशासन के अनुसार इस अनूठे प्रयोग से किसानों के साथ ग्राम पंचायतें भी आर्थिक रुप से स्वावलंबी हो रही हैं. उत्पादन के लाभ का 75 फीसदी किसानों को मिल रहा है. बाकी 25 फीसदी संबंधित ग्राम पंचायतों को मिल रहा है. ग्राम पंचायतें इस तरह की विशेष खेती के लिये किसानों को आर्थिक रुप से मदद भी देती हैं. इसमें जैव खाद का इस्तेमाल किया जाता है.
मोथाबाड़ी से विधायक सबीना यासमीन ने बताया कि यह योजना राज्य सरकार का नया प्रयोग है. इससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं. योजना की सफलता के बाद अन्य राज्यों में जाकर मजदूरी करने वालों की संख्या में कमी आयी है. चूंकि इस खेती से जहां खेतों में सब्जी उगाने के अलावा सब्जियां बेचकर भी श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं.
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