25 स्कूलों को डीआइ ने गंदगी मुक्त रखने का नोटिस भेजा

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के डिस्ट्रेक्ट इन्सपेक्टर्स ऑफ स्कूल्स (डीआइ) कार्यालय की ओर से कुछ स्कूलों को एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें स्कूलों को यह चेतावनी दी गयी है कि आपके स्कूल में कूड़े, गंदे पानी व ड्रेन जाम रहने की कोलकाता नगर निगम की ओर से शिकायतें मिली हैं. इससे डेंगू या […]

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के डिस्ट्रेक्ट इन्सपेक्टर्स ऑफ स्कूल्स (डीआइ) कार्यालय की ओर से कुछ स्कूलों को एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें स्कूलों को यह चेतावनी दी गयी है कि आपके स्कूल में कूड़े, गंदे पानी व ड्रेन जाम रहने की कोलकाता नगर निगम की ओर से शिकायतें मिली हैं.

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इससे डेंगू या अन्य कोई बीमारी मच्छरों के कारण हो सकती है. बच्चों को इससे बचाने के लिए शीघ्र साफ-सफाई करवाएं अन्यथा इसके खिलाफ कारर्वाई की जायेगी. सभी स्कूलों को परिसर में साफ-सफाई रखने का निर्देश दिया गया है. इसमें कहा गया है कि कोलकाता नगर निगम को मिली शिकायत के बाद निगम ने डीआइ को पत्र लिख कर स्कूलों को आगाह करने के लिए कहा है.
डीआई की ओर से स्कूलों को इसकी व्यवस्था कर कैम्पस को गंदगी मुक्त रखने का निर्देश दिया गया है. डेंगू या मच्छरों से होने वाली बीमारी से बचने के लिए स्कूल कैम्पस को साफ-सुथरा रखना सभी के लिए अनिवार्य है. डीआइ के इस निर्देश से कई हैडमास्टर संतुष्ट हैं.
जिन 25 स्कूलों को नोटिस भेजा गया है, उनमें अभय चरण विद्या मंदिर, पाठ भवन, भानीपथ गल्स स्कूल, बेलेघाटा देशबंधु एचएस, बीआर, कस्बा बालिका विद्यालय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट जैसे स्कूल शामिल हैं. इनमें से कुछ स्कूलों के हेडमास्टरों ने दावा किया कि उनके यहां पूरी सफाई है, फिर भी कैसे शिकायत की गयी है, यह उनको समझ में नहीं आ रहा है.
इस विषय में बंगीय शिक्षा-ओ-शिक्षा कर्मी समिति के सहसचिव सपन मंडल का कहना है कि जिन स्कूलों को सूची भेजी गयी है, उससे कई ज्यादा स्कूलों में गंदगी व कूड़े का परिवेश है, वहां नोटिस नगर निगम ने क्यों नहीं भेजा है. कोलकाता नगर निगम इसमें भी पक्षपात कर रहा है.
राज्य के कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां की मैनेजिंग कमेटी में टीएमसी नेता अध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं, वहा भी स्कूलों में कूड़ा व गंदगी का अंबार है, वहां साफ-सफाई के लिए नोटिस क्यों नहीं भेजा गया है. ऐसे स्कूल नगर निगम की सूची में क्यों नहीं हैं. निगम व डीआइ को उन स्कूलोें पर भी नजर रखनी चाहिए, जहां सफाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. फिलहाल इन 25 स्कूलों में प्रशासन सतर्क है.
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