UP सरकार 2026 में क्यों नहीं करा पा रही ग्राम पंचायत चुनाव?, जानिए 10 महत्वपूर्ण बातें

Updated:
विज्ञापन

यूपी पंचायत चुनाव 2026

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

यूपी में 2026 पंचायत चुनाव की तारीख अटकी है. OBC आरक्षण, परिसीमन और कोर्ट की सुनवाई के कारण चुनाव में देरी हो रही है. जानिए पूरी वजह

विज्ञापन

UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर गांवों में बेचैनी बढ़ती जा रही है. ग्राम प्रधान से लेकर बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य बनने की तैयारी कर रहे दावेदार चुनाव की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अब तक मतदान कार्यक्रम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है. खास बात यह है कि एक ओर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गयी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच पहुंच रहे हैं, विपक्षी दल भी चुनावी तैयारियों में जुटे हैं और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं, लेकिन पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों की ओर से चुप्पी बनी हुई है. दूसरी ओर, प्रदेश की निगाहें कोर्ट में चल रही सुनवाई पर टिकी हैं, लेकिन सुनवाई भी आगे बढ़ती जा रही है. ऐसे में सवाल है कि पंचायत चुनाव आखिर कब होगा और 2026 में चुनाव कराने की राह में कौन-कौन से पेंच फंसे हैं?

विज्ञापन

पंचायतों का कार्यकाल पूरा, लेकिन चुनाव कार्यक्रम नहीं आया

उत्तर प्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल 2021 में हुआ था. पांच साल का कार्यकाल 2026 में पूरा हो चुका है, इसके बावजूद अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग ने आम पंचायत चुनाव के लिए मतदान कार्यक्रम जारी नहीं किया है. यही वजह है कि गांवों में संभावित प्रत्याशियों की नजर लगातार चुनाव की तारीख पर बनी हुई है.

सबसे बड़ा पेच OBC आरक्षण का

यूपी पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण तय करना इस पूरी प्रक्रिया की अहम कड़ी है, इसके लिए सरकार ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था. आयोग को पिछड़ेपन से जुड़े आंकड़ों और सामाजिक-राजनीतिक स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करनी है, इसके बाद आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होगी.

आरक्षण तय हुए बिना सीटों का अंतिम गणित अधूरा

ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के पदों पर किस सीट को किस वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा, यह चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है. आरक्षण सूची जारी होने के बाद ही दावेदारों को अपनी सीट की वास्तविक स्थिति पता चलेगी, इसलिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी हुए बिना चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देना कठिन है.

हाईकोर्ट में भी चुनाव को लेकर सुनवाई हुई

यूपी पंचायत चुनाव में देरी का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. अदालत ने चुनाव प्रक्रिया और OBC आरक्षण को लेकर सरकार तथा राज्य निर्वाचन आयोग से जानकारी मांगी है. अदालत ने पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से आगे बढ़ाने के सवाल पर भी सख्त रुख अपनाया है.

मतदाता सूची में भी हुआ बदलाव

पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया चली. राज्य निर्वाचन आयोग ने 2026 की पंचायत मतदाता सूची उपलब्ध कराई है और मतदाता खोजने की सुविधा भी जारी है. आयोग की वेबसाइट पर अब पंचायत 2025-26 की मतदाता सूची और वोटर सर्च की व्यवस्था मौजूद है.

परिसीमन से बदले पंचायत और वार्ड के समीकरण

चुनाव से पहले पंचायतों और वार्डों की स्थिति में बदलाव भी महत्वपूर्ण है. अलग-अलग जिलों में परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के क्षेत्र में बदलाव हुआ है, इसका सीधा असर सीटों और चुनावी समीकरण पर पड़ता है. राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत और वार्ड का विवरण भी उपलब्ध कराया गया है.

सिर्फ चुनाव की तारीख तय करना काफी नहीं

पंचायत चुनाव एक बड़े स्तर की चुनावी प्रक्रिया है. मतदाता सूची, पंचायत और वार्ड का विवरण, आरक्षण, मतदान केंद्र, कर्मचारियों की तैनाती और चुनावी तकनीकी व्यवस्था जैसी तैयारियां पूरी करनी होती हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अगस्त 2026 में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के लिए FRS सर्वर की सुरक्षा, फायरवॉल, MDM और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी ऑडिट से जुड़ी ई-निविदा भी जारी की गई, इससे साफ है कि चुनाव की तकनीकी तैयारियां चल रही हैं.

चुनाव में EVM की तैयारियां भी शामिल

राज्य निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में मई 2026 में पंचायत चुनाव के लिए EVM खरीद से संबंधित ई-टेंडर का उल्लेख है. चुनाव प्रक्रिया के लिए सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि तकनीकी और मतदान संबंधी तैयारियां भी आगे बढ़ाई जा रही हैं.

सोशल मीडिया पर चल रही तारीखों पर भरोसा नहीं

पंचायत चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तारीखें वायरल होती रही हैं, लेकिन जब तक राज्य निर्वाचन आयोग आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं करता, इन तारीखों को चुनाव की पक्की तारीख मानना सही नहीं है. सितंबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंचायत चुनाव के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा दिखाई नहीं देती.

अब सबसे बड़ा इंतजार आरक्षण और चुनाव कार्यक्रम का

यूपी पंचायत चुनाव की कई अहम तैयारियां आगे बढ़ चुकी हैं, लेकिन आरक्षण की अंतिम तस्वीर और आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम अभी सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पंचायत चुनाव 2025-26 के लिए मतदाता सूची, पंचायत विवरण और तकनीकी तैयारियों से संबंधित गतिविधियां जारी हैं. ऐसे में अब गांवों की नजर आरक्षण सूची और चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना पर है.

यह भी पढ़ें: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को वोटिंग, ऐसे समझें BJP-सपा के बीच सीटों का गणित

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola