महानगर में खालों के किनारे से हटेगा अतिक्रमण

कोलकाता नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक
कोलकाता. महानगर में खालों के आसपास स्थित सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है. इसके चलते सिंचाई विभाग खालों की ड्रेजिंग नहीं कर पा रहा है. इस समस्या को लेकर सोमवार को कोलकाता नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें मेयर फिरहाद हकीम, ड्रेनेज विभाग के मेयर परिषद सदस्य तारक सिंह, सिंचाई विभाग के सचिव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. बैठक खत्म होने के बाद मेयर ने बताया कि महानगर में कई खाल के किनारे जमीन पर अवैध कब्जा है. बेगोर खाल, बेलेघाटा खाल समेत अन्य खालों के किनारे खाली जमीन पर मकान बना लिया गया है. खालों की ड्रेजिंग से पहले अतिक्रमण हटाया जायेगा. उन्होंने सिंचाई विभाग को कई खालों के निकट पंपिंग स्टेशन बनाने की सलाह दी. खाल किनारे जिस जगह पर अवैध कब्जा नहीं हुआ है, वहां सड़क बनायी जायेगी. इससे पैदल चलने वाले लोगों को सहूलियत होगी.
सिलीगुड़ी में पानी की समस्या पर चर्चा
बैठक में सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब भी थे. उन्होंने बताया कि बैठक में सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में पानी की समस्या पर भी चर्चा हुई. महानंदा नदी से सटे छह किलोमीटर तक पेयजल की समस्या है. यहां जलापूर्ति के लिए सिंचाई विभाग को पाइप लाइन बिछाना था, पर पांच वर्षों तक यह काम नहीं हो सका. अब शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने यह कार्य केएमडीए को सौंपा है. केएमडी वहां एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगायेगा. जल परियोजनाओं पर कुल 518 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. दो चरणों में कार्य पूरा होगा. पहले चरण में 202 करोड़ रुपये खर्च होंगे. परियोजना का कार्य जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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