UP में स्मार्ट मीटर ने फिर बढ़ाई मुश्किल! बिल चुकाने के बाद भी क्यों गुल रही घंटों बिजली? जानें पूरा मामला

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बिल भरा, फिर भी नहीं आई बिजली

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्मार्ट मीटर एक बार फिर चर्चा में हैं. प्रीपेड से पोस्टपेड किए गए करीब 5 हजार बिजली कनेक्शन बिल बकाया होने के कारण काट दिए गए. भुगतान के बावजूद तकनीकी खामियों से घंटों बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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Lucknow Electricity News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्मार्ट मीटर से जुड़ी परेशानियां एक बार फिर सामने आई हैं. प्रीपेड से पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर वाले करीब 5 हजार बिजली कनेक्शन बकाया बिल के कारण काट दिए गए. इसके बाद कई उपभोक्ताओं ने बकाया बिल का भुगतान भी कर दिया, लेकिन तकनीकी खामी के चलते बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं हो सकी. इससे उमस भरी गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों समेत कई परिवारों को घंटों बिना बिजली रहना पड़ा.

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कनेक्शन कटते ही बिलिंग केंद्रों पर लगी लाइन

लेसा की कार्रवाई से लखनऊ सेंट्रल क्षेत्र में 3500 से अधिक परिवार प्रभावित हुए. बिजली कटने के बाद हुसैनगंज, अमीनाबाद और चौक समेत कई बिलिंग केंद्रों पर बकाया बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग गई. लोगों की परेशानी तब और बढ़ गई, जब पूरा बिल जमा करने के बाद भी कई घरों की बिजली ऑटोमैटिक सिस्टम से दोबारा चालू नहीं हुई. परेशान उपभोक्ता बर्लिंगटन चौराहे स्थित ओल्ड 1912 उपकेंद्र और लेसा कार्यालय पहुंचे और बिजली बहाल नहीं होने पर विरोध जताया.

‘तुरंत काट सकते हैं तो जोड़ने में देर क्यों?’

बिजली कटने से परेशान उपभोक्ताओं और लेसा कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. उपभोक्ताओं का सवाल था कि स्मार्ट मीटर के जरिए बकाया होने पर बिजली तुरंत काटी जा सकती है, तो भुगतान के बाद आपूर्ति तुरंत बहाल क्यों नहीं होती? कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन देर रात तक नहीं जुड़ सके. लेसा अधिकारियों के अनुसार, ईईएसएल मीटर में तकनीकी कारणों से री-कनेक्शन प्रक्रिया में कुछ समय लगा.

18,957 शिकायतों के निस्तारण पर भी उठे सवाल

लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान को लेकर भी विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं. मध्यांचल विद्युत निगम की 1912 हेल्पलाइन से मिले उपभोक्ता फीडबैक की समीक्षा में विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 18,957 शिकायतों का बिना जमीनी समाधान किए निस्तारण दर्ज किया गया. कई मामलों में उपभोक्ताओं से संपर्क किए बिना और तकनीकी समस्या दूर किए बिना शिकायतों को पोर्टल पर बंद दिखाया गया, जिसके बाद लोगों को शिकायतें दोबारा रि-ओपन करानी पड़ीं.

अमौसी में सबसे ज्यादा मामले रि-ओपन

आंकड़ों के मुताबिक, अमौसी जोन में 6,892 मामले रि-ओपन हुए. वहीं जानकीपुरम में 6,014, गोमतीनगर में 5,927 और लखनऊ सेंट्रल में 124 शिकायतें दोबारा दर्ज हुईं. अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने कहा कि अधिकारियों को शिकायतों का नियम के अनुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं. फर्जी तरीके से निस्तारण पाए जाने पर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

किन समस्याओं को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें?

उपभोक्ताओं की शिकायतों में अनियोजित बिजली कटौती, सप्लाई में खराबी, गलत या बढ़े हुए बिजली बिल, मीटर से जुड़ी तकनीकी कमियां और नए स्मार्ट मीटरों से संबंधित परेशानियां शामिल हैं. उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर आपत्ति जताई गई और रि-ओपन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शी समाधान करने के निर्देश दिए गए.

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