फर्रुखाबाद में अनुपम दुबे गैंग पर शिकंजा, साथी संदीप की 43 लाख की संपत्ति पर कार्रवाई, जमीन पर लगा प्रशासन का बोर्ड

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संदीप की 43 लाख की संपत्ति पर प्रशासन की कार्रवाई

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Farrukhabad News: फर्रुखाबाद में जिला प्रशासन ने माफिया अनुपम दुबे गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 43.28 लाख रुपये कीमत की दो संपत्तियां जब्त की हैं. गैंगस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई है.

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UP News: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में जिला प्रशासन ने माफिया अनुपम दुबे गैंग के खिलाफ कार्रवाई की है. गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंग से जुड़े संदीप दुबे की 43.28 लाख रुपये कीमत के दो प्लॉटों को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है. दोनों प्लॉटों पर कुर्की की कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बोर्ड लगा दिया है. यह कार्रवाई जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के आदेश पर की गई.

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पुलिस और राजस्व की टीम ने की कार्रवाई

मंगलवार दोपहर करीब 3:15 बजे राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम दोनों प्लॉटों पर पहुंची. टीम में नायब तहसीलदार हरदीप सिंह, कानूनगो श्यामबाबू, लेखपाल प्रमोद शुक्ला, सर्वेयर विकास सिंह और मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे. टीम ने बढ़पुर के विकासनगर और गढ़ी अशरफ अली में स्थित दोनों प्लॉटों पर कार्रवाई की और वहां बोर्ड लगा दिया. थानाध्यक्ष ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को भी कार्रवाई की जानकारी दी.

22.04 और 21.26 लाख रुपये के हैं दोनों प्लॉट

प्रशासन के अनुसार, पहला प्लॉट विकासनगर में है, जिसकी कीमत 22.04 लाख रुपये बताई गई है. वहीं दूसरा प्लॉट गढ़ी अशरफ अली में स्थित है, जिसकी कीमत 21.26 लाख रुपये आंकी गई है. दोनों प्लॉटों की कुल कीमत 43.28 लाख रुपये है. प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब इन संपत्तियों पर कानूनी रोक रहेगी.

2021 में दर्ज हुआ था गैंगस्टर का मुकदमा

13 नवंबर 2021 को कोतवाली में माफिया अनुपम दुबे, उसके भाई अनुराग दुबे उर्फ बब्बन, अभिषेक रस्तोगी, सोनू और पंकज रस्तोगी उर्फ वंशी के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था. जांच के दौरान 9 अगस्त 2025 को मऊदरवाजा पुलिस ने संदीप दुबे का नाम भी इसी गैंग से जुड़ा पाया. इसके बाद उसकी संपत्ति के खिलाफ यह कार्रवाई की गई.

परिजन ने बताया पैतृक संपत्ति

वहीं, संदीप दुबे के परिजन आशीष दुबे का कहना है कि यह जमीन उनके पिता की मौत के बाद बंटवारे में मिली पैतृक संपत्ति है. इस पर पुलिस ने कहा कि अगर उनके पास जमीन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज हैं तो वे उन्हें जिलाधिकारी के सामने पेश कर सकते हैं.

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