अब डेंगू से बचाव होगा आसान, पहली वैक्सीन 'क्युडेंगा' को मिली मंजूरी, जानिए संक्रमण से कैसे करती है बचाव

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डेंगू वैक्सीन की एआई सांकेतिक तस्वीर

डेंगू वैक्सीन की एआई सांकेतिक तस्वीर

UP News: भारत को डेंगू के खिलाफ पहली स्वीकृत वैक्सीन 'क्युडेंगा' मिल गई है, जो संक्रमण रोकने और गंभीर मामलों को कम करने में बेहद प्रभावी है. यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लिए उपलब्ध होगी और दो खुराक में दी जाएगी.

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UP News: उत्तर प्रदेश में पिछले पांच वर्षों के दौरान एक लाख से अधिक लोग डेंगू से संक्रमित हुए हैं. ऐसे में डेंगू से बचाव को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से मंजूरी मिलने के बाद देश को डेंगू के खिलाफ पहली स्वीकृत वैक्सीन 'क्युडेंगा' मिल गई है. विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन डेंगू संक्रमण रोकने के साथ-साथ गंभीर मामलों और अस्पताल में भर्ती होने के खतरे को भी काफी हद तक कम करने में प्रभावी है.

भारत को मिली पहली स्वीकृत डेंगू वैक्सीन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ स्थित सेंटर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च (सीबीएमआर) के पूर्व निदेशक व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आलोक धवन ने बताया कि भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वीकृत यह पहला टीका है. वैज्ञानिकों के अनुसार सात वर्षों तक वैक्सीन के प्रभाव और निगरानी के बाद यह सामने आया कि क्युडेंगा डेंगू संक्रमण को रोकने में करीब 80 प्रतिशत तक प्रभावी है. वहीं गंभीर मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 90 प्रतिशत तक कम पाया गया.

दो खुराक से मिलेगी सुरक्षा, पहले जांच की जरूरत नहीं

क्युडेंगा वैक्सीन 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वीकृत है. इसकी 0.5 मिलीलीटर की दो खुराकें तीन महीने के अंतराल पर दी जाएंगी. यह डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित करती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि टीका लगवाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होती कि व्यक्ति को पहले कभी डेंगू हुआ था या नहीं.

'मेक इन इंडिया' के तहत होगा उत्पादन

जापान की टाकेडा कंपनी द्वारा विकसित इस वैक्सीन का आयात टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया करेगी, जबकि 'मेक इन इंडिया' के तहत हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई के साथ मिलकर हर वर्ष करीब पांच करोड़ डोज बनाने की योजना है. शुरुआती अनुमान के अनुसार एक डोज की कीमत चार से पांच हजार रुपये हो सकती है. हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन के बावजूद डेंगू पर नियंत्रण के लिए मच्छरों के प्रजनन को रोकना, पानी जमा न होने देना और स्वच्छता बनाए रखना पहले की तरह ही जरूरी रहेगा.

2021 से 2025 तक यूपी में डेंगू के मामले

उत्तर प्रदेश में पिछले पांच वर्षों के दौरान डेंगू के एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 1,10,047 डेंगू संक्रमित मरीज दर्ज किए गए हैं. लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ क्युडेंगा वैक्सीन को डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं.

  • 2021: 29,750 मामले
  • 2022: 19,821 मामले
  • 2023: 35,402 मामले
  • 2024: 15,868 मामले
  • 2025: 9,206 मामले

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Khushboo Kumari

लेखक के बारे में

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खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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