4,000 में पास कराने का 'खेल' खत्म, प्रयागराज ITI परीक्षा में सॉल्वर गैंग बेनकाब, प्रिंसिपल-परीक्षा प्रभारी समेत 11 गिरफ्तार

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प्रयागराज ITI परीक्षा में सॉल्वर गैंग बेनकाब (क्रेडिट सोशल मीडिया)

प्रयागराज ITI परीक्षा में सॉल्वर गैंग बेनकाब (क्रेडिट सोशल मीडिया)

UP News: प्रयागराज के राजकीय आईटीआई नैनी में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संस्थान के प्रिंसिपल, परीक्षा प्रभारी, चार अनुदेशकों और पांच सॉल्वरों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग कमजोर अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों से ऑनलाइन परीक्षा दिला रहा था.

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UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैनी में आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने छापेमारी कर संस्थान के प्रिंसिपल, परीक्षा प्रभारी, चार अनुदेशकों और पांच सॉल्वरों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि कमजोर अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों से ऑनलाइन परीक्षा दिलाई जा रही थी. मौके से 5.10 लाख रुपये नकद, कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और परीक्षा से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.

कमजोर छात्रों से वसूले जाते थे पैसे

एसटीएफ की जांच में पता चला कि परीक्षा में पास कराने के नाम पर कमजोर छात्रों से प्रति अभ्यर्थी चार हजार रुपये लिए जाते थे. इसके बाद उनके प्रवेश पत्र के आधार पर सॉल्वरों को अलग कंप्यूटर लैब में बैठाकर ऑनलाइन परीक्षा दिलाई जाती थी. सॉल्वर रोल नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर पूरी परीक्षा देते थे, जबकि बदले में उन्हें प्रति परीक्षा केवल 500 रुपये का भुगतान किया जाता था.

सूचना मिलने पर तीसरी पाली में हुई कार्रवाई

राजकीय आईटीआई नैनी में 11 जुलाई से कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही थी. लंबे समय से परीक्षा में अनियमितता और सॉल्वर बैठाने की शिकायतें मिल रही थीं. 29 जुलाई को तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने नैनी पुलिस के साथ कौशल विकास भवन में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान पांच सॉल्वर और संस्थान के छह अधिकारी-कर्मचारी मौके से गिरफ्तार कर लिए गए.

फरार अनुदेशक चला रहा था पूरा नेटवर्क

जांच में सामने आया कि इस पूरे रैकेट का संचालन पहले नैनी और वर्तमान में बांदा आईटीआई में तैनात अनुदेशक धीरन्जन कुमार कर रहा था. वह सॉल्वर उपलब्ध कराने से लेकर मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन करता था. फिलहाल वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

पूछताछ में सामने आई मिलीभगत, भारी मात्रा में सामान जब्त

एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ के दौरान प्रिंसिपल और अन्य आरोपियों ने परीक्षा के बदले वसूली गई रकम आपस में बांटने की बात स्वीकार की है. छापेमारी में 5.10 लाख रुपये नकद, पांच कंप्यूटर सेट, छह एंड्रॉयड मोबाइल, पेन ड्राइव, आधार और पैन कार्ड समेत परीक्षा से जुड़े 67 दस्तावेज बरामद किए गए हैं. मामले में नैनी थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है.

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कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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