राहुल सांकृत्यायन की मूर्ति गायब होने पर भाजपा व माकपा समर्थकों के बीच हो गयी झड़प, क्षेत्र में तनाव

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माकपा व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई.

माकपा व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई.

रानीगंज में राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा गायब होने के मुद्दे पर भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हाथापाई और झड़प हुई. इलाके में तनाव का माहौल है.

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रानीगंज पंजाबी मोड़ चौराहे के पास से गायब हुई महापंडित राहुल सांकृत्यायन की आपादमस्तक प्रतिमा को इलाके में बुधवार को भाजपा और माकपा समर्थकों के बीच जम कर झड़प हो गयी. पुलिस-बल ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति नियंत्रित की. आरोप है कि माकपा की रैली से भाजपा और आरएसएस को लेकर कुछ अपशब्द कहा गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गयी और भाजपाई जाकर माकपा के कैडरों से भिड़ गये.

  • रानीगंज के विधायक ने कहा : आधिकारिक रूप से हमलोग स्थापित करने जा रहे राहुल जी की मूर्ति, पहले लगी मूर्ति आधिकारिक खाते में नहीं थी दर्ज
  • माकपा जिला सचिव गौरांग चटर्जी बोले : होगा बड़ा आंदोलन, गुडों से कराया गया है हमला, इससे हम नहीं डरनेवाले

भाजपा नेता व रानीगंज के विधायक पार्थ घोष ने कहा कि आंदोलन करने का अधिकार सबको है, पर भाजपा व आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया जायेगा, तो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. माकपा जिला कमेटी के सचिव व पूर्व विधायक गौरांग चटर्जी ने कहा कि शांतिपूर्ण रैली पर गुंडों से हमला कराया गया है. अब इससे भी बड़ा आंदोलन होगा.

शिशुबागान मोड़ से पंजाबी मोड़ तक निकली विरोध रैली

12 जुलाई की रात को पंजाबी मोड़ इलाके में स्थित पंडित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा गायब हो गयी. प्रतिमा को किसने हटाया और क्षतिग्रस्त किया, इसकी निष्पक्ष जांच तथा प्रतिमा को पूर्व स्थान पर पुनः स्थापित करने की मांग को लेकर बुधवार को जनवादी लेखक संघ और पश्चिम बंग गणतांत्रिक लेखक संघ के बैनर तले एक विरोध रैली निकाली गयी.

हाथों में माकपा का झंडा थामे प्रदर्शनकारी शिशुबागान मोड़ से रवाना हुए और राम बगान मोड़ होते हुए पंजाबी मोड़ पहुंचे. पंजाबी मोड़ पर जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित थी, वहीं बैठकर प्रदर्शनकारियों ने पथसभा और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. पास में ही विधायक के कार्यालय निर्माण कानकार्य चल रहा है. इस वजह से वहां पहले से ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे. प्रदर्शन के दौरान माकपा नेताओं द्वारा दिए जा रहे भाषणों और कथित टिप्पणियों को लेकर माहौल अचानक गरमा गया और देखते ही देखते दोनों ओर से जोरदार नारेबाजी होने लगी, बाद में हाथापायी और धक्का-मुक्की में बदल गयी.

अराजकता और अपशब्द नहीं करेंगे बर्दाश्त : पार्थ घोष

रानीगंज के विधायक पार्थ घोष ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में संविधान के दायरे में रह कर विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सबको है, लेकिन अगर विरोध प्रदर्शन के नाम पर कोई देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री, भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करेगा, तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा गायब हुई, इसे हमलोगों ने लगाने का निर्णय लिया है. पहले जो मूर्ति लगी थी, इसका किसी भी सरकारी खाते में रिकॉर्ड नहीं है. इस मुद्दे को राजनीति रंग देकर वामपंथी संगठन विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की हो रही कोशिश : गौरांग चटर्जी

माकपा जिला सचिव व पांडवेश्वर के पूर्व विधायक गौरांग चटर्जी ने पुलिस प्रशासन और भाजपा पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया. कहा कि पुलिस की मौजूदगी में लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज करा रहे कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और उनका माइक बंद कर दिया गया. मेरे साथ मारपीट की गयी, पुलिस भाजपा की होकर कार्य कर रही है, माकपा फिर आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि जब रात के अंधेरे में चोरी होती है, तो वर्तमान प्रशासन उसे रोक नहीं पाता. राज्य में अपराधियों का बोलबाला हो चुका है. पुलिस के सामने कैडरों पर हमला हुआ, इस जुल्म व अत्याचार के खिलाफ वामपंथी अपना संघर्ष जारी रखेंगे.


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