जो जांच बाहर 3000 की थी, अब अस्पताल में होगी बिल्कुल मुफ्त, गोरखपुर महिला अस्पताल में AI मशीन से 90 सेकेंड में मिलेगी रिपोर्ट

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गोरखपुर महिला अस्पताल में AI मशीन से 90 सेकेंड में मिलेगी रिपोर्ट

UP News: गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल में अब मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सिक्टपल एआई-100 मशीन लगने से हीमोग्लोबिन, यूरिन जैसी कई माइक्रोस्कोपिक जांचें महज डेढ़ मिनट में पूरी हो जाएंगी. सबसे खास बात यह है कि बाहर जहां इन जांचों के लिए 3000 रुपये तक लगते हैं, वे अब अस्पताल में मरीजों के लिए बिल्कुल मुफ्त हैं.

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UP News: गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल में मरीजों को अब कई जरूरी जांचों के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अस्पताल की पैथोलॉजी में सिक्टपल एआई-100 मशीन लगाई गई है, जिसकी मदद से हीमोग्लोबिन, यूरिन समेत कई माइक्रोस्कोपिक जांचों की रिपोर्ट महज एक से डेढ़ मिनट में मिल सकेगी. मशीन से बुधवार से जांच शुरू हुई है और दो दिनों में अब तक 15 से 20 जांचें की जा चुकी हैं.

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सैंपल डालने के डेढ़ मिनट में पैथोलॉजिस्ट को मिलेगी रिपोर्ट

SIC डॉ. अनिल झा के मुताबिक, मशीन में सैंपल की जांच के बाद उसकी रिपोर्ट उस पैथोलॉजिस्ट के मोबाइल पर पहुंच जाएगी, जिसका नंबर सिस्टम में फीड किया गया है. इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बाहर की पैथोलॉजी में इन्हीं जांचों की रिपोर्ट सामान्य तौर पर तीन से चार घंटे, इमरजेंसी में करीब एक घंटे और कई मामलों में 24 घंटे तक में मिलती है. मशीन से एनीमिया की अलग-अलग कैटेगरी और कैंसर सेल्स का पता लगाने वाली जांच भी की जा रही है.

500 से 3000 रुपये तक की जांच अब अस्पताल में मुफ्त

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन जांचों के लिए मरीजों को बाहर की पैथोलॉजी में 500 से 3000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. जिला महिला अस्पताल में मशीन लगने के बाद ये सभी जांचें मरीजों के लिए निःशुल्क की जा रही हैं. अस्पताल में मशीन से होने वाली जांचों की लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है और इसके लिए बाकायदा रजिस्टर में हर जांच का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है.

38 लाख रुपये की लागत से लगी AI मशीन

जानकारी के मुताबिक, अत्याधुनिक सिक्टपल एआई-100 मशीन करीब 38 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई है. इसके फीचर्स एआई आधारित हैं और यह ब्लड व यूरिन के सैंपल की हाई-रिजॉल्यूशन डिजिटल इमेज तैयार करती है. मशीन ऑटोमैटिक तरीके से माइक्रोस्कोपिक जांच करने में सक्षम है. इसके आने से पैथोलॉजिस्ट और डॉक्टरों को माइक्रोस्कोप के जरिए घंटों सैंपल देखने की जरूरत कम होगी और जांच प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी.

बेहतर रिस्पॉन्स मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगी 11 और मशीनें

SIC डॉ. अनिल झा ने बताया कि फिलहाल मशीन को ट्रायल के तौर पर जिला महिला अस्पताल में लगाया गया है. कुछ दिनों तक इसकी कार्यक्षमता और रिपोर्ट की गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी. रिस्पॉन्स बेहतर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को 11 और मशीनें दी जाएंगी, जिन्हें अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित किया जाएगा. वहीं, डीएम दीपक मीणा ने एमसीएच विंग स्थित पैथोलॉजी पहुंचकर मशीन की वर्क कैपेसिटी और गुणवत्ता का जायजा लिया. उन्होंने ट्रेनर और प्रशिक्षण ले रहे पैथोलॉजिस्ट से मशीन के फीचर्स व संचालन की जानकारी ली और एआई आधारित इस तकनीक को अच्छी तरह समझकर मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

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