खेतों से इंडस्ट्रियल सिटी तक, रायबरेली के किसान होंगे मालामाल, 26 हजार करोड़ का प्लान प्रस्तावित और 2.54 लाख रोजगार का अवसर

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रायबरेली के किसानों की बदलेगी तस्वीर

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UP News: रायबरेली के बछरावां को 26,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा. यह परियोजना 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली होगी और 2.54 लाख से अधिक रोजगार पैदा करने की उम्मीद है.

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UP News: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क के विस्तार के साथ नए औद्योगिक केंद्र विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है. इसी कड़ी में रायबरेली जिले के बछरावां क्षेत्र को बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना है. प्रस्तावित बछरावां औद्योगिक शहर करीब 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा.

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26 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्लान

इस परियोजना को चार चरणों में विकसित करने की योजना है. प्रोजेक्ट के लिए 2026 से 2051 तक की समयसीमा प्रस्तावित है. पूरी परियोजना पर करीब 26,000 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है. इसके जरिए ऑटोमोबाइल, डिफेंस, रेलवे, लॉजिस्टिक्स समेत कई क्षेत्रों में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की योजना है.

चार चरणों में बदलेगा बछरावां का औद्योगिक नक्शा

पहले चरण में 2026 से 2031 के बीच 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. दूसरे चरण में 2031-2036 के दौरान 19 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए 4,750 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. तीसरे चरण में 2036-2041 के बीच 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विकसित होगा, जिस पर करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

चौथे चरण में 45 वर्ग KM क्षेत्र का होगा विकास

परियोजना के चौथे चरण में 2041 से 2051 के बीच 45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विकसित करने की योजना है. इस चरण के लिए करीब 11,250 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है. इस तरह चारों चरण पूरे होने के बाद बछरावां क्षेत्र एक बड़े औद्योगिक क्लस्टर के तौर पर विकसित हो सकता है.

150 हेक्टेयर में बनेगा मल्टीमॉडल फ्रेट सेंटर

प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा 150 हेक्टेयर में प्रस्तावित मल्टीमॉडल फ्रेट सेंटर होगा. इसके निर्माण पर करीब 1,300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. फ्रेट सेंटर में सालाना करीब 30 लाख टन कार्गो संभालने की क्षमता प्रस्तावित है. यहां आधुनिक वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और कंटेनर हैंडलिंग टर्मिनल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

रेलवे कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित फ्रेट सेंटर को सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है. इससे माल की आवाजाही को आसान बनाने और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. परियोजना के जरिए 2.54 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है. इससे बछरावां के साथ आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं.

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