कोलकाता के ईको पार्क में खुलेगा मिस्टी हब, पांच जुलाई को ट्रायल के तौर पर होगा शुभारंभ

Updated at : 03 Jul 2018 1:25 AM (IST)
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कोलकाता के ईको पार्क में खुलेगा मिस्टी हब, पांच जुलाई को ट्रायल के तौर पर होगा शुभारंभ

कोलकाता : मिठाइयों के मामले में देश के किसी भी जगह की तुलना में पश्चिम बंगाल की मिठाई अधिक प्रसिद्ध है. ऐसे ही अब जल्द ही हर तरह के विभिन्न ब्रांडेड मिठाईयों के लिए कोलकाता के मशहूर इको पार्क में मिस्टी हब खुलने जा रहा है. ट्रायल के रूप में पांच जुलाई को इसका शुभारंभ […]

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कोलकाता : मिठाइयों के मामले में देश के किसी भी जगह की तुलना में पश्चिम बंगाल की मिठाई अधिक प्रसिद्ध है. ऐसे ही अब जल्द ही हर तरह के विभिन्न ब्रांडेड मिठाईयों के लिए कोलकाता के मशहूर इको पार्क में मिस्टी हब खुलने जा रहा है. ट्रायल के रूप में पांच जुलाई को इसका शुभारंभ किया जायेगा और मूल रूप से अक्टूबर माह से इसे शुरू कर दिया जायेगा.
इसकी जानकारी सोमवार को राज्य सरकार की ओर से इको पार्क में आयोजित गेट टू गेदर के दौरान हिडको के चेयरमैन देबाशीष सेन ने दी. उन्होंने कहा कि यह देश में पहले तरह का मिस्टी हब होगा. इससे पहले बर्दवान में एक छोटे स्तर पर खोला गया था लेकिन यह बड़े स्तर पर खुलेगा, जो देश के साथ-साथ बाहरी देशों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा.
रहेगी सारी ब्रांडेड मिठाइयां
उन्होंने बताया कि इस मिस्टी हब में सबी ब्रांडेड मिठाइयां उपलब्ध रहेंगी. देश के किसी भी कोने के हर तरह की मिठाइयां यहां आसानी से मिल जायेंगी.इनकी गुणवत्ता काफी बेहतर रहेगी. इस मिस्टी हब में कुल दस काउंटर होंगे. एक काउंटर केवल बंगाल की मिठाइयों के होंगे.
श्री सने ने बताया कि पश्चिम बंगाल में लोकल स्तर पर जिलों में भी कई तरह की मिठाइयां काफी अच्छी होती हैं. वे सारी मिठाइयां इस एक काउंटर में उपलब्ध रहेंगी, जहां से आप सिर्फ बंगाल की लोकल मिठाइयों को आसानी से ले सकते हैं. इस काउंटर से लोकल स्तर की हर जिले की अच्छी व प्रमुख मिठाइयां मिल जायेंगी.
हर तीन माह पर होंगे परिवर्तन
उन्होंने बताया कि सिर्फ इस एक काउंटर से मिठाइयों का परिवर्तन होता रहेगा. हर तीन माह पर कभी बर्दवान की मिठाइयां, तो कभी बीरभूम जिले की, तो कभी दक्षिण 24 परगना की मिठाइयां उपलब्ध रहेंगी. इसमें मोहन भोग, लोबोंगो लतिका, रसगोल्ला, भापा दही, मलाई चम-चम, नोलेन गुड़ का पायस, पंतुआ, पटी शापता, राजभोग, छेनार जीलापी, काला जाम, दरबेश, पायस, शोर भाजा, लेडी केन्नी, खीरकदम, निकुटी, सीता भोग, खिर का चप, मिठा दही समेत हर तरह की बंगाल की लोकल मिठाइयां उपलब्ध रहेंगी.
राजस्व, टूरिस्ट, बाहरी देशों के लिए भी सुविधा
उन्होंने बताया कि इससे बंगाल का ब्राडिंग के साथ-साथ राजस्व भी बढ़ेगा. टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा. बंगाल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिग भी होगी. साथ ही दूसरे राज्य व दूसरे देशों से भी आनेवाले लोगों को इस मिस्टी हब से मिठाई ले जाने में किसी तरह की दिक्कते नहीं होगी क्योंकि एयरपोर्ट से नजदीक होने के कारण उन्हें अधिक सुविधा होगी.
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